UP Workers Israel Safe : मध्य पूर्व (मिडिल ईस्ट) में जारी भीषण सैन्य संघर्ष और इजरायल-ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने वैश्विक स्तर पर चिंता पैदा कर दी है। इस कठिन समय में उत्तर प्रदेश की योगी सरकार अपने नागरिकों, विशेषकर वहां कार्यरत श्रमिकों की सुरक्षा को लेकर पूरी तरह मुस्तैद है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कड़े निर्देशों के बाद, शासन स्तर पर इजरायल में मौजूद यूपी के 6000 से अधिक श्रमिकों की नियमित निगरानी की जा रही है। प्रमुख सचिव (श्रम एवं सेवायोजन) डॉ. शन्मुगा सुंदरम इस पूरे मामले की कमान संभाले हुए हैं और वे इजरायल स्थित भारतीय दूतावास के साथ पल-पल की जानकारी साझा कर रहे हैं। दूतावास की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, उत्तर प्रदेश के सभी श्रमिक फिलहाल पूरी तरह सुरक्षित हैं।
भारतीय राजदूत जेपी सिंह और यूपी शासन के बीच सीधा संवाद
श्रमिकों की खैरियत जानने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार और तेल अवीव स्थित भारतीय दूतावास के बीच निरंतर संवाद बना हुआ है। डॉ. शन्मुगा सुंदरम ने जानकारी दी कि वे भारत के राजदूत जेपी सिंह के साथ टेलीफोन के माध्यम से लगातार संपर्क में हैं। राजदूत ने 11, 17 और 28 मार्च को भेजे गए अपने संदेशों में स्पष्ट किया है कि युद्ध की विभीषिका के बावजूद भारतीय समुदाय, जिसमें उत्तर प्रदेश के हजारों कामगार शामिल हैं, सुरक्षित स्थानों पर हैं। हालांकि युद्ध के कारण वहां मनोवैज्ञानिक दबाव और चिंता का माहौल अवश्य है, लेकिन अभी तक किसी भी श्रमिक समूह की ओर से भारत वापसी के लिए कोई आपातकालीन मांग या दबाव नहीं बनाया गया है।
सामान्य जीवन और दूतावास की सक्रियता: स्थिति नियंत्रण में
इजरायल से आ रही खबरें राहत देने वाली हैं। राजदूत कार्यालय से प्राप्त इनपुट के अनुसार, यूपी के कई श्रमिकों ने हाल ही में वहां पहुंचे भारतीय पत्रकारों का आतिथ्य भी किया, जो इस बात का प्रमाण है कि उनका जीवन सामान्य पटरी पर है। दूतावास की प्रथम सचिव डॉ. गरिका तेजेश्वर ने भी पुष्टि की है कि अब तक किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली है। उन्होंने बताया कि हालांकि कुछ भारतीय व्यापारी और छात्र स्वेच्छा से जॉर्डन के रास्ते स्वदेश लौटे हैं, लेकिन निर्माण और अन्य क्षेत्रों में लगे श्रमिक अभी वहीं रुककर काम करना चाहते हैं। दूतावास का कंट्रोल रूम 24 घंटे सक्रिय है और स्थानीय सुरक्षा प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन सुनिश्चित कराया जा रहा है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का निर्देश: सहायता में न हो कोई कमी
उत्तर प्रदेश सरकार की प्राथमिकता स्पष्ट है—विदेश में रह रहे प्रदेश के हर नागरिक की जान-माल की रक्षा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ स्वयं इस स्थिति की समीक्षा कर रहे हैं। सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि यदि कोई भी श्रमिक युद्ध के हालातों को देखते हुए वापस उत्तर प्रदेश लौटना चाहता है, तो राज्य सरकार दूतावास के माध्यम से उनकी यात्रा और वापसी की हर संभव व्यवस्था करेगी। सरकार का यह भरोसा उन परिवारों के लिए बड़ी राहत लेकर आया है जिनके सदस्य इजरायल के विभिन्न शहरों में कार्यरत हैं। शासन की ओर से यह संदेश स्पष्ट है कि संकट की इस घड़ी में प्रदेश सरकार अपने नागरिकों के साथ चट्टान की तरह खड़ी है।
हेल्पलाइन और अंतरराष्ट्रीय सहयोग से सुरक्षा कवच तैयार
श्रमिकों की मदद के लिए केवल भारतीय दूतावास ही नहीं, बल्कि इजरायल की ‘पॉपुलेशन एंड इमिग्रेशन अथॉरिटी’ द्वारा संचालित कॉल सेंटर भी पूरी क्षमता के साथ काम कर रहे हैं। डॉ. शन्मुगा सुंदरम ने बताया कि ये केंद्र विभिन्न भाषाओं में सहायता प्रदान कर रहे हैं, जिससे भाषाई बाधा दूर हो गई है। इजरायल में समय-समय पर होने वाले मिसाइल हमलों और हवाई हमलों के बावजूद, वहां के शेल्टर होम और सुरक्षा प्रणालियां भारतीय श्रमिकों को सुरक्षा प्रदान कर रही हैं। यूपी सरकार और विदेश मंत्रालय मिलकर हर उस संभावित खतरे का आकलन कर रहे हैं जो हमारे नागरिकों को प्रभावित कर सकता है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया जा सके।
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