
Uttarakhand News: उत्तराखंड में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर (SIR) को लेकर राजनीतिक घमासान तेज हो गया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को उधम सिंह नगर जिले के रुद्रपुर में आयोजित भाजपा की रैली के दौरान कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने विपक्षी पार्टी पर देश में अराजकता फैलाने और नकारात्मक राजनीति करने का आरोप लगाया। मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस एसआईआर की प्रक्रिया को लेकर जनता के बीच भ्रम फैलाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि मतदाता सूची का पुनरीक्षण कोई नई प्रक्रिया नहीं है।
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‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ रैली में शामिल हुए सीएम धामी

रुद्रपुर के गांधी पार्क में भारतीय जनता पार्टी की ओर से ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ रैली आयोजित की गई। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेश के अन्य भाजपा नेताओं के साथ इस कार्यक्रम में हिस्सा लिया और मार्च का नेतृत्व किया। रैली में बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता और समर्थक शामिल हुए। पूरे कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रीय ध्वज प्रमुखता से दिखाई दिए। भाजपा ने इस आयोजन के जरिए एसआईआर के खिलाफ कांग्रेस समेत विपक्षी दलों के विरोध का जवाब देने की कोशिश की।
एसआईआर के विरोध पर कांग्रेस से धामी ने पूछे सवाल
मुख्यमंत्री धामी ने कांग्रेस के एसआईआर विरोध को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची में सुधार और पुनरीक्षण की प्रक्रिया पहले भी होती रही है। फिर कांग्रेस इसका विरोध क्यों कर रही है? धामी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस कभी एसआईआर तो कभी अन्य मुद्दों के माध्यम से अराजकता फैलाने का प्रयास करती है। उन्होंने विपक्ष की ओर से निकाली जा रही न्याय यात्रा पर भी टिप्पणी की। मुख्यमंत्री के मुताबिक, लोकतांत्रिक व्यवस्था में मतदाता सूची का सही और पारदर्शी होना बेहद जरूरी है।
कांग्रेस को बताया भ्रष्टाचार की जननी
रैली को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कांग्रेस के राजनीतिक इतिहास पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने पार्टी पर भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने का आरोप लगाते हुए उसे भ्रष्टाचार की जननी करार दिया। धामी ने कहा कि जिस पार्टी ने देश में भ्रष्टाचार को जन्म दिया, वही आज अराजकता फैलाने का काम कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस नकारात्मक राजनीति के जरिए लोकतांत्रिक संस्थाओं और चुनावी प्रक्रियाओं को लेकर जनता के बीच अविश्वास पैदा करने की कोशिश कर रही है।
राहुल गांधी के बयान के बाद बढ़ा राजनीतिक टकराव
एसआईआर को लेकर भाजपा और विपक्ष के बीच विवाद उस समय और तेज हो गया, जब लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने नई दिल्ली के रामलीला मैदान में आयोजित इंडिया गठबंधन की रैली को संबोधित किया। इस दौरान राहुल गांधी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने और जेल भेजने से जुड़ा बयान दिया था। उन्होंने चुनाव प्रक्रिया में कथित वोट चोरी का आरोप भी लगाया था। राहुल गांधी के इस बयान के बाद भाजपा ने विपक्ष पर चुनाव आयोग को निशाना बनाने का आरोप लगाया।
एसआईआर के मुद्दे पर आमने-सामने भाजपा और कांग्रेस
मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर देशभर में राजनीतिक बहस जारी है। कांग्रेस और विपक्षी दल जहां इस प्रक्रिया को लेकर सवाल उठा रहे हैं, वहीं भाजपा इसे चुनावी व्यवस्था को मजबूत बनाने से जोड़ रही है। रुद्रपुर में आयोजित रैली के जरिए मुख्यमंत्री धामी ने भाजपा का पक्ष सामने रखा। अब एसआईआर को लेकर दोनों राजनीतिक खेमों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर और तेज होने के संकेत मिल रहे हैं।
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