US Iran War: धू-धू कर जला ईरानी ड्रोन कैरियर ‘शाहिद बघेरी’, समंदर में अमेरिका का काल बनकर टूटा कहर

मिडिल ईस्ट में महायुद्ध छिड़ चुका है! अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने फुटेज जारी कर पुष्टि की है कि ईरान का विशालकाय ड्रोन कैरियर 'शाहिद बघेरी' अमेरिकी हमले के बाद समंदर में जल रहा है। क्या ईरान अपने इस 'मदरशिप' की तबाही का बदला परमाणु हमले से लेगा? जानिए पूरी खौफनाक हकीकत।

US Iran War

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

मार्च 6, 2026

US Iran War: मध्य पूर्व के जलक्षेत्र में अमेरिका और ईरान के बीच जारी संघर्ष अब एक विनाशकारी मोड़ पर पहुंच गया है। हालिया सैन्य कार्रवाई में अमेरिकी सेना ने दावा किया है कि उन्होंने ईरान के एक विशालकाय ‘ड्रोन कैरियर’ को निशाना बनाया है। इस हमले के बाद ईरानी युद्धपोत में भीषण आग लग गई है और वह समुद्र के बीचों-बीच धू-धूकर जल रहा है। अमेरिकी रक्षा विभाग के अनुसार, यह हमला ईरान की उस सैन्य क्षमता को पंगु बनाने के लिए किया गया है, जिसका उपयोग वह ड्रोन हमलों के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय जहाजों को निशाना बनाने के लिए कर रहा था।

यूएस सेंट्रल कमांड का आधिकारिक बयान और ड्रोन कैरियर की तबाही

अमेरिकी सेना की आधिकारिक इकाई, U.S. Central Command (CENTCOM) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (X) पर इस हमले की तस्वीरें साझा करते हुए बड़ी जानकारी दी है। कमांड ने अपने पोस्ट में स्पष्ट रूप से कहा कि अमेरिकी सेना ईरानी नौसेना को पूरी तरह से समाप्त करने के अपने मिशन में कोई कसर नहीं छोड़ रही है। नष्ट किए गए ड्रोन कैरियर के बारे में बताया गया है कि इसका आकार द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान इस्तेमाल होने वाले विशाल एयरक्राफ्ट कैरियर के लगभग बराबर था। हमले के बाद जारी की गई तस्वीरों में जहाज से निकलता काला धुआं और आग की लपटें अमेरिका के आक्रामक रुख की गवाही दे रही हैं।

ईरानी नौसेना के 20 से अधिक युद्धपोत समुद्र में दफन

यह केवल एक ड्रोन कैरियर तक सीमित नहीं है। बुधवार को जारी एक अन्य रिपोर्ट में अमेरिकी सेना ने दावा किया था कि उन्होंने बीते कुछ दिनों के भीतर ईरानी नौसेना के 20 से अधिक जहाजों को समुद्र की गहराइयों में डुबो दिया है। CENTCOM की इस सूची में ईरान का आधुनिक ‘सोलेमानी श्रेणी’ का स्टील्थ युद्धपोत भी शामिल है, जिसे ईरानी समुद्री शक्ति का गौरव माना जाता था। अमेरिका का कहना है कि यह कार्रवाई ईरान की उस आक्रामकता का जवाब है जो वह वैश्विक व्यापारिक मार्गों पर दिखा रहा था।

ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के सैन्य ठिकानों पर चौतरफा हमला

अमेरिकी रणनीति केवल समुद्र तक सीमित नहीं है, बल्कि वह ईरान की मुख्य भूमि पर स्थित सैन्य बुनियादी ढांचे को भी नेस्तनाबूत कर रही है। अमेरिकी सेना के अनुसार, उनके लड़ाकू विमान और मिसाइलें इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (IRGC) के कमांड एंड कंट्रोल सेंटरों को निशाना बना रही हैं। इसके अलावा, ईरान के एयर डिफेंस सिस्टम, मिसाइल डिपो, ड्रोन लॉन्च साइट्स और प्रमुख सैन्य हवाई अड्डों पर भी निर्णायक हमले किए जा रहे हैं। अमेरिका ने साफ कर दिया है कि जब तक ईरान की तरफ से पैदा होने वाला हर खतरा पूरी तरह खत्म नहीं हो जाता, वे अपनी कार्रवाई नहीं रोकेंगे।

निर्णायक मोड़ पर युद्ध: पीछे हटने को तैयार नहीं अमेरिका

पेंटागन के अधिकारियों का कहना है कि वे ईरान की नौसैनिक शक्ति को शून्य करने के लक्ष्य के साथ आगे बढ़ रहे हैं। यह युद्ध अब केवल चेतावनी तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि एक पूर्ण सैन्य अभियान का रूप ले चुका है। अमेरिका का मानना है कि ईरान के सैन्य तंत्र को नष्ट करना ही क्षेत्र में शांति स्थापित करने का एकमात्र विकल्प है। जिस तरह से सोलेमानी श्रेणी के जहाजों और बड़े ड्रोन कैरियर्स को तबाह किया गया है, उससे स्पष्ट है कि आने वाले दिनों में समंदर में बारूद की गंध और तेज होने वाली है।

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