US Strike Oman : ओमान के समुद्री क्षेत्र में वाणिज्यिक जहाजों पर हमलों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। हालिया घटनाक्रम में, अमेरिका ने कुछ ही दिनों के भीतर एक और भारतीय क्रू वाले मर्चेंट जहाज को अपना निशाना बनाया है। फॉरवर्ड सीमेन यूनियन ऑफ इंडिया (FSUI) द्वारा साझा की गई जानकारी के मुताबिक, गुरुवार को ओमान के तट के करीब भारत से जुड़े एक और मालवाहक जहाज, MT जलवीर पर हमला किया गया। शुरुआती रिपोर्टों के अनुसार, जिस समय यह हमला हुआ, उस वक्त जहाज पर 20 से अधिक भारतीय नाविक और क्रू सदस्य सवार थे। इस घटना के बाद से अंतरराष्ट्रीय समुद्री गलियारे में तनाव की स्थिति बेहद गंभीर हो गई है, विशेषकर भारतीय सुरक्षा और कूटनीतिक हलकों में इसकी भारी चिंता देखी जा रही है।
ओमान में भारतीय दूतावास ने लिया संज्ञान
इस गंभीर हमले के तुरंत बाद ओमान में स्थित भारतीय दूतावास पूरी तरह सक्रिय हो गया है। दूतावास ने आधिकारिक बयान जारी कर स्पष्ट किया है कि वे इस पूरी घटना से पूरी तरह अवगत हैं और स्थिति को नियंत्रित करने के लिए ओमान के स्थानीय अधिकारियों के साथ मिलकर लगातार काम कर रहे हैं। दूतावास ने अपने आधिकारिक बयान में कहा,“हमें आज ओमान के शिनास बंदरगाह के पास एक मर्चेंट जहाज से जुड़ी इस हिंसक घटना की जानकारी मिली है। हमारा दूतावास जमीनी स्थिति पर बहुत बारीकी से नजर रख रहा है। जहाज के क्रू की सुरक्षा सुनिश्चित करने और घटना की आगे की विस्तृत जानकारी जुटाने के लिए हम स्थानीय सुरक्षा और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ लगातार तालमेल बिठा रहे हैं।”
पिछले तीन दिनों में भारतीय जहाजों पर कब-कब हुए अमेरिकी हमले?
समुद्री सुरक्षा रिपोर्टों के अनुसार, यह पिछले तीन दिनों के भीतर ओमान के नजदीकी समुद्री क्षेत्र में किसी भारतीय क्रू वाले जहाज से जुड़ी तीसरी बड़ी और चिंताजनक घटना है:
पहला हमला (8 जून): यह घटना MT मैरिवेक्स नामक जहाज के साथ हुई थी। समुद्री सुरक्षा सूत्रों के मुताबिक, एक संदिग्ध अमेरिकी हमले के बाद इस तेल टैंकर में भयंकर आग लग गई थी। गनीमत यह रही कि जहाज पर मौजूद सभी 24 भारतीय क्रू सदस्य पूरी तरह सुरक्षित बचा लिए गए थे।
दूसरा हमला (10 जून): इसके ठीक दो दिन बाद ओमान की खाड़ी में तेल टैंकर MT सेटेबेलो को निशाना बनाया गया। इस जहाज पर भी 24 भारतीय नागरिक सवार थे। केंद्रीय शिपिंग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल के अनुसार, इस हमले के बाद 21 लोगों को सुरक्षित निकाल लिया गया, लेकिन दुर्भाग्यवश शुरुआत में लापता हुए तीन भारतीय नाविकों की बाद में मौत हो गई।
तीसरा हमला (11 जून): ताजा घटना MT जलवीर की है, जिसने दोनों देशों के बीच राजनयिक तनाव को चरम पर पहुंचा दिया है। हालांकि, अधिकारियों ने अभी तक आधिकारिक तौर पर इस तीसरे हमले में हुए नुकसान की सीमा या किसी के हताहत होने के बारे में अंतिम पुष्टि नहीं की है।
भारत ने अमेरिकी राजनयिक को किया तलब
MT सेटेबेलो पर हुए जानलेवा हमले के बाद नई दिल्ली ने अमेरिका के खिलाफ बेहद सख्त और कड़ी राजनयिक प्रतिक्रिया व्यक्त की है। भारत सरकार ने नई दिल्ली में मौजूद सबसे वरिष्ठ अमेरिकी राजनयिक को विदेश मंत्रालय में तलब किया और इस हिंसक हमले पर अपना कड़ा विरोध दर्ज कराया। विदेश मंत्रालय ने इस घटना की पुरजोर निंदा करते हुए अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में भारतीय नागरिकों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की।
दूसरी ओर, इस चौतरफा निंदा के बीच अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने अपनी सफाई जारी की है। अमेरिका ने स्वीकार किया कि उसके सैनिकों ने टैंकर पर “सटीक” सैन्य हमला किया था, क्योंकि कथित तौर पर उस जहाज ने अमेरिकी सेना द्वारा दिए गए निर्देशों का पालन नहीं किया था। अमेरिका का दावा है कि यह कार्रवाई प्रतिबंधित ईरानी तेल शिपमेंट को निशाना बनाने वाले उसके चल रहे समुद्री अभियानों का ही एक हिस्सा थी।










