US Iran War: इस्फहान से ऑयल कैपिटल तक बमों की बरसात, अमेरिका-ईरान तनाव ने लिया खतरनाक मोड़

ईरान द्वारा अमेरिकी अपाचे हेलीकॉप्टर को मार गिराए जाने के बाद अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य संघर्ष काफी बढ़ गया है।

US Iran War

Wrriten By :

Nivedita Kasaudhan

Published On :

जून 10, 2026

US Iran War: बुधवार, 10 जून 2026 को अमेरिका और ईरान के बीच चल रही शांति वार्ताओं पर पूर्ण विराम लगता दिख रहा है। हाल ही में ईरान द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य के ऊपर गश्त कर रहे एक अमेरिकी ‘अपाचे’ हेलीकॉप्टर को मार गिराए जाने के बाद, दोनों देशों के बीच युद्ध जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई है। जवाब में, अमेरिका ने ईरान के प्रमुख सैन्य और सामरिक ठिकानों पर भीषण एयरस्ट्राइक शुरू कर दी है, जिससे ईरान के 8 प्रमुख शहर धमाकों से गूंज उठे हैं।

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एयरस्ट्राइक की चपेट में ईरान के प्रमुख शहर

अमेरिकी फाइटर जेट्स ने बुधवार तड़के ईरान के कई महत्वपूर्ण इलाकों को निशाना बनाया। इन हमलों के कारण निम्नलिखित स्थानों पर भारी तबाही की सूचना है:

केशम आईलैंड: यहाँ छह बड़े धमाके दर्ज किए गए।

सिरिक आईलैंड: पानी के दो महत्वपूर्ण प्लांट नष्ट कर दिए गए।

प्रमुख सैन्य केंद्र: होर्मुज प्रांत, जस्क शहर, बुशहर और बंदर अब्बास में कई जोरदार विस्फोट हुए।

इस्फहान और अहवाज: इस्फहान के साथ-साथ ईरान की ‘ऑयल कैपिटल’ कहे जाने वाले अहवाज शहर पर भी हमला किया गया, जो ईरान की अर्थव्यवस्था के लिए एक बड़ा झटका है।

ईरान का पलटवार और अमेरिका की जवाबी कार्रवाई

ईरान ने भी इन हमलों का कड़ा जवाब देने का दावा किया है। आईआरजीसी (IRGC) ने घोषणा की है कि उन्होंने बहरीन स्थित अमेरिकी नौसेना की पांचवीं फ्लीट (5th Fleet) के मुख्यालय को निशाना बनाया है। इस घटनाक्रम ने पूरे मध्य-पूर्व में तनाव को नई ऊंचाइयों पर पहुंचा दिया है। सिन्हुआ न्यूज एजेंसी के अनुसार, ईरानी एयर डिफेंस सिस्टम को पूरे दक्षिणी ईरान में एक्टिव कर दिया गया है।

राष्ट्रपति ट्रंप का बयान और सैन्य ऑपरेशन

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस सैन्य कार्रवाई को ‘बहुत जबरदस्त और ताकतवर’ करार दिया है। सेंटकॉम (CENTCOM) के निर्देशों के अनुसार, यह ऑपरेशन 9 जून की शाम से शुरू किया गया। राष्ट्रपति ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर स्पष्ट किया कि हेलीकॉप्टर गिराए जाने की घटना को अमेरिका बर्दाश्त नहीं करेगा। हालांकि, राहत की बात यह है कि दुर्घटनाग्रस्त अपाचे हेलीकॉप्टर के दोनों पायलटों को सुरक्षित बचा लिया गया है।

वैश्विक चिंता का विषय

अमेरिका और ईरान के बीच उपजे इस सैन्य संकट ने वैश्विक समुदाय को चिंतित कर दिया है। कच्चे तेल के बाजार और समुद्री सुरक्षा पर इसके गंभीर प्रभाव पड़ने की आशंका है। होर्मुज जलडमरूमध्य, जो दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल परिवहन मार्गों में से एक है, अब एक बार फिर युद्ध का केंद्र बन गया है। विश्लेषकों का मानना है कि यदि यह स्थिति जल्द नियंत्रित नहीं हुई, तो इसके परिणाम व्यापक और विनाशकारी हो सकते हैं।

फिलहाल, क्षेत्र की स्थिति अत्यंत नाजुक बनी हुई है। अंतरराष्ट्रीय शक्तियों द्वारा शांति बहाली की अपील के बीच, अमेरिका और ईरान दोनों देश अपनी सैन्य क्षमताओं का प्रदर्शन कर रहे हैं, जिससे पूरे क्षेत्र में अनिश्चितता का बादल छा गया है।

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