UPTET 2026: साल्वर गैंग का काला खेल! जूते में मोबाइल से लेकर फर्जी परीक्षा तक, जानें कैसे पकड़े गए

उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) में सेंध लगाने की कोशिश कर रहे साल्वर गैंग पर बड़ी कार्रवाई हुई है। शिक्षा सेवा चयन आयोग की निगरानी में एआई तकनीक का उपयोग कर दो दिनों में 26 फर्जी परीक्षार्थियों को पकड़ा गया है। आयोग अध्यक्ष डॉ. प्रशांत कुमार ने सख्त रुख अपनाते हुए नकलचियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।

UPTET 2026

Wrriten By :

Aanchal Singh

Published On :

जुलाई 3, 2026

UPTET 2026: उत्तर प्रदेश में शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) का संचालन अब माध्यमिक शिक्षा परिषद के स्थान पर उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग द्वारा किया जा रहा है। आयोग की कमान पूर्व पुलिस महानिदेशक डॉ. प्रशांत कुमार के हाथों में है, जिन्होंने परीक्षा की शुचिता सुनिश्चित करने के लिए अभूतपूर्व सुरक्षा प्रबंध किए थे। हालांकि, तमाम दावों और तैयारियों के बावजूद परीक्षा केंद्रों पर ‘मुन्ना भाई’ सक्रिय नजर आए। परीक्षा के महज दो दिनों के भीतर पुलिस और आयोग की संयुक्त कार्रवाई में 26 नकलचियों और फर्जी परीक्षार्थियों को दबोचा गया है, जिसने भर्ती परीक्षाओं की सुरक्षा व्यवस्था पर फिर से गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

परीक्षा केंद्रों पर सघन चेकिंग

बताते चले कि, राज्य के 60 जिलों के 955 केंद्रों पर आयोजित हो रही तीन दिवसीय इस परीक्षा के पहले दिन 15 साल्वर पकड़े गए थे, जबकि दूसरे दिन शुक्रवार को 11 और फर्जी परीक्षार्थियों को धर दबोचा गया। शुक्रवार को पहली पाली में उन्नाव, गोंडा, बदायूं, लखनऊ, मथुरा, अमेठी, सिद्धार्थनगर और कानपुर नगर से कुल नौ फर्जी परीक्षार्थी पकड़े गए। वहीं, आगरा में एक अभ्यर्थी को जूते के भीतर मोबाइल फोन छिपाकर परीक्षा केंद्र में घुसने की कोशिश करते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया। दूसरी पाली में बरेली और गाजीपुर से एक-एक साल्वर को गिरफ्तार किया गया।

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और हाई-टेक निगरानी का प्रयोग

आपको बता दे कि, परीक्षा की शुचिता को बनाए रखने के लिए आयोग ने इस बार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) इंटीग्रेटेड कंट्रोल कमांड रूम की मदद ली है। आयोग के अध्यक्ष डॉ. प्रशांत कुमार ने स्वयं सचिव, परीक्षा नियंत्रक और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ मिलकर ऑनलाइन मॉनिटरिंग की। एआई-संचालित कैमरों के जरिए परीक्षा केंद्रों पर अभ्यर्थियों की हर गतिविधि पर बारीक नजर रखी गई। संदिग्ध हरकतों के आधार पर एआई ने जिन परीक्षार्थियों को चिह्नित किया, उनकी सघन तलाशी के बाद ये ‘मुन्ना भाई’ पकड़े गए।

कानूनी कार्रवाई और दोषियों पर कसा जा रहा है शिकंजा

आयोग ने स्पष्ट किया है कि पकड़े गए सभी 26 साल्वरों को संबंधित जिलों की स्थानीय पुलिस के हवाले कर दिया गया है और उनके विरुद्ध कठोर विधिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है। सिर्फ साल्वर ही नहीं, बल्कि उन मूल परीक्षार्थियों पर भी कड़ी कानूनी कार्यवाही की जा रही है जिनकी जगह पर ये लोग परीक्षा देने आए थे। आयोग ने दावा किया है कि पूरे प्रदेश में किसी भी केंद्र से प्रश्नपत्र लीक होने या किसी बड़ी गड़बड़ी की कोई सूचना नहीं मिली है, जो सुरक्षा तंत्र की एक बड़ी सफलता है।

पारदर्शी भर्ती परीक्षा

भले ही एआई तकनीक और सघन निगरानी ने बड़ी संख्या में साल्वरों को पकड़ने में मदद की है, लेकिन बार-बार सामने आ रहे नकल माफियाओं के मामले इस बात को पुष्ट करते हैं कि संगठित नकल गिरोहों का नेटवर्क अभी भी जड़ों तक फैला हुआ है। डॉ. प्रशांत कुमार के नेतृत्व में आयोग यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि परीक्षा पूरी तरह से निष्पक्ष रहे। भविष्य में इस तरह की धांधली को रोकने के लिए आयोग अब अपनी विज्ञापन और परीक्षा प्रणाली में और अधिक कड़े नियम लागू करने पर विचार कर रहा है।