US vs Iran: अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के बीच एक बेहद चौंकाने वाली खबर सामने आई है। ईरान के सरकारी मीडिया ने दावा किया कि उसकी सेना ने दक्षिणी ईरान के बुशहर शहर के पास अमेरिका के एक अत्याधुनिक फाइटर जेट को मार गिराया है। इस दावे के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हड़कंप मच गया। हालांकि, अमेरिकी सेना ने तुरंत इस दावे पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए इसे सिरे से खारिज कर दिया और इसे पूरी तरह से मनगढ़ंत और गलत बताया है।
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यूएस सेंट्रल कमांड ने किया फैक्ट चेक
ईरान के इस बड़े दावे के बाद अमेरिकी रक्षा मंत्रालय के तहत आने वाली यूएस सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) ने मोर्चा संभाला। सेंटकॉम ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (पहले ट्विटर) पर आधिकारिक रूप से एक ‘फैक्ट चेक’ पोस्ट जारी किया। सेंटकॉम ने अपने पोस्ट में लिखा, “ईरान के सरकारी टेलीविजन पर यह दावा किया जा रहा है कि ईरानी वायु सेना ने बुशहर के पास एक अमेरिकी लड़ाकू विमान को मार गिराया है। यह खबर पूरी तरह से असत्य और निराधार है। अमेरिका का कोई भी विमान क्रैश नहीं हुआ है और न ही गिराया गया है। हमारे सभी एयर एसेट (विमान और ड्रोन) पूरी तरह से सुरक्षित हैं और अपने ठिकानों पर हैं।”
ईरान का क्या है दावा और किसने दिया बयान?
इससे पहले, गुरुवार (28 मई) को ईरान के सरकारी टीवी और वहां की प्रतिष्ठित समाचार एजेंसी ‘तस्नीम’ ने इस घटना को प्रमुखता से प्रसारित किया था। ईरान के तटीय प्रांत बुशहर के अंतर्गत आने वाले जाम काउंटी के गवर्नर मसूद तंगस्तानी ने इस सैन्य कार्रवाई की पुष्टि की थी।
गवर्नर मसूद तंगस्तानी के मुताबिक, ईरान के डिफेंस सिस्टम ने बुशहर के जाम इलाके में घुसपैठ कर रहे एक दुश्मन (अमेरिकी) विमान को ट्रैक किया और उसे हवा में ही नष्ट कर दिया। ईरानी अधिकारियों ने दावा किया कि इस सफल सैन्य कार्रवाई के बाद अब पूरे तटीय क्षेत्र और शहर में स्थिति पूरी तरह से सामान्य और नियंत्रण में है।
एक तरफ शांति समझौता
यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब दोनों देशों के बीच पर्दे के पीछे एक अहम शांति समझौते को लेकर बातचीत चल रही है। कूटनीतिक सूत्रों के मुताबिक, अमेरिका और ईरान के बीच एक सीजफायर (युद्धविराम) समझौते का ड्राफ्ट तैयार हो चुका है। अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, ईरान के वार्ताकार आपसी तनाव को कम करने के लिए सीजफायर को 60 दिनों तक बढ़ाने के लिए राजी हो गए हैं। दोनों पक्ष एक बार फिर ठंडे बस्ते में पड़ी परमाणु वार्ता को शुरू करने पर सहमत दिखाई दे रहे हैं।
इस अस्थायी शांति समझौते के मसौदे को अंतिम रूप दे दिया गया है, और अब इस पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की आधिकारिक मंजूरी का इंतजार किया जा रहा है। इस बीच फाइटर जेट गिराने के दावों और खंडनों ने दोनों देशों के बीच के अविश्वास और नाजुक रिश्तों को एक बार फिर दुनिया के सामने ला दिया है।










