US Iran Talks Islamabad: इस्लामाबाद बना अभेद्य किला, अमेरिका-ईरान वार्ता से पहले कड़ी सुरक्षा

11 अप्रैल को इस्लामाबाद में होने वाली अमेरिका-ईरान की अहम वार्ता से पहले पाकिस्तान की राजधानी को हाई सिक्योरिटी ज़ोन में बदल दिया गया है, जहां कड़े सुरक्षा इंतजाम और भारी तैनाती की गई है।

US Iran Talks Islamabad

Wrriten By :

Nivedita Kasaudhan

Published On :

अप्रैल 10, 2026

US Iran Talks Islamabad: मध्य पूर्व में जारी तनाव के बीच पूरी दुनिया की निगाहें पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद पर टिकी हैं। कल, 11 अप्रैल 2026 से यहाँ अमेरिका और ईरान के बीच एक ऐतिहासिक और कूटनीतिक वार्ता शुरू होने जा रही है। इस हाई-प्रोफाइल बैठक की संवेदनशीलता को देखते हुए इस्लामाबाद को एक ‘अभेद्य किले’ में तब्दील कर दिया गया है।

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इस्लामाबाद बना अभेद्य किला

अमेरिका और ईरान जैसे दो कट्टर प्रतिद्वंद्वियों को एक मेज पर लाना पाकिस्तान के लिए एक बड़ी कूटनीतिक चुनौती और अवसर दोनों है। इसी कारण सुरक्षा व्यवस्था को ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति पर रखा गया है।

रेड जोन सील और सार्वजनिक अवकाश

इस्लामाबाद की सड़कों पर सुरक्षा का ऐसा पहरा पहले कभी नहीं देखा गया। संसद भवन, दूतावासों और लग्जरी होटलों वाले ‘रेड जोन’ को पूरी तरह सुरक्षित कर दिया गया है। यहाँ आम नागरिकों और निजी वाहनों का प्रवेश वर्जित है। शहर के हर कोने पर सशस्त्र पुलिस और अर्धसैनिक बलों की चौकियां स्थापित की गई हैं। नागरिक गतिविधियों को नियंत्रित करने के लिए राजधानी में गुरुवार और शुक्रवार को सार्वजनिक अवकाश घोषित किया गया है, ताकि प्रतिनिधिमंडलों की आवाजाही में कोई बाधा न आए।

फाइटर जेट्स और AWACS का घेरा

सुरक्षा केवल जमीन तक सीमित नहीं है, बल्कि आसमान में भी एक ‘सुरक्षा कवच’ तैयार किया गया है। पाकिस्तानी वायु सेना (PAF) ने ईरानी और अमेरिकी प्रतिनिधिमंडलों के विमानों की सुरक्षा के लिए IL-78 रिफ्यूलिंग टैंकर्स और C-130 हरक्यूलिस विमान तैनात किए हैं। रक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, AWACS (Airborne Warning and Control System) प्लेटफॉर्म का उपयोग किया जा रहा है ताकि हवाई मार्ग पर किसी भी बाहरी हस्तक्षेप, विशेषकर संभावित इजरायली हमले को रोका जा सके। ईरानी प्रतिनिधिमंडल के विमान को सुरक्षा देने के लिए पाकिस्तानी फाइटर जेट्स को ईरान के बंदर अब्बास तक भेजा गया है।

अमेरिका की चिंता और पाकिस्तान का भरोसा

पाकिस्तान के आंतरिक मंत्री मोहसिन नकवी ने अमेरिकी राजदूत को ‘फुलप्रूफ’ सुरक्षा का आश्वासन दिया है। सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेने के लिए 30 सदस्यीय अमेरिकी अग्रिम टीम (Advance Team) पहले ही इस्लामाबाद पहुँच चुकी है। हालांकि, व्हाइट हाउस के पूर्व प्रेस सचिव एरी फ्लीशर ने सुरक्षा पर चिंता जताते हुए पाकिस्तान को एक ‘खतरनाक जगह’ बताया है, जहाँ सरकार का सुरक्षा तंत्र पर नियंत्रण को लेकर अक्सर सवाल उठते रहते हैं।

वीजा-ऑन-अराइवल और लॉजिस्टिक्स

वार्ता को सुगम बनाने के लिए पाकिस्तान सरकार ने कूटनीतिक प्रोटोकॉल में ढील दी है:

सरल प्रवेश प्रक्रिया: वार्ता में शामिल होने वाले प्रतिनिधियों और अंतरराष्ट्रीय पत्रकारों के लिए ‘वीजा-ऑन-अराइवल’ की सुविधा दी गई है।

स्पेशल डेस्क: हवाई अड्डों पर विशेष सुविधा डेस्क बनाए गए हैं ताकि विदेशी मेहमानों को बिना किसी देरी के प्रवेश मिल सके।

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