UPSC Civil Services Preliminary Examination 2026 की प्रोविजनल आंसर की को लेकर विवाद बढ़ गया है। परीक्षा में शामिल उम्मीदवारों के एक समूह ने 27 सवालों के उत्तरों पर आपत्ति जताते हुए केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण यानी CAT का रुख किया है। उम्मीदवारों का आरोप है कि कुछ प्रश्नों के लिए प्रोविजनल आंसर की में दिए गए उत्तर सही नहीं हैं, जबकि कुछ सवालों में एक से अधिक विकल्प सही होने की संभावना है। मामले पर CAT ने UPSC को नोटिस जारी किया है और अगली सुनवाई 8 अक्टूबर 2026 को होने की बात सामने आई है।
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पहले 8 सवालों को दी गई थी चुनौती
यह मामला शुरुआत में चार उम्मीदवारों की याचिका से सामने आया था। इस याचिका में General Studies Paper-I के आठ सवालों को चुनौती दी गई थी। इनमें प्रश्न संख्या 7, 11, 45, 60, 62, 82, 86 और 96 शामिल बताए गए थे। उम्मीदवारों की ओर से इन प्रश्नों को लेकर कथित तथ्यात्मक त्रुटियों, उत्तरों में विसंगतियों और विकल्पों की वैधता से जुड़े सवाल उठाए गए थे। पहले मामले में CAT ने UPSC से जवाब मांगा था और अगली सुनवाई की तारीख 8 अक्टूबर तय की गई थी।
63 उम्मीदवारों ने 27 सवालों पर जताई आपत्ति

इसके बाद 63 उम्मीदवारों के समूह ने एक और याचिका के जरिए कुल 27 सवालों को चुनौती दी। रिपोर्टों के मुताबिक, उम्मीदवारों का कहना है कि कुछ प्रश्नों में दिए गए उत्तर गलत हैं, कुछ में कोई स्पष्ट सही विकल्प मौजूद नहीं है और कुछ सवालों में एक से ज्यादा विकल्प सही माने जा सकते हैं। दोनों मामलों की सुनवाई 8 अक्टूबर को होने की बात कही गई है। हालांकि, इन सभी सवालों के उत्तर वास्तव में गलत हैं या नहीं, इस पर अभी कोई अंतिम न्यायिक या UPSC स्तर का फैसला नहीं हुआ है। उम्मीदवारों की आपत्तियों पर संबंधित प्रक्रिया और सुनवाई के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।
किन विषयों के सवालों पर उठे सवाल?
उम्मीदवारों की आपत्तियों में अलग-अलग विषयों से जुड़े प्रश्न शामिल बताए गए हैं। इनमें ग्रैंड स्लैम टूर्नामेंट के नियम, जीरो FIR, भारतीय न्याय संहिता से जुड़े प्रावधान, ऋग्वैदिक काल और कृषि जैसे विषयों से संबंधित प्रश्न शामिल हैं। उम्मीदवारों ने कुछ प्रश्नों की भाषा, दिए गए विकल्पों और प्रोविजनल आंसर की में दर्ज उत्तरों को लेकर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि कुछ उत्तर उपलब्ध प्रमाणिक स्रोतों से मेल नहीं खाते।
उम्मीदवारों के स्कोर पर पड़ सकता है असर

प्रीलिम्स UPSC सिविल सेवा परीक्षा का पहला चरण है और इसके बाद सफल उम्मीदवार मुख्य परीक्षा में शामिल होते हैं। ऐसे में कटऑफ के आसपास रहने वाले उम्मीदवारों के लिए एक या दो प्रश्नों के उत्तर में बदलाव भी महत्वपूर्ण हो सकता है। कुछ अभ्यर्थियों का दावा है कि विवादित सवालों के उत्तर बदलने की स्थिति में उनके स्कोर पर असर पड़ सकता है। हालांकि, इस दावे का अंतिम प्रभाव अभी स्पष्ट नहीं है।
UPSC से जवाब का इंतजार
UPSC ने 2026 में पहली बार सिविल सर्विस प्रीलिम्स की प्रोविजनल आंसर की जारी की थी। आयोग ने उम्मीदवारों को निर्धारित प्रक्रिया के तहत प्रश्नों और उत्तरों पर अपनी आपत्तियां दर्ज कराने का अवसर दिया था। UPSC के आधिकारिक रिकॉर्ड के अनुसार CSE Prelims 2026 का आयोजन 24 मई को हुआ था और लिखित परिणाम 15 जून को जारी किया गया। अब 27 सवालों से जुड़े विवाद में CAT की सुनवाई और UPSC के जवाब के बाद ही आगे की स्थिति स्पष्ट होगी।










