Rajasthan Civic Election : उदयपुर नगर निगम चुनाव को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। शनिवार को मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने उदयपुर में भव्य रोड शो कर भाजपा प्रत्याशियों के समर्थन में चुनावी माहौल बनाने का प्रयास किया। सूरजपोल चौराहे से शुरू हुआ रोड शो बापू बाजार से होते हुए देहली गेट बैंक तिराहे तक पहुंचा। पूरे रास्ते पार्टी कार्यकर्ताओं, विभिन्न समाजों और स्थानीय लोगों ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया। रोड शो के जरिए भाजपा ने अपनी संगठनात्मक ताकत का प्रदर्शन किया और कार्यकर्ताओं को चुनाव में पूरी मजबूती के साथ जुटने का संदेश दिया।
श्यामा प्रसाद मुखर्जी को श्रद्धांजलि देकर निकला रोड शो
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने रोड शो शुरू करने से पहले सूरजपोल चौराहे पर श्यामा प्रसाद मुखर्जी की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। इसके बाद मुख्यमंत्री खुली गाड़ी में सवार होकर चुनावी रोड शो के लिए रवाना हुए। इस दौरान जनजाति मंत्री बाबूलाल खराड़ी, भाजपा नेता राजेंद्र राठौड़, सांसद डॉ. मन्नालाल रावत, शहर विधायक ताराचंद जैन और ग्रामीण विधायक फूलसिंह मीणा भी उनके साथ मौजूद रहे।
80 वार्डों में 60 से ज्यादा सीटें जीतने का लक्ष्य
उदयपुर नगर निगम चुनाव भाजपा के लिए बेहद अहम माना जा रहा है। पार्टी का लंबे समय से नगर निगम बोर्ड पर प्रभाव रहा है और इस बार उसने 80 वार्डों में 60 से अधिक सीटें जीतने का लक्ष्य तय किया है। हालांकि, नए परिसीमन के बाद बदले राजनीतिक समीकरण, बागी प्रत्याशियों और संभावित भितरघात ने संगठन की चिंता बढ़ाई है। मेयर पद सामान्य होने के बाद चुनावी मुकाबले की तस्वीर भी बदली है। रोड शो के दौरान कार्यकर्ताओं ने ‘उदयपुर में फिर भाजपा’ के नारे लगाकर उत्साह दिखाया।
भ्रष्टाचार के मुद्दे पर मुख्यमंत्री ने कांग्रेस को घेरा
रोड शो के दौरान मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर रही है और भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों में मंत्री तथा अधिकारी जेल तक पहुंचे हैं। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि दोषियों के खिलाफ कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। उन्होंने कांग्रेस पर चुनाव के समय मुद्दे उठाने का आरोप लगाया और कहा कि अब पार्टी का राजनीतिक आधार कमजोर हो चुका है।
तीन से छह नगर निगम बनाने के फैसले पर सवाल
मुख्यमंत्री ने पिछली कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में तीन नगर निगमों की संख्या बढ़ाकर छह किए जाने का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने इस व्यवस्था को समाप्त किया है। मुख्यमंत्री के अनुसार, सरकार का उद्देश्य प्रशासनिक ढांचे को अधिक प्रभावी बनाना और स्थानीय निकायों के कामकाज को बेहतर करना है। चुनावी मंच से यह मुद्दा उठाकर भाजपा ने कांग्रेस के पुराने फैसलों को भी निशाने पर लिया।
पेपर लीक को लेकर सरकार की उपलब्धि गिनाई
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने अपनी सरकार के करीब ढाई साल के कार्यकाल का उल्लेख करते हुए पेपर लीक के मुद्दे पर भी कांग्रेस को घेरा। उन्होंने दावा किया कि इस अवधि में प्रदेश में एक भी पेपर लीक नहीं हुआ है। मुख्यमंत्री ने इसे सरकार की पारदर्शी और सख्त प्रशासनिक व्यवस्था का परिणाम बताया। चुनावी अभियान के दौरान यह मुद्दा भाजपा के प्रमुख उपलब्धि दावों में शामिल रहा।
78 प्रतिशत चुनावी वादे पूरे करने का दावा
रोड शो के दौरान मुख्यमंत्री ने भाजपा सरकार का रिपोर्ट कार्ड भी जनता के सामने रखा। उन्होंने दावा किया कि विधानसभा चुनाव से पहले जारी संकल्प पत्र में किए गए 78 प्रतिशत वादे पूरे किए जा चुके हैं। उन्होंने रामजल सेतु योजना, नर्मदा के पानी को आगे बढ़ाने और उदयपुर की देवास परियोजना को गति देने का भी उल्लेख किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार विकास योजनाओं को तेजी से आगे बढ़ाने के लिए काम कर रही है।
रोडवेज बसों को लेकर भी कांग्रेस पर हमला
मुख्यमंत्री ने राजस्थान रोडवेज के मुद्दे पर भी कांग्रेस को घेरा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के नेता दावा करते थे कि रोडवेज को कभी मुनाफे में नहीं लाया जा सकता। इसके विपरीत भाजपा सरकार ने 1,000 नई रोडवेज बसें खरीदी हैं और आने वाले समय में 1,000 अन्य बसें खरीदने की योजना है। मुख्यमंत्री ने इसे सरकार के विकास और जनसुविधाओं पर केंद्रित कामकाज का उदाहरण बताया।
‘ट्रिपल इंजन सरकार’ के जरिए विकास का संदेश
मुख्यमंत्री ने निकाय और पंचायत चुनावों में भाजपा की जीत को विकास से जोड़ते हुए ‘ट्रिपल इंजन सरकार’ का नारा दिया। उन्होंने कहा कि केंद्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार और राज्य में भाजपा सरकार के साथ नगर निकायों तथा पंचायतों में भी भाजपा की सत्ता होने से विकास योजनाओं को तेजी से लागू किया जा सकता है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से हर वार्ड में सक्रिय होकर भाजपा प्रत्याशियों के समर्थन में माहौल बनाने की अपील की।
परिसीमन और बागियों से भाजपा के सामने चुनौती
उदयपुर में भाजपा ने भले ही 60 से अधिक वार्ड जीतने का लक्ष्य रखा है, लेकिन पार्टी के सामने कई चुनौतियां भी हैं। नए परिसीमन से राजनीतिक समीकरण बदले हैं। इसके अलावा बागी उम्मीदवारों को मनाना और संभावित भितरघात रोकना संगठन के लिए महत्वपूर्ण होगा। ऐसे में मुख्यमंत्री का रोड शो केवल प्रचार अभियान नहीं, बल्कि कार्यकर्ताओं को एकजुट करने और चुनाव से पहले पार्टी के पक्ष में माहौल मजबूत करने की रणनीति के तौर पर भी देखा जा रहा है।
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