US Iran Conflict: अमेरिका का ईरान पर बड़ा अटैक, मिसाइल और ड्रोन साइट्स बनीं निशाना

स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज में एक व्यावसायिक जहाज पर हुए ड्रोन हमले के जवाब में अमेरिका ने ईरान के खिलाफ बड़ा सैन्य एक्शन लिया है।

US Iran Conflict

Wrriten By :

Nivedita Kasaudhan

Published On :

जून 27, 2026

US Iran Conflict: मध्य पूर्व एक बार फिर बारूद के ढेर पर खड़ा है। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में एक व्यावसायिक मालवाहक जहाज पर हुए ड्रोन हमले के बाद अमेरिका और ईरान के बीच चल रहा तनाव अब खुलकर सैन्य संघर्ष में तब्दील हो गया है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने शुक्रवार (26 जून) को तेहरान के खिलाफ बड़े सैन्य एक्शन की पुष्टि करते हुए कई मिसाइल और ड्रोन ठिकानों को निशाना बनाने का दावा किया है।

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क्या था पूरा घटनाक्रम?

तनाव की शुरुआत 25 जून को हुई, जब सिंगापुर के झंडे वाला मालवाहक जहाज ‘एम/वी एवर लवली’ स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजर रहा था। इस दौरान जहाज पर ईरानी बलों द्वारा एकतरफा हमलावर ड्रोन से हमला किया गया। ब्रिटिश सेना और यूनाइटेड किंगडम मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस सेंटर ने भी इसकी पुष्टि की है कि ओमान के तट के पास एक कंटेनर जहाज को किसी प्रोजेक्टाइल ने हिट किया। गनीमत रही कि इस घटना में कोई हताहत नहीं हुआ।

इस हमले को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने इस घटना को युद्धविराम समझौते का ‘मूर्खतापूर्ण उल्लंघन’ करार दिया। ट्रंप के अनुसार, ईरान ने चार ड्रोन भेजे थे, जिनमें से एक जहाज के ऊपरी हिस्से से टकराया, जबकि बाकी तीन को अमेरिकी सेना ने मार गिराया।

अमेरिका का ‘जवाबी प्रहार’

इस उकसावे के बाद अमेरिकी सेना ने ईरान के खिलाफ जवाबी हवाई हमले शुरू कर दिए। CENTCOM के अनुसार, इस सैन्य कार्रवाई में ईरान के महत्वपूर्ण मिसाइल और ड्रोन भंडारण केंद्रों और तटीय रडार साइट्स को निशाना बनाया गया है। अमेरिका का स्पष्ट संदेश है कि व्यावसायिक जहाजों की सुरक्षा के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा। अमेरिका ने स्पष्ट किया है कि वह स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में सुरक्षित समुद्री मार्ग सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह सतर्क और तैनात है।

अंतरराष्ट्रीय हलचल और जहाजों पर रोक

इस हमले के बाद फारस की खाड़ी में समुद्री व्यापार बुरी तरह प्रभावित हुआ है। अंतरराष्ट्रीय समुद्री संगठन (IMO) ने जहाजों की निकासी को फिलहाल रोक दिया है। आईएमओ के महासचिव अर्सेनियो डोमिंगुएज ने चिंता जताई है कि जब तक क्षेत्र में जहाजों की सुरक्षा की पुख्ता गारंटी नहीं मिल जाती, निकासी की प्रक्रिया शुरू नहीं होगी। आंकड़ों के अनुसार, अभी भी करीब 500 मालवाहक जहाज उस खतरनाक क्षेत्र में फंसे हुए हैं।

ईरान को ट्रंप की चेतावनी

ओवल ऑफिस में पत्रकारों से बात करते हुए जब डोनाल्ड ट्रंप से पूछा गया कि क्या ईरान को इन हमलों के गंभीर परिणाम भुगतने होंगे, तो उन्होंने रहस्यमयी और सख्त लहजे में कहा, “आपको जल्द ही पता चल जाएगा।” उन्होंने ईरान के इस कदम को सीधे तौर पर चुनौती माना है और चेतावनी दी है कि ईरान को ऐसे उकसावे भरे कदम नहीं उठाने चाहिए थे।

यह स्थिति अब एक बड़े क्षेत्रीय संघर्ष की ओर इशारा कर रही है। वैश्विक शक्तियों की नजर अब इस बात पर टिकी है कि ईरान का अगला कदम क्या होगा और क्या अमेरिका और ईरान के बीच का यह अनिश्चित ‘सीजफायर’ पूरी तरह टूट चुका है या कूटनीति के लिए अभी कोई जगह बची है।

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