UP Election 2027: अमेठी की जगदीशपुर सीट पर बदले समीकरण, वोटर लिस्ट और मुद्दों से समझिए पूरी तस्वीर

अमेठी की जगदीशपुर विधानसभा सीट 2027 से पहले फिर चर्चा में है। 2017 और 2022 में बीजेपी ने यहां जीत दर्ज की थी। अब 2026 की मतदाता सूची पुनरीक्षण प्रक्रिया, स्थानीय मुद्दे और पिछले चुनावों के आंकड़े सीट की राजनीतिक तस्वीर समझने के अहम आधार बन रहे हैं।

UP Election 2027

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

सितम्बर 20, 2026

UP Election 2027: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर राजनीतिक गतिविधियां लगातार तेज हो रही हैं। 403 विधानसभा सीटों वाले उत्तर प्रदेश का चुनाव राज्य की सत्ता के साथ-साथ राष्ट्रीय राजनीति के लिए भी महत्वपूर्ण माना जाता है। राज्य लोकसभा में 80 सांसद भेजता है, इसलिए 2027 के विधानसभा परिणामों को 2029 के लोकसभा चुनाव से पहले राजनीतिक स्थिति के एक महत्वपूर्ण संकेतक के रूप में देखा जाएगा। इसी क्रम में अमेठी जिले की जगदीशपुर विधानसभा सीट पर भी चुनावी गतिविधियों और स्थानीय मुद्दों पर नजर बढ़ गई है।

जगदीशपुर विधानसभा सीट
जगदीशपुर विधानसभा सीट

जगदीशपुर विधानसभा सीट का राजनीतिक महत्व

जगदीशपुर विधानसभा क्षेत्र उत्तर प्रदेश की 403 विधानसभा सीटों में क्रमांक 184 है। यह अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित सीट है और अमेठी लोकसभा क्षेत्र का हिस्सा है। मौजूदा विधायक भाजपा के सुरेश पासी हैं। उन्होंने 2017 और 2022 के विधानसभा चुनाव में लगातार जीत दर्ज की थी। 2027 में इस सीट पर चुनावी मुकाबले को समझने के लिए पिछले चुनावों के परिणाम, मतदाता सूची में बदलाव, विकास कार्य और स्थानीय मुद्दों को साथ में देखना जरूरी होगा।

सुरेश पासी
सुरेश पासी

2022 में भाजपा ने दर्ज की बड़ी जीत

2022 के विधानसभा चुनाव में भाजपा उम्मीदवार सुरेश कुमार, जिन्हें सुरेश पासी के नाम से भी जाना जाता है, ने 89,315 वोट हासिल किए। उनके निकटतम प्रतिद्वंद्वी कांग्रेस के विजय कुमार को 66,491 वोट मिले। इस तरह भाजपा उम्मीदवार ने 22,824 वोट के अंतर से चुनाव जीता। कुल मतदान के आधार पर भाजपा उम्मीदवार को करीब 43.94 प्रतिशत और कांग्रेस उम्मीदवार को लगभग 32.72 प्रतिशत वोट मिले थे

सुरेश कुमार/सुरेश पासीBJP89,31543.94%
विजय कुमारINC66,49132.72%
SP प्रत्याशीSP27,97113.77%
जितेंद्र कुमारBSP10,1985.02%
NOTA2,0601.01%
BJP की जीत22,824करीब 11.22 प्रतिशत अंक

तीसरे स्थान पर रही समाजवादी पार्टी

2022 के चुनाव में समाजवादी पार्टी के उम्मीदवार को 27,971 वोट मिले और वह तीसरे स्थान पर रहे। बहुजन समाज पार्टी के उम्मीदवार जितेंद्र कुमार को 10,198 वोट मिले। नोटा के पक्ष में भी 2,060 मत पड़े। परिणाम से स्पष्ट है कि उस चुनाव में भाजपा और कांग्रेस के बीच मुख्य मुकाबला रहा, जबकि समाजवादी पार्टी और बसपा को भी अलग-अलग स्तर पर वोट मिले।

सुरेश पासी
सुरेश पासी

2017 में भी सुरेश पासी ने जीती थी सीट

जगदीशपुर विधानसभा सीट पर भाजपा ने 2017 में भी जीत दर्ज की थी। उस चुनाव में सुरेश कुमार को 84,219 वोट मिले थे, जबकि कांग्रेस के राधेश्याम को 67,619 वोट प्राप्त हुए। दोनों उम्मीदवारों के बीच जीत का अंतर 16,600 वोट रहा। बहुजन समाज पार्टी के जगदत्त को 31,338 वोट मिले थे। इस तरह 2017 में भी भाजपा और कांग्रेस के बीच सीधा मुकाबला देखने को मिला था।

प्रत्याशीपार्टीवोटवोट प्रतिशत
सुरेश कुमारBJP84,21943.65%
राधेश्यामINC67,61935.05%
जगदत्तBSP31,33816.24%
NOTA3,1041.61%
BJP की जीत16,6008.60 प्रतिशत अंक

2017 से 2022 के बीच बढ़ा भाजपा का अंतर

2017 और 2022 के चुनाव परिणामों की तुलना करें तो भाजपा के वोट में वृद्धि दिखाई देती है। 2017 में भाजपा को 84,219 वोट मिले थे, जो 2022 में बढ़कर 89,315 हो गए। दूसरी ओर कांग्रेस का वोट 67,619 से घटकर 66,491 रहा। इसी अवधि में बसपा के वोट में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज हुई, जबकि 2022 में समाजवादी पार्टी को करीब 28 हजार वोट मिले। भाजपा की जीत का अंतर भी 16,600 से बढ़कर 22,824 हो गया।

दल2017 वोट2022 वोटबदलाव
BJP84,21989,315+5,096
INC67,61966,491-1,128
BSP31,33810,198-21,140
SPप्रमुख शीर्ष-3 में नहीं27,971
जीत का अंतर16,60022,824+6,224
राधेश्याम धोबी
राधेश्याम धोबी

2012 में कांग्रेस ने दर्ज की थी करीबी जीत

जगदीशपुर विधानसभा सीट के पिछले चुनावी इतिहास में 2012 का परिणाम भी महत्वपूर्ण है। उस चुनाव में कांग्रेस के राधेश्याम ने 56,309 वोट हासिल कर जीत दर्ज की थी। समाजवादी पार्टी के विजय कुमार को 50,912 वोट मिले। दोनों के बीच अंतर सिर्फ 5,397 वोट का रहा। बहुजन समाज पार्टी के श्रीराम क्रांतिकारी को 32,665 और भाजपा के रामलखन को 24,330 वोट मिले थे। इससे पता चलता है कि एक समय इस सीट पर मुकाबला काफी करीबी और बहुकोणीय रहा था।

प्रत्याशीपार्टीवोटवोट प्रतिशत
राधेश्यामINC56,30932.5%
विजय कुमारSP50,91229.4%
श्रीराम क्रांतिकारीBSP32,66518.9%
रामलखनBJP24,33014.1%
कांग्रेस की जीत5,397करीब 3.1 प्रतिशत अंक

2026 की मतदाता सूची ने बदला चुनावी आधार

2027 विधानसभा चुनाव से पहले जगदीशपुर में सबसे बड़ा बदलाव मतदाता सूची में दिखाई देता है। 2026 की अंतिम SIR मतदाता सूची के मुताबिक सीट पर कुल 3,30,028 मतदाता हैं। इनमें 1,79,713 पुरुष, 1,50,310 महिला और पांच थर्ड जेंडर मतदाता शामिल हैं। SIR से पहले यहां 3,81,925 मतदाता दर्ज थे। इस तरह अंतिम सूची में कुल संख्या में 51,897 की शुद्ध कमी दर्ज हुई है।

2022 के मुकाबले भी कम हुए मतदाता

2022 विधानसभा चुनाव के दौरान जगदीशपुर में कुल 3,78,415 निर्वाचक थे। 2026 की अंतिम सूची में यह संख्या घटकर 3,30,028 हो गई है। यानी दोनों सूचियों के बीच करीब 48,387 मतदाताओं का अंतर है। हालांकि अलग-अलग सूचियों की कटऑफ तारीख और पुनरीक्षण प्रक्रिया अलग होने के कारण इस पूरे अंतर को सीधे नाम हटाए जाने के रूप में देखना उचित नहीं होगा।

SIR प्रक्रिया में सामने आए कई आंकड़े

जगदीशपुर विधानसभा क्षेत्र में SIR से पहले 3,81,925 मतदाता थे। इनमें से 3,06,644 मतदाताओं के फॉर्म डिजिटाइज किए गए, जबकि 75,581 फॉर्म प्राप्त नहीं हुए। दावा-आपत्ति और आगे की प्रक्रिया के दौरान 24,974 नए मतदाता जोड़े गए। वहीं 1,290 नाम हटाए गए और 4,595 प्रविष्टियों में संशोधन दर्ज हुआ। अंतिम सूची में कुल मतदाता संख्या 3,30,028 रही।

अमेठी जिले में सबसे बड़ा मतदाता आधार

अमेठी जिले की चार विधानसभा सीटों की तुलना करें तो जगदीशपुर में 3,30,028 मतदाता हैं। तिलोई में 3,06,621, गौरीगंज में 3,06,077 और अमेठी विधानसभा क्षेत्र में 3,05,394 मतदाता दर्ज हैं। इस लिहाज से 2026 की अंतिम सूची के अनुसार जगदीशपुर अमेठी जिले की चारों विधानसभा सीटों में सबसे बड़ा मतदाता आधार रखता है।

पुराने जातीय आंकड़ों को लेकर सावधानी जरूरी

जगदीशपुर की चुनावी चर्चा में जातीय समीकरणों का भी उल्लेख होता रहा है। पुराने सामाजिक आकलनों में अनुसूचित जाति के मतदाता करीब 94 हजार, मुस्लिम मतदाता करीब 69 हजार, OBC मतदाता करीब 54 हजार, ब्राह्मण करीब 42 हजार और क्षत्रिय करीब 38 हजार बताए गए थे। हालांकि ये पुराने और गैर-आधिकारिक अनुमान हैं। इन्हें 2026 की वर्तमान मतदाता सूची का जाति-वार आंकड़ा नहीं माना जा सकता।

वर्तमान मतदाता सूची में जातिवार आंकड़े उपलब्ध नहीं

निर्वाचक नामावली में मतदाताओं की संख्या जाति या धर्म के आधार पर प्रकाशित नहीं की जाती। इसलिए 2026 की अंतिम मतदाता सूची के आधार पर यह बताना संभव नहीं है कि अनुसूचित जाति, मुस्लिम, OBC या किसी अन्य समुदाय के कितने मतदाता वर्तमान में मौजूद हैं। SIR के बाद कुल मतदाता संख्या में हुई कमी को सभी सामाजिक समूहों पर समान अनुपात में लागू करके नई जातीय संख्या निकालना भी तथ्यात्मक रूप से उचित नहीं होगा।

जगदीशपुर की ग्रामीण आबादी भी चुनावी संदर्भ

2011 की जनसंख्या आधारित विधानसभा प्रोफाइल के अनुसार जगदीशपुर की लगभग 95.27 प्रतिशत आबादी ग्रामीण और करीब 4.73 प्रतिशत आबादी शहरी थी। इसी प्रोफाइल में अनुसूचित जाति की आबादी लगभग 26.84 प्रतिशत बताई गई थी। यह जनसंख्या संबंधी अनुपात है, वर्तमान मतदाता प्रतिशत नहीं। ग्रामीण क्षेत्र की बड़ी हिस्सेदारी के कारण सड़क, बिजली, पानी, कृषि, रोजगार और स्वास्थ्य जैसे मुद्दे चुनावी चर्चा में महत्वपूर्ण रह सकते हैं।

SC आरक्षित सीट होने का राजनीतिक संदर्भ

जगदीशपुर विधानसभा सीट अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित है। मौजूदा विधायक सुरेश पासी की सामाजिक पृष्ठभूमि भी पासी समुदाय से जुड़ी बताई जाती है। हालांकि आरक्षित सीट होने का अर्थ यह नहीं है कि किसी एक समुदाय के मतदाता ही चुनाव परिणाम तय करते हैं। विधानसभा चुनाव में सभी पात्र मतदाता मतदान करते हैं और उम्मीदवारों को अलग-अलग सामाजिक एवं आर्थिक समूहों से समर्थन मिल सकता है।

मुस्लिम मतदाताओं के पुराने अनुमान पर नजर

पुराने चुनावी आकलनों में जगदीशपुर में मुस्लिम मतदाताओं की संख्या करीब 69 हजार बताई जाती रही है। लेकिन यह आंकड़ा वर्तमान आधिकारिक मतदाता सूची का हिस्सा नहीं है। 2026 की अंतिम सूची में कुल मतदाताओं की संख्या ही आधिकारिक रूप से उपलब्ध है। इसलिए पुराने मुस्लिम मतदाता अनुमान को वर्तमान संख्या मानना या SIR की कुल कमी के आधार पर नया आंकड़ा तैयार करना सही नहीं होगा।

OBC और अन्य सामाजिक समूहों की भूमिका

पुराने अनुमानों में व्यापक OBC श्रेणी में करीब 54 हजार मतदाता बताए गए थे। इस व्यापक वर्ग में विभिन्न जातियां शामिल होती हैं। अलग-अलग सामाजिक समूहों की स्थानीय मौजूदगी अलग-अलग क्षेत्रों में हो सकती है। लेकिन वर्तमान सीट-स्तरीय आधिकारिक जातिवार मतदाता आंकड़े उपलब्ध नहीं होने के कारण किसी खास समूह की संख्या या मतदान व्यवहार के बारे में निश्चित निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा।

2024 लोकसभा चुनाव ने दिया अलग संकेत

जगदीशपुर विधानसभा क्षेत्र में 2024 लोकसभा चुनाव का परिणाम भी चुनावी चर्चा का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार 2024 में कांग्रेस इस विधानसभा खंड में 15,423 वोट से आगे रही। इससे पहले 2019 के लोकसभा चुनाव में इसी विधानसभा खंड में भाजपा करीब 17,914 वोट से आगे थी। हालांकि लोकसभा और विधानसभा चुनावों के मुद्दे, उम्मीदवार, गठबंधन और मतदान व्यवहार अलग हो सकते हैं, इसलिए लोकसभा परिणाम को विधानसभा चुनाव की सीधी भविष्यवाणी नहीं माना जा सकता।

विकास और औद्योगिक क्षेत्र बड़ा मुद्दा

जगदीशपुर अमेठी के प्रमुख औद्योगिक क्षेत्रों में शामिल है। औद्योगिक गतिविधियों के साथ रोजगार, सड़क, परिवहन और बुनियादी ढांचे से जुड़े सवाल स्थानीय राजनीति में महत्व रखते हैं। 2026 में औद्योगिक क्षेत्र के सेक्टर-4 में शेष सड़कों के उन्नयन के लिए करीब 1.15 करोड़ रुपये का टेंडर जारी होने की जानकारी सामने आई। इसके अलावा BHEL परिसर से जुड़े कुछ सिविल कार्यों की प्रक्रिया भी चर्चा में रही।

गौरीगंज-जगदीशपुर फोरलेन प्रस्ताव

जनवरी 2026 में गौरीगंज से जगदीशपुर औद्योगिक क्षेत्र तक करीब 28 किलोमीटर लंबे मार्ग को चार लेन करने और मजबूत बनाने का प्रस्ताव सामने आया था। परियोजना की अनुमानित लागत करीब 639 करोड़ रुपये बताई गई। यदि यह प्रस्ताव आगे बढ़ता है तो औद्योगिक क्षेत्र, कर्मचारियों, मालवाहक वाहनों और जिला मुख्यालय के बीच कनेक्टिविटी के लिहाज से इसका महत्व हो सकता है। हालांकि प्रस्ताव और वास्तविक निर्माण अलग-अलग चरण हैं।

उतलेवा में प्रस्तावित औद्योगिक विस्तार

जगदीशपुर के नजदीक उतलेवा में लगभग 125 एकड़ भूमि पर नया औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने की योजना भी सामने आई है। प्रस्तावित क्षेत्र में विभिन्न आकार के औद्योगिक प्लॉट विकसित करने और इंजीनियरिंग सामान, खाद्य तथा पशु आहार जैसे उद्योगों को आकर्षित करने की योजना बताई गई है। इसका स्थानीय रोजगार और आर्थिक गतिविधियों पर प्रभाव परियोजना के वास्तविक क्रियान्वयन के बाद ही स्पष्ट होगा।

पेयजल और ग्रामीण सुविधाएं भी अहम

जगदीशपुर के ग्रामीण इलाकों में पेयजल और पाइपलाइन से जुड़ी शिकायतें भी सामने आई हैं। 2026 में सरेसर और टांडा जैसे क्षेत्रों से जल जीवन मिशन से संबंधित शिकायतें दर्ज होने की जानकारी सामने आई। इनमें पानी की आपूर्ति, पाइपलाइन लीकेज और कनेक्शन से जुड़े मुद्दे शामिल थे। हालांकि कुछ गांवों की शिकायतों से पूरे विधानसभा क्षेत्र की स्थिति का निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता।

2027 के लिए चुनावी तस्वीर के प्रमुख संकेत

जगदीशपुर विधानसभा सीट पर 2027 के चुनाव से पहले कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने हैं। एक ओर भाजपा के सुरेश पासी लगातार दो विधानसभा चुनाव जीत चुके हैं। दूसरी ओर 2024 के लोकसभा चुनाव में विधानसभा खंड के परिणाम की दिशा 2019 के मुकाबले बदली थी। इसके अलावा 2026 की अंतिम मतदाता सूची ने कुल मतदाता आधार को भी बदल दिया है।

चुनावी गणित केवल जातीय आंकड़ों तक सीमित नहीं

जगदीशपुर के चुनावी समीकरण को केवल पुराने जातीय आंकड़ों के आधार पर समझना पर्याप्त नहीं होगा। वर्तमान मतदाता सूची, संभावित उम्मीदवार, राजनीतिक गठबंधन, मतदान प्रतिशत, स्थानीय विकास, औद्योगिक गतिविधियां, रोजगार, सड़क, पेयजल और अन्य नागरिक सुविधाएं भी चुनावी विमर्श का हिस्सा हो सकती हैं। पिछले चुनावों के आंकड़े भी यह दिखाते हैं कि इस सीट पर अलग-अलग चुनावों में जीत का अंतर और राजनीतिक स्थिति बदलती रही है।

2027 में किन मुद्दों पर रहेगी नजर

आगामी विधानसभा चुनाव में जगदीशपुर में औद्योगिक विकास, रोजगार, सड़क संपर्क, ग्रामीण बुनियादी सुविधाएं, पेयजल, बिजली, कृषि और स्वास्थ्य जैसे मुद्दों पर चर्चा हो सकती है। साथ ही मतदाता सूची में हुए बदलाव और नए मतदाता आधार का चुनावी प्रक्रिया पर क्या प्रभाव पड़ता है, यह भी देखने योग्य होगा। उम्मीदवारों की घोषणा और राजनीतिक गठबंधनों के बाद स्थानीय चुनावी समीकरणों की तस्वीर और स्पष्ट हो सकती है।

जगदीशपुर सीट का चुनावी इतिहास क्या बताता है

2012 में कांग्रेस ने 5,397 वोट के अंतर से जीत दर्ज की थी। 2017 में भाजपा ने 16,600 वोट से सीट जीती और 2022 में उसका अंतर बढ़कर 22,824 वोट हो गया। 2024 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस इस विधानसभा खंड में 15,423 वोट से आगे रही। ये आंकड़े अलग-अलग चुनावों के aggregate परिणाम हैं और इन्हें किसी समुदाय के मतदान व्यवहार का प्रत्यक्ष प्रमाण नहीं माना जा सकता।

2027 से पहले जगदीशपुर पर बढ़ेगी राजनीतिक नजर

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 के करीब आने के साथ जगदीशपुर विधानसभा सीट पर राजनीतिक गतिविधियां बढ़ना स्वाभाविक है। यह सीट अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित होने के साथ अमेठी के महत्वपूर्ण औद्योगिक क्षेत्र का हिस्सा भी है। लगातार दो चुनाव जीत चुके भाजपा विधायक, पिछले चुनावों में कांग्रेस का प्रदर्शन, 2024 का लोकसभा परिणाम और 2026 की नई मतदाता सूची—ये सभी तथ्य 2027 के चुनावी विमर्श को आकार देने वाले प्रमुख संदर्भ हैं।

नई मतदाता सूची और स्थानीय मुद्दे होंगे महत्वपूर्ण

जगदीशपुर विधानसभा सीट पर 2027 का चुनाव पुराने चुनावी आंकड़ों और वर्तमान परिस्थितियों के बीच होने वाला मुकाबला होगा। 3,30,028 मतदाताओं वाली 2026 की अंतिम सूची, 2022 की 22,824 वोट की भाजपा जीत, 2024 में कांग्रेस की विधानसभा खंड में बढ़त और औद्योगिक एवं ग्रामीण विकास से जुड़े मुद्दे इस सीट को समझने के लिए महत्वपूर्ण तथ्य हैं। वहीं पुराने जातीय अनुमान वर्तमान आधिकारिक आंकड़े नहीं हैं। इसलिए 2027 के चुनावी समीकरण को समझने के लिए नए मतदाता आंकड़ों, उम्मीदवारों, गठबंधनों, मतदान प्रतिशत और स्थानीय मुद्दों को साथ में देखना जरूरी होगा।

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