Uttarakhand News: उत्तराखंड चुनाव 2027 से पहले देहरादून में बड़ा प्लान, बुजुर्गों को घर से वोटिंग की सुविधा

उत्तराखंड विधानसभा चुनाव 2027 से पहले देहरादून में प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। जिले में 2045 पोलिंग बूथ बनाए गए हैं, लेकिन बर्फबारी और नेटवर्क की समस्या चुनौती बन सकती है। बुजुर्गों को होम वोटिंग और दिव्यांगों को विशेष सुविधाएं मिलेंगी। आखिर चुनाव को लेकर क्या है पूरा प्लान? जानिए।

उत्तराखंड चुनाव 2027 से पहले देहरादून में बड़ा प्लान

Wrriten By :

Neha Mishra

Published On :

अक्टूबर 20, 2026

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Uttarakhand News: उत्तराखंड विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर देहरादून जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी है। जिले की सभी 10 विधानसभा सीटों के लिए कुल 2,045 पोलिंग बूथ बनाए गए हैं। इनमें 766 बूथ ग्रामीण क्षेत्रों में और 1,279 बूथ शहरी इलाकों में स्थित हैं। प्रशासन का लक्ष्य चुनाव प्रक्रिया को सुरक्षित, पारदर्शी और व्यवस्थित बनाना है। इसके लिए निर्वाचन से जुड़े अधिकारियों को जिम्मेदारियां सौंपने के साथ जरूरी व्यवस्थाएं समय से पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं।

डीएम ने अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश

जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने सोमवार को कलेक्ट्रेट स्थित ऋषिपर्णा सभागार में नोडल और सहायक नोडल अधिकारियों के साथ बैठक की। उन्होंने स्पष्ट किया कि निर्वाचन कार्यों में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी उपजिलाधिकारियों को मतदान केंद्रों पर बिजली, पेयजल, रैंप और शेड जैसी बुनियादी सुविधाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। मतदान स्थलों के नामों का सत्यापन करने और जिन केंद्रों पर चार से पांच बूथ हैं, वहां मतदाताओं के प्रवेश और निकास के लिए अलग-अलग रास्ते बनाने को भी कहा गया।

65 बूथों पर बर्फबारी, 19 पर नेटवर्क की चुनौती

बताते चलें कि, चुनाव के दौरान मौसम और संचार व्यवस्था प्रशासन के सामने बड़ी बन सकते हैं। फरवरी में जिले के 65 पोलिंग स्टेशनों पर बर्फबारी की आशंका जताई गई है। इसे देखते हुए प्रशासन पहले से आकस्मिकता योजना तैयार करेगा, ताकि खराब मौसम में मतदान व्यवस्था प्रभावित न हो। वहीं, मसूरी के सात और चकराता के 12 पोलिंग स्टेशन नेटवर्क शैडो एरिया में आते हैं। इन 19 केंद्रों पर कनेक्टिविटी बेहतर बनाने के निर्देश दिए गए हैं, जिससे चुनावी गतिविधियों की निगरानी और अधिकारियों के बीच संपर्क बना रहे।

सीमाओं पर बढ़ेगी निगरानी, बनेंगी विशेष टीमें

देहरादून की सीमाएं हिमाचल प्रदेश के सिरमौर और शिमला, उत्तर प्रदेश के सहारनपुर तथा उत्तराखंड के चार जिलों से लगती हैं। चुनाव के दौरान नकदी, शराब और अन्य प्रतिबंधित सामग्री की तस्करी रोकने के लिए सीमावर्ती क्षेत्रों में चेकपोस्ट स्थापित किए जाएंगे। इसके साथ फ्लाइंग स्क्वॉड टीम (एफएसटी) और वीडियो सर्विलांस टीम (वीएसटी) गठित कर उनके प्रशिक्षण की प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं।

11.94 लाख मतदाता, बुजुर्गों को घर से मतदान

11.94 लाख मतदाता, बुजुर्गों को घर से मतदान
11.94 लाख मतदाता, बुजुर्गों को घर से मतदान

विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के बाद देहरादून जिले में कुल 11,94,797 मतदाता दर्ज हैं। इनमें 6,17,041 पुरुष, 5,77,706 महिलाएं और 50 ट्रांसजेंडर मतदाता शामिल हैं। जिले में 10,201 दिव्यांगजन और 85 वर्ष से अधिक आयु के 7,845 मतदाता हैं। बुजुर्गों के लिए होम वोटिंग की सुविधा उपलब्ध कराने की तैयारी है। दिव्यांग मतदाताओं की सहायता के लिए व्हीलचेयर, स्वयंसेवक, डोली और पालकी की व्यवस्था भी की जाएगी।

कम मतदान वाले बूथों पर चलेगा जागरूकता अभियान

कम मतदान वाले बूथों पर चलेगा जागरूकता अभियान
कम मतदान वाले बूथों पर चलेगा जागरूकता अभियान

जिन मतदान केंद्रों पर पिछले चुनाव में 50 प्रतिशत से कम मतदान हुआ था, वहां मतदाता जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। कम मतदान वाले पुरुष और महिला मतदाताओं से जुड़े केंद्रों की भी पहचान की जाएगी। उच्च शिक्षण संस्थानों में 18 वर्ष की आयु पूरी कर चुके युवाओं का प्रारूप-6 के माध्यम से पंजीकरण कराने और मतदाता पहचान पत्र बनवाने पर जोर रहेगा। पुलिसकर्मियों, पीआरडी जवानों, वाहन चालकों, सफाई कर्मियों और अन्य चुनावी कर्मचारियों के मतदान की व्यवस्था भी की जाएगी। इसके अलावा बुक्सा जनजाति के 40 गांवों में विशेष जागरूकता कार्यक्रम चलेंगे। प्रशासन ने निविदाएं जल्द पूरी करने, सेक्टर अधिकारियों की तैनाती, कर्मचारियों का डेटाबेस तैयार करने और प्रशिक्षण शुरू करने के निर्देश दिए हैं।