UP Weather Tragedies: उत्तर प्रदेश के कौशांबी जिले में गुरुवार देर रात आए भीषण तूफान और मूसलाधार बारिश ने भारी तबाही मचाई है। कुदरत के इस कहर के कारण जिले के अलग-अलग क्षेत्रों में दीवारें ढहने, पेड़ उखड़ने और टीन शेड उड़ने से मां-बच्चों समेत चार लोगों की असमय और दर्दनाक मौत हो गई। इस प्राकृतिक आपदा में कई लोग गंभीर रूप से घायल भी हुए हैं, जिन्हें नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। घटना के बाद से ही प्रभावित इलाकों और पीड़ितों के गांवों में कोहराम मचा हुआ है।
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आधी रात को काल बनकर टूटी आंधी
सबसे दिल दहला देने वाला और बड़ा हादसा कौशांबी की सदर तहसील क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम दूनी का पुरवा (मजरा पूरब शरीरा) में हुआ। यहां रहने वाले मंगर सरोज पेशे से एक ईंट-भट्ठा मजदूर हैं। गुरुवार की रात जब पूरा इलाका गहरी नींद में सोया हुआ था, तभी अचानक मौसम बदला और तेज आंधी के साथ भारी बारिश शुरू हो गई।
नीम का पेड़ गिरने से ढहा मकान
मंगर सरोज के कच्चे मकान के सामने नीम का एक बहुत बड़ा पेड़ लगा हुआ था। तेज आंधी के झोंकों को सहन न कर पाने के कारण वह विशालकाय नीम का पेड़ अचानक उखड़कर मंगर के कच्चे मकान पर जा गिरा। पेड़ के वजन और आंधी के दबाव से कच्चा मकान पूरी तरह भर-भराकर ढह गया और मलबे में तब्दील हो गया।
भट्ठे पर काम कर रहा था पति
जिस वक्त यह दर्दनाक हादसा हुआ, घर का मुखिया मंगर सरोज अपने परिवार से दूर ईंट-भट्ठे पर काम करने गया हुआ था। घर के भीतर उसकी 26 वर्षीय पत्नी माया देवी अपने तीन मासूम बच्चों के साथ सो रही थी। मकान ढहने से चारों मलबे के नीचे बुरी तरह दब गए।
इनकी हुई मौत: मलबे से जब तक लोगों को बाहर निकाला जाता, तब तक बहुत देर हो चुकी थी। इस हादसे में मंगर की पत्नी माया देवी (26 वर्ष), उसकी चार वर्षीय मासूम बेटी श्वेता और महज तीन वर्ष के छोटे बेटे अनुभव की दम घुटने और गंभीर चोटों के कारण मौके पर ही मौत हो गई।
अंकुश की हालत गंभीर
इस हादसे में मंगर का छह वर्षीय बड़ा बेटा अंकुश चमत्कारिक रूप से जीवित तो बच गया, लेकिन उसे बेहद गंभीर चोटें आई हैं। चीख-पुकार सुनकर दौड़े स्थानीय ग्रामीणों ने राहत कार्य शुरू किया और अंकुश को मलबे से निकालकर तुरंत जिला मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया, जहां डॉक्टरों की देखरेख में उसका इलाज चल रहा है। इस घटना से पूरी दलित बस्ती में मातम का माहौल है।
सिराथू में टीन शेड की चपेट में आने से एक और मौत
आंधी-तूफान का कहर सिर्फ सदर तहसील तक ही सीमित नहीं रहा। जिले की सिराथू तहसील क्षेत्र के पहाड़पुर गांव से भी एक दुखद मौत की खबर सामने आई। यहां रहने वाले 50 वर्षीय चंद्रभवन (पुत्र शुकरु) रात में आए तूफान की चपेट में आ गए। तेज हवाओं के कारण एक भारी-भरकम टीन शेड उखड़कर उनके ऊपर गिर गया, जिसकी चपेट में आने से चंद्रभवन ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने सभी शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम की कार्रवाई के लिए भेज दिया है।
प्रशासन अलर्ट
कौशांबी के अन्य ग्रामीण इलाकों से भी भारी नुकसान की खबरें लगातार आ रही हैं। कई जगहों पर कच्चे छप्पर उड़ गए हैं और पेड़ों की डालियां टूटने से राहगीर और स्थानीय लोग घायल हुए हैं। इसके साथ ही तूफान के कारण कई बेजुबान मवेशियों (पशुधन) की भी दबकर मौत होने की खबर है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए कौशांबी के जिलाधिकारी (DM) डॉ. अमित पाल शर्मा ने बताया कि प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है। पुलिस और राजस्व विभाग के आला अधिकारी खुद घटनास्थलों का दौरा कर रहे हैं। जिलाधिकारी के अनुसार, जिले में आंधी-बारिश से हुए सभी प्रकार के जान-माल, मकान और फसलों के नुकसान के सटीक आकलन के लिए राजस्व कर्मियों (लेखपालों) की कई टीमों को मैदान में उतार दिया गया है। मुख्यमंत्री के निर्देशों के तहत सभी पीड़ित परिवारों को 24 घंटे के भीतर अनुमन्य सरकारी मुआवजा राशि प्रदान करने की प्रक्रिया तेजी से की जा रही है।
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