US Iran Peace Talks: अमेरिका-ईरान शांति वार्ता विफल होने के बाद ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने कहा कि,अगर अमेरिकी सरकार अपनी तानाशाही को छोड़कर ईरानी राष्ट्र के अधिकारों का सम्मान करती है तो निश्चित रूप से समझौते तक पहुंचने के रास्ते मिलेंगे।ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने भी सोशल मीडिया पर कहा कि,47 सालों में सबसे उच्चतम स्तर पर चल रही गहरी वार्ता में,ईरान ने युद्ध समाप्त करने के लिए अमेरिका से अच्छे विश्वास मंद बातचीत की है लेकिन जब ईरान समझौते के सबसे पास था तो ईरान को अधिकतमवाद,बदलते लक्ष्य और नाकेबंदी का सामना करना पड़ा।
यूएस-ईरान वार्ता फेल होने पर कच्चे तेल की कीमतों में उछाल
यूएस-ईरान वार्ता विफल होने और अमेरिकी नौसेना की स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज की नाकेबंदी की तैयारी ने कच्चे तेल की कीमतों में फिर उछाल ला दिया है।सोमवार को एक बार फिर कच्चे तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गईं।ब्रेंट क्रूड 7.60 डॉलर बढ़कर 102.80 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया।वहीं अमेरिकी वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट में 8.31 डॉलर की बढ़ोतरी दर्ज हुई है।जो पहले 104.88 प्रति बैरल था।
हॉर्मुज जलडमरूमध्य की नाकाबंदी करने का आदेश
वहीं अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हॉर्मुज जलडमरूमध्य की नाकेबंदी शुरू करने की बात कही है।उनके अनुसार ईरान के साथ हुई लंबी बातचीत विफल हो चुकी है।जिससे नाजुक संघर्ष-विराम खतरे में पड़ गया है।साथ ही राष्ट्रपति ट्रम्प ने कहा कि,नवंबर में होने वाले मध्यावधि चुनावों तक तेल और गैसोलीन की कीमतें ऊंची बनी रह सकती हैं।उन्होंने माना कि छह हफ्ते पहले ईरान पर हमला करने के उनके फैसले के संभावित राजनीतिक परिणामों का असर पड़ सकता है।
अमेरिका की ओर से समुद्री यातायात की नाकेबंदी
US-ईरान के बीच शांति वार्ता बिना किसी समझौते के समाप्त होने के बाद अब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने होर्मुज जलडमरूमध्य पर नाकाबंदी शुरू करने का आदेश दिया है। अमेरिकी सेना की सेंट्रल कमांड ने कहा है कि,वह राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप की घोषणा के मुताबिक आज स्थानीय समय के मुताबिक सुबह 10 बजे से और भारतीय समय के मुताबिक शाम साढ़े सात बजे से ईरान के बंदरगाहों में आने-जाने वाले सभी समुद्री यातायात की नाकेबंदी करना शुरू कर देगी
ट्रंप का ईरान पर जबरन वसूली का आरोप
राष्ट्रपति ट्रंप ने अमेरिकी नौसेना को अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में उन सभी जहाजों की पहचान करने और उन्हें रोकने का भी निर्देश दिया है,जिन्होंने ईरान को शुल्क यानि टोल का भुगतान किया है। हाल ही में ट्रंप ने सोशल मीडिया पोस्ट में ईरान पर “जबरन वसूली” का आरोप भी लगाया था।वहीं ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बेनीज़ ने कहा कि,ये फैसला एकतरफा है और ऑस्ट्रेलिया को अमेरिका से होर्मुज जलडमरूमध्य पर उसकी योजनाबद्ध नाकाबंदी में मदद करने के लिए कोई अनुरोध प्राप्त नहीं हुआ है।









