होर्मुज पर अमेरिका-ईरान में टकराव बढ़ा, ट्रंप बोले- बातचीत की कोई योजना नहीं

वॉशिंगटन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को कहाकि ईरान के साथ बातचीत की कोई योजना नहीं है। हालांकि उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि होर्मुज से गुजर रहे एक जहाज पर हमले की खबर के बावजूद यह जलमार्ग खुला हुआ है। उन्होंने यह भी कहा कि वर्तमान में होर्मुज से जहाजों की आवाजाही कम हो रही है। ट्रंप ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहाकि वहां अमेरिकी नाकेबंदी पूरी तरह से लागू है। साथ ही यह भी दावा किया कि सभी समुद्री बारूदी सुरंगें हटा दी गई हैं। डोनाल्ड ट्रंप की यह पोस्ट अमेरिका और ईरान के

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Published On :

अगस्त 19, 2026

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वॉशिंगटन
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को कहाकि ईरान के साथ बातचीत की कोई योजना नहीं है। हालांकि उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि होर्मुज से गुजर रहे एक जहाज पर हमले की खबर के बावजूद यह जलमार्ग खुला हुआ है। उन्होंने यह भी कहा कि वर्तमान में होर्मुज से जहाजों की आवाजाही कम हो रही है। ट्रंप ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहाकि वहां अमेरिकी नाकेबंदी पूरी तरह से लागू है। साथ ही यह भी दावा किया कि सभी समुद्री बारूदी सुरंगें हटा दी गई हैं। डोनाल्ड ट्रंप की यह पोस्ट अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत के 60 दिनों का दौर इस हफ्ते खत्म होने के बाद आई है।

ईरान ने क्या कहा
इस बीच ईरान का भी बयान आया है। ईरान का कहना है कि होर्मुज तब तक बंद रहेगा, जब तक अमेरिका जून में किए गए अंतरिम समझौते के तहत तेहरान की शर्तें पूरी नहीं करता है। शीर्ष ईरानी वार्ताकार मोहम्मद बाकर कालीबाफ ने कहाकि इन शर्तों में ईरानी बंदरगाहों पर अमेरिकी नाकेबंदी हटाना, तेल पर रोक हटाना, ईरान की फ्रीज की गई संपत्तियों को जारी करना और सभी मोर्चों पर धमकियों और सैन्य कार्रवाइयों को खत्म करना शामिल है।

ईरानी विदेश मंत्री बोले-वॉशिंगटन झुक रहा
ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने इस बीच यह बात खारिज कर दी कि उनका देश समर्पण करने वाला है। साथ ही यह भी दावा किया कि वॉशिंगटन अब ईरानी शर्तों पर बातचीत करना चाहता है। अराघची ने कहाकि जंग में अमेरिका का उद्देश्य ईरान को समर्पण करने पर मजबूर करना था, लेकिन हम समर्पण नहीं करेंगे। उन्होंने जोड़ा कि अमेरिका अब हमारे शर्तों के अनुसार हमसे बातचीत करने की भीख मांग रहा है।

अराघची ने क्या कहा
अराघची ने यह भी कहाकि अमेरिका के साथ हस्ताक्षरित समझौता ज्ञापन में ईरान के पक्ष में 13 प्रावधान हैं। एक वॉशिंगटन के पक्ष में है, जबकि इजरायल पर तोड़-फोड़ करने और इसके कार्यान्वयन को रोकने के लिए हर संभव प्रयास करने का आरोप लगाया। हमने युद्ध जीता, और हम कूटनीति में भी जीते और हमने दुश्मन को हमारी शर्तों को स्वीकार करने के लिए मजबूर किया। अराघची ने यह भी कहाकि ईरान की सैन्य और युद्धक्षेत्र क्षमताओं ने वार्ता में अपनी स्थिति को मजबूत किया है।

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