US Iran War Ceasefire: अमेरिका और ईरान के बीच 15 दिनों के ऐतिहासिक सीजफायर के ऐलान के बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक नया और सकारात्मक संदेश जारी किया है। ट्रंप ने न केवल युद्धविराम की शर्तों को स्पष्ट किया, बल्कि युद्ध से बुरी तरह प्रभावित हुए ईरान के लिए कुछ बड़ी राहतों की घोषणा भी की है। यह कदम मध्य पूर्व में शांति बहाली की दिशा में एक टर्निंग पॉइंट माना जा रहा है।
होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) और अमेरिका की मदद
सीजफायर के लिए ट्रंप की सबसे बड़ी शर्त होर्मुज स्ट्रेट की नाकेबंदी हटाना थी।
ट्रैफिक मैनेजमेंट में सहयोग: ट्रंप ने कहा कि होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने और ट्रैफिक से निपटने में अमेरिका अब ईरान की मदद करेगा।
नाकेबंदी का अंत: युद्ध शुरू होने के बाद से ईरान ने इस समुद्री मार्ग को अपने दुश्मनों के लिए पूरी तरह बंद कर दिया था, जिससे वैश्विक तेल आपूर्ति ठप हो गई थी। अब ईरान इसे पूरी तरह खोलने और जहाजों को सुरक्षित रास्ता देने पर सहमत हो गया है।
बुनियादी ढांचे पर ट्रंप का रुख
अमेरिकी राष्ट्रपति ने ईरान को सबसे बड़ी छूट उसके बुनियादी ढांचे (Infrastructure) के पुनर्निर्माण को लेकर दी है।
निर्माण कार्य की अनुमति: ट्रंप ने तेहरान को अनुमति दे दी है कि वह युद्ध में क्षतिग्रस्त हुए अपने शहरों और ढांचों का निर्माण फिर से शुरू कर सकता है।
युद्ध की तबाही: पिछले कुछ महीनों में अमेरिका और इजरायल की बमबारी से तेहरान और कौम जैसे शहरों में भारी तबाही मची थी। ईरान का सबसे बड़ा पुल, कई विश्वविद्यालय, कॉलेज और अस्पताल जमींदोज हो गए थे। अब इन पर फिर से काम शुरू हो सकेगा।
होर्मुज टैक्स (Toll) और मुआवजे का पेच
ईरान ने सीजफायर के लिए एक महत्वपूर्ण शर्त रखी थी कि वह होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले तेल टैंकरों और जहाजों से ‘टोल’ (Toll Tax) वसूलेगा।
पुनर्निर्माण फंड: ईरान इस टोल से मिलने वाली राशि का उपयोग युद्ध में ध्वस्त हुई इमारतों और पुलों को फिर से बनाने में करना चाहता है।
मुआवजे की मांग: इससे पहले ईरान ने सीधे तौर पर अमेरिका और इजरायल से हर्जाने की मांग की थी, लेकिन फिलहाल ‘टोल वसूली’ को एक बीच के रास्ते के तौर पर देखा जा रहा है।
ईरान की 10 प्रमुख शर्तें
डोनाल्ड ट्रंप ने स्वीकार किया है कि उन्हें ईरान की ओर से 10 बिंदुओं का एक प्रस्ताव मिला है, जिसे उन्होंने वार्ता के लिए एक ‘व्यवहार्य आधार’ (Viable Basis) माना है।
ईरान की मुख्य मांगें
संपूर्ण सुरक्षा: भविष्य में किसी भी प्रकार की सैन्य आक्रामकता का अंत।
होर्मुज पर नियंत्रण: इस जलमार्ग पर ईरान का संप्रभु अधिकार बना रहे।
परमाणु अधिकार: यूरेनियम संवर्धन (Enrichment) को वैश्विक मान्यता मिले।
प्रतिबंधों की समाप्ति: सभी प्रकार के आर्थिक और सैन्य प्रतिबंधों को हटाया जाए।
प्रस्तावों की रद्दीकरण: UNSC और IAEA द्वारा पारित सभी पुराने प्रस्तावों को खारिज करना।
क्षेत्रीय शांति: मध्य पूर्व से अमेरिकी सेना की वापसी और लेबनान सहित सभी मोर्चों पर युद्ध विराम।
द्विपक्षीय समझौता और पाकिस्तान की भूमिका
ट्रंप ने इस पूरे घटनाक्रम में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और फील्ड मार्शल आसिम मुनीर के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह एक द्विपक्षीय सीजफायर है, जिसका अर्थ है कि दोनों पक्ष एक-दूसरे पर हमला नहीं करेंगे। ट्रंप के अनुसार, अतीत के लगभग सभी बड़े विवादों पर एक आम सहमति बन चुकी है, जिससे स्थायी शांति की उम्मीद जगी है।










