USS Lincoln Deployment: अमेरिकी विमानवाहक पोत USS Abraham Lincoln की लंबी तैनाती, आपूर्ति व्यवस्था और उस पर मौजूद नौसैनिकों के मानसिक स्वास्थ्य को लेकर उठ रहे सवालों के बीच ट्रंप प्रशासन ने USS George Washington को मध्य पूर्व की ओर रवाना किया है। यह विमानवाहक पोत प्रशांत महासागर से अपनी यात्रा शुरू कर चुका है। उसका प्रस्थान ऐसे समय हुआ है जब अमेरिकी सांसद लंबे समय से तैनात USS Lincoln को लेकर रक्षा विभाग से जवाब मांग रहे हैं।
240 दिनों से ज्यादा समुद्र में रहा USS Lincoln
USS Abraham Lincoln ईरान के खिलाफ अमेरिकी सैन्य अभियान में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। इस विमानवाहक पोत ने लगातार 240 दिनों से अधिक समय तक समुद्र में तैनात रहने का रिकॉर्ड बनाया है। इतनी लंबी तैनाती को लेकर कई डेमोक्रेट सांसदों ने पेंटागन से जहाज पर मौजूद परिस्थितियों और नौसैनिकों की स्थिति को लेकर जवाबदेही की मांग की है। हालांकि, रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने आरोपों को गलत तरीके से पेश किया गया बताया है।
लंबे मिशन से नौसैनिकों के स्वास्थ्य पर चिंता
लंबे समय तक समुद्र में तैनाती के कारण नौसैनिकों के मानसिक स्वास्थ्य और पारिवारिक जीवन पर पड़ने वाले प्रभाव को लेकर चिंता बढ़ी है। इसके अलावा लंबे मिशन के कारण जहाज और उसके उपकरणों पर बढ़ते दबाव को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। अमेरिकी नौसेना के सामने सैन्य अभियान जारी रखते हुए कर्मचारियों और संसाधनों की पर्याप्त व्यवस्था बनाए रखने की चुनौती है।
हॉर्मुज जलडमरूमध्य में फिर बढ़ा तनाव
अमेरिका और ईरान के बीच हाल के हफ्तों में तनाव कुछ कम हुआ है, लेकिन अमेरिकी नौसेना ने रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण हॉर्मुज जलडमरूमध्य में ईरानी बंदरगाहों की नाकाबंदी दोबारा लागू कर दी है। ट्रंप प्रशासन ने अभी तक यह स्पष्ट नहीं किया है कि वह संघर्ष को किस दिशा में समाप्त करना चाहता है। रक्षा मंत्री हेगसेथ के अनुसार, अमेरिका नाकाबंदी को अनिश्चित अवधि तक जारी रख सकता है।
USS George Washington ने वियतनाम से शुरू की यात्रा
अमेरिकी नौसेना के अनुसार USS George Washington पिछले सप्ताह वियतनाम के दा नांग बंदरगाह से रवाना हुआ था। उसके साथ एक क्रूजर और एक डिस्ट्रॉयर भी मौजूद हैं। बाद में इन युद्धपोतों को सिंगापुर जलडमरूमध्य से गुजरते हुए देखा गया। एक अमेरिकी नौसेना अधिकारी ने भी पुष्टि की कि George Washington मलक्का जलडमरूमध्य क्षेत्र में मौजूद था।
मलक्का जलडमरूमध्य से हिंद महासागर की ओर बढ़ा पोत
मलक्का जलडमरूमध्य प्रशांत महासागर और हिंद महासागर को जोड़ने वाला महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग है। ऐसे में यहां USS George Washington की मौजूदगी से संकेत मिलता है कि अमेरिकी विमानवाहक पोत हिंद महासागर की दिशा में आगे बढ़ रहा है। माना जा रहा है कि इसका अंतिम लक्ष्य मध्य पूर्व में अमेरिकी नौसैनिक तैनाती को मजबूत करना है।
मध्य पूर्व में लिंकन की जगह ले सकता है नया पोत
रिपोर्टों के मुताबिक USS George Washington मध्य पूर्व में तैनात अमेरिकी विमानवाहक पोतों में से एक के रूप में USS Abraham Lincoln की जगह ले सकता है। यदि ऐसा होता है तो प्रशांत क्षेत्र में कुछ समय के लिए अमेरिकी विमानवाहक पोत की मौजूदगी नहीं रहेगी। इस स्थिति की अवधि अभी स्पष्ट नहीं है और यह कदम अमेरिका की एशिया-प्रशांत रणनीति के लिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
USS Lincoln पर आपूर्ति और डाक की कमी
USS Lincoln की लंबी तैनाती के दौरान जहाज पर आपूर्ति और डाक की कमी की समस्या सामने आई। नौसेना के अनुसार, मध्य पूर्व में युद्ध के कारण पारंपरिक आपूर्ति केंद्र प्रभावित हुए और इससे विमानवाहक पोत के लिए जरूरी सामान पहुंचाना चुनौतीपूर्ण हो गया। मिशन की जरूरत के अनुसार पहले भोजन, फिर स्वच्छता संबंधी वस्तुओं और उसके बाद डाक को प्राथमिकता दी गई।
मई में वापस लौटना था USS Lincoln
USS Abraham Lincoln की तैनाती मूल रूप से मई में समाप्त होनी थी और उसे अमेरिका लौटना था। हालांकि, ईरान से जुड़े सैन्य अभियान के चलते इसकी तैनाती लंबी हो गई। डेमोक्रेट सांसद अब इस विस्तार, जहाज की परिस्थितियों और नौसैनिकों की स्थिति की विस्तृत जांच की मांग कर रहे हैं। सीनेटर रिचर्ड ब्लूमेंथल ने भी नौसेना नेतृत्व से इस मामले में अधिक पारदर्शिता की मांग की है।
अमेरिकी नौसैनिक रणनीति पर बढ़ी निगाहें
USS George Washington की मध्य पूर्व की ओर रवानगी और USS Lincoln की लंबी तैनाती ने अमेरिकी नौसैनिक रणनीति को चर्चा में ला दिया है। अब नजर इस बात पर है कि अमेरिका क्षेत्र में अपने विमानवाहक पोतों की तैनाती कितने समय तक बनाए रखता है और ईरान के साथ जारी तनाव को खत्म करने के लिए आगे क्या रणनीति अपनाता है।
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