USA Winter Storm: अमेरिका इन दिनों भीषण बर्फीले तूफान और अत्यधिक ठंड की चपेट में है। इस सर्दी ने देश के कई हिस्सों में अभूतपूर्व हालात पैदा कर दिए हैं। लाखों लोग प्रभावित हुए हैं, जबकि अब तक ठंड, बर्फबारी और तूफान से जुड़ी घटनाओं में 80 से ज्यादा लोगों की जान जा चुकी है। मौसम विभाग का कहना है कि फरवरी तक ठंड से राहत मिलने के आसार कम हैं। नेशनल वेदर सर्विस ने चेतावनी दी है कि यह कई वर्षों में सबसे लंबा और खतरनाक शीतकाल हो सकता है।
अलग-अलग कारणों से हो रही हैं मौतें
‘द कन्वर्सेशन’ में प्रकाशित एक रिपोर्ट के मुताबिक, साउथ कैरोलिना यूनिवर्सिटी के विशेषज्ञ ब्रेट रॉबर्टसन ने बताया कि इस तूफान ने एक साथ कई तरह के खतरे पैदा किए हैं, जिन्हें अक्सर लोग हल्के में ले लेते हैं। कुछ लोगों की मौत घरों के अंदर ठंड से हुई, तो कई लोग बाहर फिसलने या बर्फ हटाते समय दिल का दौरा पड़ने से मारे गए। टेक्सास में जमे तालाब की बर्फ टूटने से तीन छोटे भाइयों की जान चली गई। इसके अलावा, गलत तरीके से इस्तेमाल किए गए हीटर और जनरेटर से कार्बन मोनोऑक्साइड पॉइजनिंग के कई मामले सामने आए हैं।
बच्चों पर भी पड़ा गंभीर असर
इस बर्फीले तूफान का सबसे ज्यादा असर बच्चों पर देखा गया है। नैशविले में 40 से अधिक बच्चों को कार्बन मोनोऑक्साइड के प्रभाव के कारण अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। ईस्ट कोस्ट के कई राज्य अब भी सर्दियों के तूफान से जूझ रहे हैं और 30 जनवरी के बाद भारी बर्फबारी की चेतावनी जारी की गई है।
तूफान से पहले तैयारी क्यों है जरूरी
विशेषज्ञों के अनुसार, बिजली गुल होना सबसे बड़ा खतरा बन जाता है, क्योंकि इससे हीटिंग, रोशनी और मेडिकल उपकरण बंद हो जाते हैं। फेडरल इमरजेंसी मैनेजमेंट एजेंसी (FEMA) एक इमरजेंसी किट तैयार रखने की सलाह देती है। इसमें पीने का पानी, बिना पकाने वाला भोजन, टॉर्च, बैटरी रेडियो, फर्स्ट-एड किट, गर्म कपड़े, कंबल, टोपी और दस्ताने शामिल होने चाहिए। गाड़ी में भी अतिरिक्त कंबल और गर्म कपड़े रखना जरूरी है, क्योंकि कई जगह लोग घंटों सड़कों पर फंसे रहे।
बिजली गुल होने पर अपनाएं सही उपाय
बिजली न होने पर घर के अंदर भी हाइपोथर्मिया का खतरा बढ़ जाता है। ऐसी स्थिति में एक ही कमरे में रहें, दरवाजे बंद रखें और खिड़कियों को कंबल से ढक दें। ढीले और ऊनी कपड़े पहनें, टोपी लगाएं और समय-समय पर गर्म पेय व हल्का भोजन लेते रहें। घर के अंदर कभी भी जनरेटर, ग्रिल या कैंप स्टोव का इस्तेमाल न करें, क्योंकि ये जानलेवा गैस छोड़ते हैं। जनरेटर हमेशा बाहर और खिड़कियों से दूर रखें।
बाहर निकलते समय बरतें अतिरिक्त सावधानी
बर्फ के कारण सड़कें बेहद फिसलन भरी हो जाती हैं, जिससे गिरने और गंभीर चोट लगने का खतरा रहता है। बर्फ हटाते समय दिल पर ज्यादा जोर पड़ता है, खासकर दिल के मरीजों के लिए। धीरे चलें, मजबूत जूते पहनें, बीच-बीच में आराम करें और बर्फ को उठाने की बजाय धकेलें। जमे हुए तालाबों या झीलों पर जाने से बचें।
सही जानकारी और सामाजिक जुड़ाव है जरूरी
तूफान के दौरान मोबाइल नेटवर्क, इंटरनेट और टीवी सेवाएं बाधित हो सकती हैं। ऐसे में बैटरी रेडियो और स्थानीय अलर्ट सिस्टम बेहद मददगार होते हैं। परिवार, पड़ोसियों, बुजुर्गों और अकेले रहने वालों का हालचाल लेना भी जरूरी है। शोध बताते हैं कि मजबूत स्थानीय सामाजिक संबंध आपदा के समय जान बचाने में अहम भूमिका निभाते हैं।
तैयारी और अभ्यास से कम हो सकता है जोखिम
विशेषज्ञों का कहना है कि देर करने से हालात और बिगड़ जाते हैं। इमरजेंसी प्लान की पहले से तैयारी करें, जरूरी सामान समय-समय पर जांचते रहें और वैकल्पिक हीटिंग विकल्प तैयार रखें। सर्दियों का तूफान भले ही रोका न जा सके, लेकिन सही तैयारी, सतर्कता और समझदारी से इसके खतरों को काफी हद तक कम किया जा सकता है।









