US-Bangladesh Trade Deal: ट्रंप सरकार का बड़ा फैसला, बांग्लादेशी कपड़ों पर आयात शुल्क ‘जीरो’

डोनाल्ड ट्रंप ने एक ऐसा फैसला लिया है जिसने सबको चौंका दिया है। बांग्लादेश से आने वाले कपड़ों पर अब कोई टैक्स नहीं लगेगा। लेकिन इस 'जीरो ड्यूटी' के पीछे छिपी है एक ऐसी शर्त जो भारत और चीन जैसे देशों के निर्यात बाजार को पूरी तरह हिला कर रख सकती है।

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

फ़रवरी 10, 2026

US-Bangladesh Trade Deal: बांग्लादेश में होने वाले आम चुनावों की आहट के बीच संयुक्त राज्य अमेरिका ने देश को एक अत्यंत महत्वपूर्ण आर्थिक उपहार दिया है। दोनों देशों के मध्य हुए एक नए रणनीतिक व्यापार समझौते के तहत अब बांग्लादेशी उत्पादों पर लगने वाले टैरिफ (आयात शुल्क) में भारी कटौती की गई है। इस समझौते की सबसे खास बात यह है कि अमेरिकी कच्चे माल के उपयोग से तैयार किए गए कुछ विशिष्ट कपड़ा उत्पादों को अब अमेरिकी बाजार में ‘जीरो टैरिफ’ यानी शून्य शुल्क पर प्रवेश की अनुमति मिलेगी। अंतरिम सरकार के प्रमुख सलाहकार मोहम्मद यूनुस ने इस कदम का स्वागत करते हुए इसे देश की अर्थव्यवस्था के लिए ‘संजीवनी’ करार दिया है।

टैरिफ में ऐतिहासिक कटौती: 37 प्रतिशत से घटकर हुआ 19 फीसदी

लंबे समय से चल रही व्यापारिक वार्ताओं के बाद अमेरिका ने द्विपक्षीय व्यापार समझौते के तहत रेसिप्रोकल टैरिफ को घटाकर अब मात्र 19 प्रतिशत के स्तर पर ला दिया है। गौर करने वाली बात यह है कि पिछले साल अप्रैल में यह टैरिफ 37 प्रतिशत प्रस्तावित किया गया था, जिसे अगस्त में कम करके 20 प्रतिशत किया गया। लगातार नौ महीनों की जटिल चर्चाओं और कूटनीतिक प्रयासों के बाद आखिरकार दोनों राष्ट्र इस बड़ी व्यापारिक रियायत पर सहमत हुए हैं। यह कटौती बांग्लादेशी निर्यातकों के लिए वैश्विक बाजार में प्रतिस्पर्धा करने का एक सुनहरा अवसर प्रदान करेगी।

ड्यूटी-फ्री एंट्री से मजबूत होगी कपड़ा आपूर्ति श्रृंखला

इस ऐतिहासिक समझौते का मुख्य आकर्षण अमेरिकी कच्चे माल से बने परिधानों को मिलने वाली ड्यूटी-फ्री एंट्री है। मोहम्मद यूनुस के अनुसार, यह नीति वैश्विक कपड़ा आपूर्ति श्रृंखला (Global Textile Supply Chain) में बांग्लादेश की स्थिति को अभूतपूर्व मजबूती प्रदान करेगी। इससे न केवल देश के कुल निर्यात में भारी वृद्धि होने की संभावना है, बल्कि गारमेंट सेक्टर में कार्यरत लाखों श्रमिकों के रोजगार को भी सुरक्षा मिलेगी। यह समझौता सीधे तौर पर उत्पादन लागत को कम करने और मुनाफे को बढ़ाने में सहायक सिद्ध होगा।

प्रमुख हस्ताक्षरकर्ता और व्हाइट हाउस की पुष्टि

इस महत्वपूर्ण दस्तावेज पर बांग्लादेश की ओर से वाणिज्य सलाहकार शेख बशीर और सुरक्षा सलाहकार खलीलुर रहमान ने हस्ताक्षर किए हैं। वहीं, अमेरिका का प्रतिनिधित्व ट्रेड प्रतिनिधि एंबेसडर जैमीसन ग्रीर ने किया। व्हाइट हाउस ने भी आधिकारिक तौर पर इसकी पुष्टि करते हुए कहा है कि दोनों पक्ष अब बांग्लादेश में गैर-टैरिफ बाधाओं (Non-tariff barriers) को कम करने और एक पारदर्शी व्यापारिक वातावरण बनाने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। यह समझौता दोनों देशों के बीच संबंधों के एक नए युग की शुरुआत माना जा रहा है।

चुनावी माहौल और राजनीतिक स्थिरता का संदेश

यह व्यापारिक समझौता ऐसे संवेदनशील समय में हुआ है जब बांग्लादेश में गुरुवार को बेहद महत्वपूर्ण आम चुनाव होने जा रहे हैं। अगस्त 2024 में शेख हसीना के देश छोड़ने के बाद से वहां अंतरिम सरकार शासन संभाल रही है। हालांकि देश के कुछ हिस्सों से चुनावी हिंसा और झड़पों की खबरें भी आ रही हैं, लेकिन अंतरिम प्रशासन इस समझौते के जरिए अंतरराष्ट्रीय जगत और घरेलू जनता को यह संदेश देना चाहता है कि देश आर्थिक रूप से स्थिर और प्रगति की राह पर है।

भविष्य की संभावनाएं और आर्थिक लक्ष्य

बांग्लादेश दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा कपड़ा निर्यातक है और अमेरिका उसका सबसे बड़ा बाजार है। टैरिफ कम होने से बांग्लादेशी उत्पादों की मांग अमेरिकी स्टोर्स में तेजी से बढ़ेगी। निर्यातकों और व्यापारिक संगठनों ने इस फैसले का जोरदार स्वागत किया है। सरकार का लक्ष्य इस रियायत के माध्यम से विदेशी मुद्रा भंडार को बढ़ाना और व्यापार घाटे को कम करना है। उम्मीद जताई जा रही है कि भविष्य में इलेक्ट्रॉनिक्स और कृषि उत्पादों पर भी इसी तरह की छूट प्राप्त करने के लिए बातचीत आगे बढ़ाई जाएगी।

Read More :  Bangladesh Election 2026: चुनावों से पहले अल्पसंख्यकों में दहशत, कट्टरपंथ और असुरक्षा का माहौल