रांची में हड़कंप,ट्रेजरी गड़बड़ी की जांच के लिए हाई लेवल कमेटी गठित

रांची झारखंड में ट्रेजरी से अवैध निकासी के मामले की वजह से राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मच गया है. सरकार इस मुद्दे पर कड़ा रुख अपनाते हुए दोषियों के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई की तैयारी में है. वित्त मंत्री राधा कृष्ण किशोर ने प्रोजेक्ट भवन में पत्रकारों से बातचीत के दौरान बताया कि इस घोटाले की जड़ तक पहुंचने के लिए दो स्तरों पर जांच कराई जाएगी. वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों की अध्यक्षता में एक हाई लेवल कमेटी का गठन किया जा रहा है, जिसकी फाइल मुख्यमंत्री को भेज दी गई है. इसके साथ ही मामले के आपराधिक पहलुओं को

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Published On :

अप्रैल 15, 2026

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रांची

झारखंड में ट्रेजरी से अवैध निकासी के मामले की वजह से राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मच गया है. सरकार इस मुद्दे पर कड़ा रुख अपनाते हुए दोषियों के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई की तैयारी में है. वित्त मंत्री राधा कृष्ण किशोर ने प्रोजेक्ट भवन में पत्रकारों से बातचीत के दौरान बताया कि इस घोटाले की जड़ तक पहुंचने के लिए दो स्तरों पर जांच कराई जाएगी. वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों की अध्यक्षता में एक हाई लेवल कमेटी का गठन किया जा रहा है, जिसकी फाइल मुख्यमंत्री को भेज दी गई है. इसके साथ ही मामले के आपराधिक पहलुओं को उजागर करने की जिम्मेदारी सीआईडी (CID) को सौंपी गई है.

वेतन के नाम पर हुई गड़बड़ियों की होगी ‘सर्जिकल स्ट्राइक’
वित्त मंत्री ने विशेष रूप से हजारीबाग, बोकारो और रांची में वेतन मद में हुई अवैध निकासी का जिक्र किया है. उन्होंने कहा है ”शुरुआती जांच में सामने आया है कि नियमों को ताक पर रखकर मोटी रकम निकाली गई है”. आईएएस अधिकारियों की कमेटी यह जांच करेगी कि तकनीकी स्तर पर चूक कहां हुई और किन अधिकारियों की मिलीभगत से ट्रेजरी के सुरक्षा तंत्र को तोड़ा गया. वहीं, सीआईडी उन चेहरों को बेनकाब करेगी जिन्होंने साजिश रचकर सरकारी राशि का गबन किया है.

राज्य के सभी 33 कोषागारों की ऑनलाइन निगरानी
सरकार ने केवल तीन जिलों तक ही अपनी जांच सीमित नहीं रखी है. वित्त मंत्री ने ऐलान किया कि राज्य के सभी 33 कोषागारों (Treasuries) का विस्तृत ऑडिट और जांच कराई जाएगी. उन्होंने बताया कि विभाग के वेब पोर्टल के माध्यम से सभी कोषागारों की ऑनलाइन मॉनिटरिंग की जा रही है. यदि कहीं भी संदिग्ध ट्रांजैक्शन या डाटा में हेरफेर पाया जाता है, तो वहां तत्काल विशेष टीम भेजकर कार्रवाई की जाएगी.
दोषियों के लिए कोई रियायत नहीं

सरकार के कड़े रुख से यह स्पष्ट है कि इस बार दोषियों को बचाने का कोई रास्ता नहीं छोड़ा जाएगा. वित्त मंत्री ने कड़े शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा कि रिपोर्ट आने के बाद संलिप्त अधिकारियों और कर्मियों पर न केवल विभागीय कार्रवाई होगी, बल्कि उन पर सख्त कानूनी मुकदमा भी चलाया जाएगा. सरकार का लक्ष्य इस कार्रवाई के जरिये एक ऐसी उदाहरण पेश करना है जिससे भविष्य में सरकारी सुरक्षा के साथ कोई खिलवाड़ करने की हिम्मत न कर सके.

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