US Iran Peace Talks In Pakistan: इस्लामाबाद में ईरान के साथ हुई शांति वार्ता के विफल होने के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बेहद सख्त रुख अख्तियार किया है। ट्रंप ने स्पष्ट कर दिया है कि ईरान की परमाणु महत्वाकांक्षाओं को किसी भी कीमत पर पूरा नहीं होने दिया जाएगा। पत्रकारों से बातचीत में ट्रंप ने न केवल अपनी रणनीति साफ की, बल्कि ईरान की वर्तमान सैन्य और आर्थिक स्थिति पर भी तीखे प्रहार किए।
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‘ईरान के पास परमाणु हथियार होना असंभव’
ट्रंप ने इस्लाबाद पीस टॉक (Islamabad Peace Talk) के विफल होने पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि अमेरिका की स्थिति अब पहले से कहीं अधिक मजबूत है। उन्होंने जोर देकर कहा, “ईरान के पास न्यूक्लियर वेपन नहीं होना चाहिए और न ही कभी होंगे। यह संभव ही नहीं है।” ट्रंप के अनुसार, इस्लामाबाद में हुई बातचीत के दौरान यह स्पष्ट हो गया था कि तेहरान अब भी परमाणु शक्ति बनने की इच्छा रखता है, जिसे अमेरिका कभी स्वीकार नहीं करेगा।
जब उनसे दोबारा बातचीत की संभावना पर सवाल पूछा गया, तो उन्होंने बेपरवाह अंदाज में कहा, “मुझे परवाह नहीं कि वे बातचीत की मेज पर वापस आते हैं या नहीं। अगर वे नहीं आते, तो भी मुझे कोई आपत्ति नहीं है।”
‘बर्बाद हो चुकी है ईरान की सैन्य शक्ति’
ट्रंप ने ईरान की वर्तमान सैन्य क्षमता पर दावा किया कि युद्ध और अमेरिकी प्रतिबंधों के कारण तेहरान की हालत बेहद खस्ता हो चुकी है। ट्रंप के अनुसार ईरान की नौसेना और वायुसेना लगभग खत्म होने की कगार पर हैं। उसके कई महत्वपूर्ण जहाज समुद्र में डूब चुके हैं। ईरान ने अपनी संपत्ति का बड़ा हिस्सा हथियारों पर खर्च किया था, लेकिन अमेरिका ने उन हथियारों के एक बड़े हिस्से को नष्ट कर दिया है। ट्रंप ने दावा किया कि बातचीत की मेज पर अब ईरान के पास कोई मजबूत विकल्प या ‘लीवरेज’ नहीं बचा है।
सत्ता परिवर्तन और अंतरराष्ट्रीय रुख पर सवाल
‘फॉक्स न्यूज’ को दिए एक साक्षात्कार में ट्रंप ने एक चौंकाने वाला दावा किया कि ईरान के नेतृत्व के व्यवहार में बदलाव आया है। उन्होंने इस्लामाबाद में बातचीत करने वाले ईरानी प्रतिनिधियों को ‘होशियार और तेज-तर्रार’ बताया, लेकिन साथ ही यह भी कहा कि अब वहां की सत्ता की ताकत पहले जैसी नहीं रही।
ट्रंप ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय की चुप्पी पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि ईरान दशकों से ‘अमेरिका मुर्दाबाद’ और ‘इजरायल मुर्दाबाद’ जैसे नारे लगाता रहा है और अमेरिका को खत्म करने की धमकियां देता रहा है। ट्रंप के अनुसार, दुनिया इन गंभीर बयानों को उतनी गंभीरता से नहीं लेती जितनी कि लेनी चाहिए। उन्होंने अंत में विश्वास जताया कि अमेरिका की हालिया कार्रवाइयों ने पूरे क्षेत्र के हालात और शक्ति संतुलन को पूरी तरह बदल कर रख दिया है।









