US Africa Relations: नए साल के पहले दिन अमेरिका को झटका, माली और बुर्किना फासो ने लिया जवाबी कदम

क्या सुपरपावर अमेरिका को दो छोटे देशों ने खुली चुनौती दे दी है? 2026 के पहले दिन जब ट्रंप का नया ट्रैवल बैन लागू हुआ, तो माली और बुर्किना फासो ने 'जैसे को तैसा' नीति अपनाते हुए अमेरिकी नागरिकों को अपने देश से बाहर रखने का ऐलान कर दिया। क्या यह महाशक्ति का अपमान है?

US Africa Relations

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

जनवरी 1, 2026

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US Africa Relations: नए साल की शुरुआत में अमेरिका और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के लिए गंभीर खबर आई है। माली और बुर्किना फासो ने अमेरिकी नागरिकों की अपनी देशों में एंट्री पर प्रतिबंध लगा दिया है। यह कदम अमेरिका द्वारा लगाए गए वीजा और एंट्री प्रतिबंधों के जवाब में उठाया गया। दोनों देशों ने साफ कर दिया कि अमेरिका के लोगों पर वही नियम लागू होंगे, जो अमेरिकी प्रशासन ने उनकी नागरिकता वाले लोगों पर लागू किए हैं।

US Africa Relations: ट्रंप प्रशासन ने अमेरिकी में एंट्री पर लगाए नियम

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के आदेश के अनुसार अमेरिका ने 39 देशों के नागरिकों के लिए प्रवेश पर पाबंदी लागू की है। इसमें 25 अफ्रीकी देश शामिल हैं। कुछ देशों पर पूर्ण प्रतिबंध है, जबकि कुछ पर आंशिक प्रतिबंध लागू हैं। उदाहरण के लिए, सीरिया, फिलिस्तीन, नाइजीरिया, दक्षिण सूडान और सिएरा लियोन के लोगों की अमेरिका में एंट्री पूरी तरह प्रतिबंधित है। वहीं सेनेगल और आइवरी कोस्ट पर आंशिक रूप से एंट्री की अनुमति है।

US Africa Relations: माली और बुर्किना फासो ने लिया जवाबी कदम

बुर्किना फासो के विदेश मंत्री करामाो जीन मैरी त्राओरे ने पुष्टि की कि अब बुर्किना फासो में अमेरिका के लोगों पर वही नियम लागू होंगे, जो अमेरिका ने बुर्किना फासो के लोगों के लिए लागू किए थे। इसी तरह माली ने भी फैसले की पुष्टि करते हुए कहा कि अमेरिकी नागरिकों को माली में प्रवेश नहीं दिया जाएगा। माली ने हालांकि इस फैसले पर खेद जताया, लेकिन उसने स्पष्ट किया कि यह कदम अमेरिका की नीति के जवाब में उठाया गया है।

फीफा वर्ल्ड कप और एंट्री नियम

इस प्रतिबंध का संदर्भ फीफा वर्ल्ड कप टूर्नामेंट से भी जुड़ा है। अमेरिकी प्रशासन ने नियम बनाए हैं कि टूर्नामेंट के दौरान खिलाड़ियों को अमेरिका में प्रवेश की अनुमति होगी, लेकिन आम नागरिकों की एंट्री केवल निर्धारित नियमों के अनुसार होगी। राष्ट्रपति ट्रंप के आदेश के बाद प्रभावित देशों ने अपने नागरिकों की सुरक्षा और समानता सुनिश्चित करने के लिए तुरंत प्रतिक्रिया दी।

बुर्किना फासो और माली की आधिकारिक प्रतिक्रिया

बुर्किना फासो ने अपने बयान में कहा कि अमेरिका के फैसले का जवाब देना उनके लिए आवश्यक था ताकि अमेरिकी नागरिकों पर समान प्रतिबंध लागू किए जा सकें। माली ने भी बयान जारी कर कहा कि उनके नागरिकों के प्रति अमेरिका द्वारा लगाए गए नियमों के कारण यह कदम उठाया गया है। दोनों देशों ने इस निर्णय को अमेरिका की नीति के जवाबी कार्रवाई के रूप में बताया।

अमेरिका और अफ्रीकी देशों के बीच बढ़ा तनाव

अमेरिका द्वारा लगाए गए वीजा प्रतिबंध ने अफ्रीकी देशों के साथ उसके संबंधों में तनाव बढ़ा दिया है। 39 प्रभावित देशों में अधिकांश अफ्रीकी देश शामिल हैं। इस निर्णय के कारण अमेरिकी प्रशासन और अंतरराष्ट्रीय समुदाय में भी आलोचनाएं सामने आई हैं। कई देशों ने अमेरिकी नीति को असंवैधानिक और अनुचित बताया है।नए साल के पहले ही दिन अमेरिकी प्रशासन के वीजा और एंट्री प्रतिबंधों ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हलचल मचा दी। माली और बुर्किना फासो ने अमेरिकी नागरिकों पर समान प्रतिबंध लागू कर अमेरिका को जवाबी कार्रवाई के लिए मजबूर किया। फीफा वर्ल्ड कप के दौरान खिलाड़ियों को छूट दी गई है, लेकिन आम नागरिकों के लिए नियम कड़े बनाए गए हैं। इससे अफ्रीकी देशों और अमेरिका के बीच कूटनीतिक तनाव बढ़ा है और वैश्विक स्तर पर इस निर्णय पर व्यापक चर्चा हो रही है।

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