US-Iran War: मिडिल ईस्ट (मध्य पूर्व) से इस वक्त की बेहद बड़ी और तनावपूर्ण खबर सामने आ रही है। अमेरिकी अपाचे हेलीकॉप्टर को गिराए जाने के बाद अमेरिका और ईरान के बीच तनाव अब सीधे युद्ध में तब्दील होता दिख रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की सीधी सैन्य कार्रवाई की चेतावनी के कुछ ही घंटों बाद, अमेरिकी सेना ने लगातार दूसरे दिन ईरान के कई शहरों और सैन्य ठिकानों पर भीषण बमबारी की है।
इस बड़े हमले के जवाब में ईरान ने भी आक्रामक रुख अपनाते हुए न सिर्फ अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाया है, बल्कि वैश्विक अर्थव्यवस्था की लाइफलाइन कहे जाने वाले होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) को पूरी तरह बंद कर दिया है।
ट्रंप की ‘ट्रुथ सोशल’ पर खुली चेतावनी और अमेरिकी सेंट्रल कमांड का एक्शन
बुधवार (10 जून) को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर ईरान को कड़ा संदेश देते हुए लिखा था कि “ईरान ने समझौते के लिए बातचीत में बहुत अधिक समय गंवा दिया है और अब उसे इसकी भारी कीमत चुकानी होगी।” इसके साथ ही ट्रंप के युद्ध सचिव (War Secretary) पीट हेगसेथ ने भी स्पष्ट कर दिया था कि अमेरिकी सेना ईरान के ‘प्रमुख ठिकानों’ को नेस्तनाबूद करेगी।
इस चेतावनी के तुरंत बाद अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने हमले की पुष्टि करते हुए सोशल मीडिया पर पोस्ट किया,”कमांडर इन चीफ (राष्ट्रपति ट्रंप) के निर्देश पर 10 जून को पूर्वी समयानुसार शाम 5:15 बजे ईरान के भीतर कई ठिकानों पर अतिरिक्त आत्मरक्षा हमले (Additional Self-Defense Strikes) शुरू किए गए हैं। यह कार्रवाई ईरान की लगातार बढ़ती आक्रामकता का करारा जवाब है।”
धमाकों से दहले ईरान के शहर
अमेरिकी वायुसेना और मिसाइलों ने ईरान के रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण कई हिस्सों को निशाना बनाया। अमेरिकी हमलों से ईरान के निम्नलिखित प्रमुख क्षेत्र दहल उठे:
पश्चिमी तेहरान और फार्स प्रांत: इन इलाकों में भारी बमबारी के बाद ईरान ने आनन-फानन में अपने एयर डिफेंस सिस्टम को एक्टिव कर दिया है।
तटीय और रणनीतिक शहर: बंदर अब्बास, केशम द्वीप, गोरगन, सिरकी और मीनाब जैसे शहरों में सिलसिलेवार धमाकों की आवाजें सुनी गईं। विशेष रूप से होर्मुज स्ट्रेट के पास स्थित बंदर अब्बास में भारी तबाही की खबर है।
ईरान का पलटवार
अमेरिका के इस भीषण हमले के बाद ईरान की एलीट मिलिट्री फोर्स आईआरजीसी (IRGC) ने भी युद्ध का ऐलान कर दिया है। ईरान ने अमेरिकी दादागीरी के सामने झुकने के बजाय दो बड़े और आत्मघाती कदम उठाए हैं:
अमेरिकी एयरबेस पर हमला: ईरान ने दावा किया है कि उसने कुवैत में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों ‘अली अल-सलेम’ और ‘अहमद अल-जाबेर’ के साथ-साथ बहरीन के ‘शेख ईसा एयरबेस’ सहित कुल 18 महत्वपूर्ण अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है।
होर्मुज स्ट्रेट की नाकाबंदी: ईरान ने दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण व्यापारिक समुद्री रास्ते ‘होर्मुज स्ट्रेट’ को पूरी तरह से बंद कर दिया है। इतना ही नहीं, नाकाबंदी के दौरान वहां से गुजर रहे 2 वाणिज्यिक जहाजों पर IRGC ने हमला भी किया है।
होर्मुज स्ट्रेट के बंद होने से वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल (Crude Oil) की सप्लाई ठप होने का खतरा मंडराने लगा है, जिससे पूरी दुनिया में हड़कंप मच गया है। दोनों देशों के बीच छिड़ी यह जंग अब किसी भी वक्त एक बड़े वैश्विक संकट का रूप ले सकती है।










