Bihar Politics: बिहार की राजनीति में राबड़ी आवास को लेकर एक बार फिर सियासी घमासान देखने को मिला है। राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने स्पष्ट किया है कि वह आवास खाली करने के लिए तैयार है, लेकिन इसके साथ पार्टी ने कुछ शर्तें भी रखी हैं। इस मुद्दे पर मंगलवार यानी 2 जून को आरजेडी के वरिष्ठ नेता और मुख्य प्रवक्ता शक्ति सिंह यादव ने मीडिया से बातचीत में कई अहम बातें कहीं।
2030 तक आवास उपयोग की बात
आपको बता दें कि, शक्ति सिंह यादव ने कहा कि राबड़ी देवी का कार्यकाल साल 2030 तक निर्धारित है और जब उनका कार्यकाल समाप्त होगा, तो पार्टी बिना किसी देरी के आवास खाली कर देगी। उन्होंने कहा कि उस समय एक सेकेंड की भी देरी नहीं की जाएगी और पूरी तरह से आवास को सरकार को सौंप दिया जाएगा।” उन्होंने यह भी कहा कि पार्टी को राबड़ी आवास को लेकर किसी तरह का निजी लगाव नहीं है और यह केवल प्रशासनिक व्यवस्था का हिस्सा है।
आवंटन प्रक्रिया पर उठाए सवाल

आरजेडी नेता ने आवास आवंटन प्रक्रिया पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि जिस 10 सर्कुलर रोड स्थित आवास की बात हो रही है, वह पहले राबड़ी देवी को आवंटित किया गया था। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान में जिस मंत्री को यह आवास दिया गया है, उसे पहले से ही एक अन्य सरकारी आवास आवंटित था। उन्होंने सवाल उठाया कि जब पहले से आवास उपलब्ध था, तो फिर अलग से नया विवाद क्यों पैदा किया गया।
नीतीश कुमार के आवास पर भी टिप्पणी
प्रेस वार्ता के दौरान शक्ति सिंह यादव ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को आवंटित आवास को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार को 7 नंबर बंगले से विशेष लगाव क्यों है। उन्होंने यह भी टिप्पणी की कि मुख्यमंत्री पद छोड़ने के बाद भी वह उसी आवास में क्यों बने रहते हैं। उन्होंने व्यंग्यात्मक अंदाज में पूछा कि क्या उस बंगले में कोई विशेष कारण या सुविधा है, जिस वजह से उसे लगातार रखा जाता है।
सुरक्षा और आवास आवंटन पर तर्क
आरजेडी नेता ने यह भी कहा कि दो पूर्व मुख्यमंत्री 10 सर्कुलर रोड स्थित आवास में रह रहे हैं। उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था का हवाला देते हुए बताया कि पहले राबड़ी देवी को भी जेड श्रेणी की सुरक्षा प्राप्त थी, जिसमें आईटीबीपी की तैनाती भी शामिल थी। उन्होंने सवाल उठाया कि उस समय सुरक्षा के बावजूद उचित आवास आवंटन क्यों नहीं किया गया।
सरकार की नीतियों पर सवाल
शक्ति सिंह यादव ने यह भी कहा कि सरकार किसी की निजी संपत्ति नहीं होती, बल्कि जनता ही असली मालिक होती है। उन्होंने कहा कि जनता ही यह तय करती है कि कौन सत्ता में रहेगा और कौन विपक्ष में। उन्होंने राबड़ी आवास को लेकर किसी भी प्रकार के व्यक्तिगत जुड़ाव से इनकार किया और कहा कि पार्टी नियमों और तय समय सीमा के अनुसार ही निर्णय लेगी।
राजनीतिक टकराव की संभावना
हालांकि आरजेडी ने 2030 तक आवास खाली करने की बात कही है, लेकिन इस बयान के बाद बिहार की राजनीति में नया विवाद खड़ा हो सकता है। अब देखना यह होगा कि राज्य सरकार इस मुद्दे पर क्या रुख अपनाती है और क्या किसी प्रकार का अंतिम निर्णय लिया जाता है।
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