
US Attacks Iran : अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव एक बार फिर बढ़ता नजर आ रहा है। अमेरिकी सेना ने फारस की खाड़ी में स्थित ईरान के रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण केशम द्वीप पर सैन्य हमले किए हैं। वॉल स्ट्रीट जर्नल (WSJ) की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी सेना की इस कार्रवाई का मुख्य निशाना ईरान के एयर डिफेंस सिस्टम थे। अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, यह हमला सीमित और रक्षात्मक प्रकृति का था। इसका उद्देश्य उन ईरानी सैन्य क्षमताओं को कमजोर करना था, जिनसे अमेरिकी मानवरहित विमानों को खतरा पैदा हो रहा था।
केशम द्वीप पर पांच धमाकों से दहला इलाका, आसमान में दिखे विमान
अल जजीरा की रिपोर्ट के अनुसार, ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी आईआरएनए ने केशम द्वीप पर पांच धमाकों की आवाज सुनाई देने की जानकारी दी है। इसके अलावा बंदर लेंघे इलाके में भी धमाकों की खबर सामने आई। आईआरएनए के मुताबिक, केशम द्वीप के स्थानीय निवासियों ने आसमान में दो विमानों को उड़ते हुए देखा। हालांकि, हमले से हुए नुकसान और प्रभावित सैन्य ठिकानों को लेकर विस्तृत आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। इस घटनाक्रम के बाद क्षेत्र में सुरक्षा और सैन्य गतिविधियों को लेकर हलचल बढ़ गई है।
हॉर्मुज जलडमरूमध्य के करीब स्थित है केशम द्वीप, क्यों है अहम?
केशम द्वीप की भौगोलिक स्थिति इसे सैन्य और आर्थिक दोनों दृष्टियों से बेहद महत्वपूर्ण बनाती है। यह द्वीप हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के बिल्कुल करीब स्थित है। हॉर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापारिक मार्गों में शामिल है। वैश्विक तेल आपूर्ति का बड़ा हिस्सा इसी रास्ते से होकर गुजरता है। ऐसे में इस इलाके में होने वाली किसी भी सैन्य गतिविधि का असर अंतरराष्ट्रीय व्यापार और ऊर्जा बाजार पर पड़ सकता है। यही वजह है कि केशम द्वीप पर अमेरिकी हमले को क्षेत्रीय सुरक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
ईरान के एयर डिफेंस सिस्टम को निशाना बनाने का दावा
वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी सेना ने केशम द्वीप पर मौजूद ईरानी एयर डिफेंस सिस्टम और सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल लॉन्चर को निशाना बनाया। अमेरिकी अधिकारियों का दावा है कि इन प्रणालियों का इस्तेमाल अमेरिकी मानवरहित विमानों को निशाना बनाने के लिए किया जा रहा था। इनमें MQ-9A जैसे ड्रोन भी शामिल हैं। अमेरिका का उद्देश्य इन सैन्य प्रणालियों को निष्क्रिय कर अपने विमानों के लिए संभावित खतरे को कम करना था। हालांकि, ईरान की ओर से हमले के नुकसान और अमेरिकी दावों पर विस्तृत प्रतिक्रिया का इंतजार है।
ट्रंप ने बड़े युद्ध की आशंका को किया खारिज, सीमित कार्रवाई का संकेत
इस सैन्य कार्रवाई के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिया है कि अमेरिका किसी बड़े क्षेत्रीय युद्ध में उलझना नहीं चाहता। अमेरिकी नेतृत्व इस हमले को सीमित और लक्षित सैन्य कार्रवाई के रूप में पेश कर रहा है। इसके जरिए अमेरिका का संदेश है कि वह अपने सैन्य संसाधनों और मानवरहित विमानों की सुरक्षा के लिए जरूरी कदम उठा रहा है। हालांकि, ईरान के क्षेत्र में सीधे सैन्य हमले से दोनों देशों के बीच पहले से मौजूद तनाव और गहरा सकता है।
कतर की मध्यस्थता से बातचीत की कोशिश, क्या टलेगा बड़ा टकराव?
सैन्य तनाव के बीच कूटनीतिक स्तर पर भी गतिविधियां तेज बताई जा रही हैं। कतर के मध्यस्थों और अन्य अंतरराष्ट्रीय पक्षों की ओर से अमेरिका तथा ईरान के बीच संभावित समझौते और बातचीत के रास्ते तलाशने के प्रयास किए जा रहे हैं। इन कोशिशों का मकसद दोनों देशों के बीच टकराव को और बढ़ने से रोकना है। अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या सीमित सैन्य कार्रवाई के बाद दोनों देश बातचीत की मेज पर लौटेंगे या फारस की खाड़ी में तनाव और बढ़ेगा?











