ईंधन संकट पर पंजाब विधानसभा में हंगामा: AAP सरकार ने केंद्र के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पेश किया

चंडीगढ़. पंजाब विधानसभा में आज ईरान-अमेरिका और इजराइल युद्ध को लेकर पेट्रोल-डीजल व एलपीजी गैस की कमी को लेकर खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री लाल चंद कटरूचक्क केंद्र सरकार के खिलाफ निंदा प्रस्ताव लेकर आए। दो दिन में विधानसभा में केंद्र सरकार के खिलाफ लाया गया यह दूसरा निंदा प्रस्ताव है। बीते मंगलवार को पंजाब विधान सभा में अमेरिका के साथ भारत के हुए ट्रेड समझौते के खिलाफ निंदा प्रस्ताव सर्व सम्मति से पास हुआ था। निंदा प्रस्ताव पेश करते हुए कैबिनेट मंत्री ने कहा कि मोदी सरकार की गलत विदेश नीति के कारण यह यह स्थिति उत्पन्न हुई है। उन्होंने

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Published On :

मार्च 12, 2026

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चंडीगढ़.

पंजाब विधानसभा में आज ईरान-अमेरिका और इजराइल युद्ध को लेकर पेट्रोल-डीजल व एलपीजी गैस की कमी को लेकर खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री लाल चंद कटरूचक्क केंद्र सरकार के खिलाफ निंदा प्रस्ताव लेकर आए। दो दिन में विधानसभा में केंद्र सरकार के खिलाफ लाया गया यह दूसरा निंदा प्रस्ताव है। बीते मंगलवार को पंजाब विधान सभा में अमेरिका के साथ भारत के हुए ट्रेड समझौते के खिलाफ निंदा प्रस्ताव सर्व सम्मति से पास हुआ था।

निंदा प्रस्ताव पेश करते हुए कैबिनेट मंत्री ने कहा कि मोदी सरकार की गलत विदेश नीति के कारण यह यह स्थिति उत्पन्न हुई है। उन्होंने कहा कि पंजाब में गेहूं की खरीद का सीजन शुरू होने वाला है। पेट्रोल डीजल की कमी का असर उस पर भी पड़ सकता है। पंजाब के गोदाम भरे हुए है। ढुलाई नहीं हो पा रही है। नई फसल रखने में दिक्कत आएगी। वहीं, कैबिनेट मंत्री हरजोत बैंस ने कहा कि गैस की कमी के कारण नंगल और बठिंडा में सीएफएल के प्लांट बंद हो गए, जिससे यूरिया की कमी हो जाएगी। मंत्री ने केंद्र सरकार पर पक्षपात का आरोप लगाते हुए कहा कि पानीपत यूनिट को पूरी गैस सप्लाई दी जा रही है लेकिन पंजाब के यूनिट को नहीं।

मंत्री ने कहा कि घरेलू एलपीजी सिलेंडर महंगे कर दिए गए हैं। कॉमर्शियल सप्लाई रोक दी गई है। मेट्रो सिटी में पेट्रोल पंपों पर लंबी-लंबी लाइने लग रही हैं। कहा तो यह गया था कि कोई दिक्कत नहीं आएगी। बैंस ने कहा कि केंद्र सरकार की विदेश नीति विफल हो चुकी है। अगर एलपीजी और एलएजी का संकट होता हैं तो लोगों से लेकर किसानों तक इसका फर्क पड़ेगा। वहीं, खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री लाल चंद कटारूचक द्वारा लाए गए प्रस्ताव से वित्तमंत्री हरपाल चीमा अनभिज्ञ दिखे। चीमा ने कहा कि यह गंभीर मुद्दा है। देश की विदेश नीति पूरी तरह से विफल रही है। केंद्र सरकार न तो देश के हितों की रक्षा कर रही है और न ही लोगों के हितों की रक्षा कर रही है।

चीमा ने कहा कि देश प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी चला रहे हैं या डोनाल्ड ट्रंप। क्योंकि जब भारत पाकिस्तान युद्ध हो रहा था तब युद्ध रुकने की जानकारी भी ट्रंप ने इंटरनेट मीडिया पर पोस्ट डालकर दी थी। अत: इस पर लंबी चर्चा होनी चाहिए। वित्तमंत्री ने स्पीकर से इस मुद्दे पर वीरवार को बहस रखने की मांग की, जिसे स्पीकर ने स्वीकार कर लिया। यह गुरुवार को यह निंदा प्रस्ताव पास होता हैं तो यह संभवत: पहला मौका होगा कि तीन दिन के भीतर केंद्र सरकार के खिलाफ दो निंदा प्रस्ताव पास होंगे।

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