Weather Update: उत्तर प्रदेश में मौसम ने एक बार फिर करवट ले ली है। दक्षिण-पश्चिम उत्तर प्रदेश और इसके आसपास के क्षेत्रों में बने लो प्रेशर एरिया के सक्रिय होने का असर अब प्रदेश के कई हिस्सों में दिखाई दे रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग यानी IMD के ताजा अपडेट के मुताबिक, अगले 24 घंटों के दौरान पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई इलाकों में बारिश के साथ गरज-चमक और वज्रपात की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं।
मौसम में आए इस बदलाव के चलते कई जिलों में बादल छाए रहने और रुक-रुककर बारिश होने का सिलसिला जारी रहने की संभावना है। खास तौर पर पश्चिमी यूपी में भारी बारिश को लेकर मौसम विभाग ने सतर्क रहने की सलाह दी है।
बिजनौर में 12 सेंटीमीटर बारिश रिकॉर्ड
पिछले 24 घंटों के दौरान पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बारिश ने जोर पकड़ा। मौसम विभाग के मुताबिक, पश्चिमी यूपी के कई इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश दर्ज की गई। इस दौरान बिजनौर जिले में सबसे ज्यादा 12 सेंटीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई।इसके अलावा सहारनपुर और मुजफ्फरनगर में भी तेज बारिश देखने को मिली। लगातार बारिश के कारण कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बन सकती है, जबकि निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत है।
6 और 7 सितंबर को तेज बारिश की चेतावनी
पश्चिमी उत्तर प्रदेश में मौसम आने वाले दिनों में भी सक्रिय रहने वाला है। मौसम वैज्ञानिकों ने 6 और 7 सितंबर को पश्चिमी यूपी के कई हिस्सों में गरज-चमक के साथ तेज से मूसलाधार बारिश की संभावना जताई है।बारिश के दौरान तेज हवाएं चलने और आकाशीय बिजली गिरने का खतरा भी बना रह सकता है। ऐसे में लोगों को खुले स्थानों पर जाने से बचने और खराब मौसम के दौरान सुरक्षित जगह पर रहने की सलाह दी गई है।
पूर्वी यूपी में बारिश का दौर जारी
वहीं पूर्वी उत्तर प्रदेश में बारिश का सिलसिला भी कई दिनों तक जारी रह सकता है। मौसम विभाग के अनुसार, 6 से 8 सितंबर के बीच पूर्वी यूपी के कई इलाकों में बारिश के साथ आंधी-तूफान और बिजली गिरने की संभावना है।इसके अलावा 6 से 9 सितंबर के दौरान पूर्वी उत्तर प्रदेश के कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। यानी आने वाले कुछ दिन पूर्वांचल के लिए भी मौसम के लिहाज से महत्वपूर्ण रहने वाले हैं।
किसानों के लिए यूपी मौसम की खास सलाह
बारिश के इस दौर को देखते हुए मौसम विभाग ने किसानों के लिए भी जरूरी एडवाइजरी जारी की है। किसानों को खेतों में जल निकासी की उचित व्यवस्था करने की सलाह दी गई है, ताकि ज्यादा बारिश होने पर फसलों में पानी जमा न हो। मौसम विभाग ने गीली मिट्टी की स्थिति में सिंचाई, खाद डालने और कीटनाशकों का छिड़काव करने से बचने को कहा है। छोटे पौधों, सब्जियों और बागवानी फसलों को तेज हवा और बारिश से नुकसान से बचाने के लिए उन्हें उचित सहारा देने की सलाह भी दी गई है।
फिलहाल उत्तर प्रदेश मौसम का मिजाज बदला हुआ है और अगले कुछ दिनों तक बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। पश्चिमी यूपी में भारी बारिश और पूर्वी यूपी में वज्रपात के अलर्ट को देखते हुए लोगों को मौसम विभाग के अपडेट पर नजर बनाए रखने की जरूरत है।










