Russia Ukraine War : अमेरिकी चुनाव में ट्रंप की पार्टी को झटका, रूस-यूक्रेन शांति वार्ता पर भी बढ़ीं मुश्किलें

अमेरिकी चुनाव में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी को मिले झटके ने अमेरिकी राजनीति में नई बहस छेड़ दी है। दूसरी ओर रूस और यूक्रेन के बीच शांति वार्ता को लेकर भी चुनौतियां बढ़ती दिखाई दे रही हैं। क्या अमेरिकी चुनावी नतीजे युद्ध समाप्त कराने की कोशिशों को प्रभावित करेंगे?

Russia Ukraine War

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

नवम्बर 8, 2026

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Russia Ukraine War :  अमेरिका के मिडटर्म चुनाव में रिपब्लिकन पार्टी को मिली हार के बाद रूस की नजरें अब अमेरिकी राजनीति में होने वाले बदलावों पर टिक गई हैं। रूस के राजनीतिक जानकारों का मानना है कि जनवरी में डेमोक्रेटिक पार्टी के सांसदों के संसद की कमान संभालने के बाद यूक्रेन को अमेरिका से ज्यादा सैन्य और आर्थिक सहायता मिल सकती है। हालांकि, मॉस्को को अभी भी उम्मीद है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध समाप्त कराने के लिए कूटनीतिक प्रयास जारी रखेंगे।

क्रेमलिन ने कहा, चुनावी नतीजों से शांति वार्ता पर नहीं पड़ेगा असर

क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने कहा कि अमेरिकी चुनाव के परिणामों का रूस-यूक्रेन युद्ध समाप्त कराने की कोशिशों पर प्रभाव नहीं पड़ना चाहिए। उन्होंने जानकारी दी कि रूस, यूक्रेन और अमेरिका के अधिकारियों के बीच अगली त्रिपक्षीय बातचीत मंगलवार और बुधवार को संयुक्त अरब अमीरात की राजधानी अबू धाबी में होगी। पेस्कोव ने अमेरिकी प्रथम महिला मेलानिया ट्रंप के मानवीय प्रयासों की भी सराहना की। उनकी पहल से पिछले सप्ताह रूस के कब्जे वाले यूक्रेनी शहर ओलेश्की के आसपास अस्थायी युद्धविराम हुआ था। इससे राहत सामग्री पहुंचाने और कुछ नागरिकों को सुरक्षित निकालने में मदद मिली।

रूस के प्रति ट्रंप के फैसलों पर अमेरिकी राजनीति में विवाद

पिछले कुछ महीनों में डोनाल्ड ट्रंप के कई फैसलों को रूस के अनुकूल माना गया है। अमेरिका द्वारा रूस से डीजल खरीदने का समझौता भी इसी कड़ी में देखा गया। यह कदम रूस पर दबाव बनाने की पुरानी अमेरिकी नीति से अलग था। ट्रंप ने यूक्रेन से रूसी तेल रिफाइनरियों पर हमले रोकने की अपील की थी। उनका कहना था कि इन हमलों से अमेरिका में डीजल की कीमतें बढ़ रही हैं। इसके अलावा ट्रंप प्रशासन ने रूस की अर्थव्यवस्था पर नए प्रतिबंध लगाने की योजना भी फिलहाल रोक दी। इस फैसले की दोनों राजनीतिक दलों के कई सांसदों ने आलोचना की।

स्टारशील्ड सेवा और रूसी डीजल समझौते पर बढ़ा विवाद

इसी बीच यूक्रेन ने एलन मस्क की कंपनी स्पेसएक्स की सैन्य इंटरनेट सेवा स्टारशील्ड की गति कम किए जाने की शिकायत की। यूक्रेनी सेना के लिए यह सेवा ड्रोन हमलों और सैनिकों के बीच संपर्क बनाए रखने में महत्वपूर्ण है। ट्रंप ने इस मामले में अपनी भूमिका से इनकार किया। दूसरी ओर, रूस से डीजल खरीदने का समझौता भी कानूनी अड़चनों में फंस गया। अमेरिकी अधिकारियों की चेतावनी के बाद अमेरिका पहुंचने वाले दो टैंकरों ने अपना रास्ता बदल लिया। हालांकि, रूस ने कहा है कि डीजल की आपूर्ति जारी रहेगी।

यूक्रेन को पैट्रियट मिसाइलों की जरूरत,

रूस के बैलिस्टिक मिसाइल हमलों से बचाव के लिए यूक्रेन को अमेरिकी पैट्रियट मिसाइलों की जरूरत है। राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की कई बार जल्द आपूर्ति की मांग कर चुके हैं। लेकिन ईरान युद्ध के कारण अमेरिकी हथियारों का भंडार प्रभावित हुआ है। अमेरिका फिलहाल अपने सैन्य संसाधनों को मजबूत करने पर ध्यान दे रहा है। 30 अक्टूबर को ट्रंप प्रशासन ने यूक्रेन के लिए 2.1 अरब डॉलर की पैट्रियट मिसाइल बिक्री को मंजूरी दी थी। इससे पहले कीव ने पेंटागन पर आपूर्ति में देरी का आरोप लगाया था।

पुतिन से बातचीत, जेलेंस्की को लेकर ट्रंप का सख्त रुख

ट्रंप ने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को समझौते के लिए अधिक तैयार बताया, जबकि जेलेंस्की को शांति प्रक्रिया में बाधा बताया था। गुरुवार को उन्होंने पुतिन के विशेष दूत किरिल दिमित्रिएव से भी बातचीत की। दिमित्रिएव मेलानिया ट्रंप के मानवीय कार्यक्रम में शामिल हुए थे। इस दौरान ट्रंप ने मौजूद यूक्रेनी अधिकारियों से मुलाकात नहीं की। हालांकि, यूरोप की सुरक्षा को लेकर किसी बड़े समझौते की संभावनाओं पर चर्चा हुई।

डेमोक्रेट्स की जीत से पुतिन पर बढ़ सकता है दबाव

रूस के पूर्व राष्ट्रपति दिमित्री मेदवेदेव का मानना है कि डेमोक्रेट्स के मजबूत होने से ट्रंप यूक्रेन पर दबाव बनाने में सावधानी बरत सकते हैं। वहीं, जेलेंस्की ने अमेरिकी चुनाव परिणामों को यूक्रेन के लिए सकारात्मक बताया है। रूसी राजनीतिक विश्लेषक अब्बास गल्यामोव के मुताबिक, पुतिन ने ट्रंप की जीत के बाद समझौते का अवसर गंवा दिया। हालांकि, अटलांटिक काउंसिल के जान फ्लेक का कहना है कि संसद में बहुमत मिलने के बावजूद डेमोक्रेट्स के लिए ट्रंप की विदेश नीति को नियंत्रित करना आसान नहीं होगा। रूसी सांसद कॉन्स्टेंटिन कोसाचेव और एस्टोनिया के विदेश मंत्री मार्गुस त्साहकना ने भी विदेश नीति में राष्ट्रपति की महत्वपूर्ण भूमिका बताई। कोसाचेव के अनुसार, चुनावी झटके के बाद ट्रंप और सख्त रुख अपना सकते हैं।

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