US Ground Operation in Iran: पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच हालात गंभीर होते जा रहे हैं। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने पुष्टि की है कि युद्धपोत यूएसएस त्रिपोली अब अपने ऑपरेशनल जोन में पहुंच चुका है और इसके साथ 3500 मरीन सैनिक भी तैनात किए गए हैं। यह युद्धपोत ‘अमेरिका-क्लास’ एम्फीबियस असॉल्ट शिप है, जिसमें फाइटर जेट F-35 और ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट जैसे ऑस्प्रे तैनात हैं। साथ ही, 31वीं मरीन एक्सपीडिशनरी यूनिट भी इस मिशन का हिस्सा है, जो हमले, कब्जा और बचाव के ऑपरेशनों के लिए जानी जाती है।
ईरान के खिलाफ जमीनी ऑपरेशन की तैयारी में ट्रंप
पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ने के बीच अमेरिका ने 3500 मरीन सैनिक और युद्धपोत यूएसएस त्रिपोली तैनात किया। इज़राइल-अमेरिका और ईरान के युद्ध में हूती विद्रोहियों ने संघर्ष शुरू होने के बाद पहली बार इज़राइल पर जोरदार हमले किए हैं।इस बीच,इजराइल-अमेरिका और ईरान के युद्ध में हूती विद्रोहियों ने संघर्ष शुरू होने के बाद पहली बार इज़राइल पर जोरदार हमले किए हूती विद्रोहियों ने ईरान के समर्थन से यह हमला किया है।
यूएई और बहरीन में ईरान ने किए बैलिस्टिक मिसाइल से हमले
पिछले 24 घंटों में खाड़ी देशों के महत्वपूर्ण इन्फ्रास्ट्रक्चर को भी निशाना बनाया गया। UAE और बहरीन में बड़े बैलिस्टिक मिसाइल हमले हुए, और कुवैत के अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के रडार सिस्टम को गंभीर नुकसान पहुंचा। सऊदी अरब के प्रिंस सुल्तान एयरबेस पर ईरान समर्थित मिसाइल और ड्रोन हमले में अमेरिकी ई-3जी सेंट्री अवाक्स विमान नष्ट हो गया।
युद्ध पर समाधान के लिए जुटे खाड़ी देशों के विदेश मंत्री
अमेरिका ने यूएसएस त्रिपोली भेजकर स्पष्ट किया है कि,वह और आक्रामक कदम उठाने के लिए तैयार है, जबकि ईरान भी पीछे हटने को तैयार नहीं दिख रहा। दोनों पक्षों के बढ़ते हमलों से यह स्पष्ट है कि खाड़ी में युद्ध और ऊर्जा संकट गहरा सकता है।ईरान के युद्ध समाधान पर मंथन के लिए सऊदी अरब,तुर्किये और मिस्र के विदेश मंत्रियों की पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में एक मीटिंग हुई जिसमें खाड़ी देशों के विदेश मंत्रियों ने पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव पर चिंता जाहिर की और युद्ध को समाप्त करने की दिशा में कदम उठाए जाने पर मंथन किया।









