Delhi Building Collapse: सत्य निकेतन हादसे में तीन की मौत, पांच गंभीर, मालिकों पर FIR दर्ज

दिल्ली के सत्य निकेतन में पांच मंजिला PG इमारत गिरने के बाद राहत-बचाव अभियान जारी है। पुलिस के मुताबिक हादसे में अब तक तीन लोगों की मौत हुई है और पांच की हालत गंभीर है। FIR दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। अब जांच में निर्माण, मरम्मत और जिम्मेदारी से जुड़े पहलुओं पर नजर है।

Delhi Building Collapse

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

सितम्बर 6, 2026

Delhi Building Collapse :  दक्षिण दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में रविवार दोपहर एक पांच मंजिला इमारत अचानक गिर गई। बताया जा रहा है कि इस इमारत का इस्तेमाल छात्रों के लिए पेइंग गेस्ट यानी PG के तौर पर किया जाता था। हादसे में अब तक तीन लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि कई लोग घायल बताए जा रहे हैं। पांच घायलों की स्थिति गंभीर है। मलबे के नीचे अभी भी लोगों के दबे होने की आशंका के चलते राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है।

साउथ कैंपस के पास होने से बढ़ी चुनौती

सत्य निकेतन दिल्ली विश्वविद्यालय के साउथ कैंपस के नजदीक स्थित है। इलाके में बड़ी संख्या में छात्र PG, हॉस्टल और अन्य आवासीय सुविधाओं में रहते हैं। संकरी गलियों के कारण घटनास्थल तक भारी बचाव उपकरण और वाहनों को पहुंचाने में टीमों को परेशानी का सामना करना पड़ा। स्थानीय लोगों ने भी मौके पर पहुंचकर बचावकर्मियों की मदद की और मलबा हटाने के प्रयासों में सहयोग किया।

बेसमेंट में निर्माण के दौरान हुआ हादसा

दिल्ली पुलिस के अनुसार, ढही इमारत लगभग 40 से 50 वर्ष पुरानी थी। हादसे के समय करीब दोपहर 1:30 बजे बेसमेंट में निर्माण कार्य चल रहा था। इसी दौरान इमारत का ढांचा कमजोर हुआ और देखते ही देखते पूरी बिल्डिंग धराशायी हो गई। पुलिस और प्रशासन अब यह पता लगाने में जुटे हैं कि निर्माण के दौरान किन परिस्थितियों में इमारत की संरचना प्रभावित हुई।

AIIMS में घायलों का इलाज जारी

हादसे के बाद घायलों को अलग-अलग अस्पतालों में पहुंचाया गया। AIIMS के सूत्रों के मुताबिक, चार घायल अस्पताल लाए गए, जिनमें दो की हालत गंभीर बताई गई। एक व्यक्ति को अस्पताल पहुंचने से पहले ही मृत घोषित किया गया। बचाव अभियान के दौरान घायल हुए एक बचावकर्मी को भी अस्पताल ले जाया गया था, जिसे उपचार के बाद छुट्टी मिल गई।

NDRF और दमकल टीमों ने संभाला मोर्चा

घटना की सूचना मिलते ही दिल्ली पुलिस, दमकल विभाग, CAT, एंबुलेंस और अन्य आपातकालीन सेवाओं की टीमें मौके पर पहुंचीं। NDRF के जवानों ने भी बचाव अभियान में हिस्सा लिया। मलबे में फंसे लोगों की वास्तविक संख्या फिलहाल स्पष्ट नहीं है। बचावकर्मी सावधानीपूर्वक मलबा हटाकर अंदर मौजूद लोगों की तलाश कर रहे हैं और संभावित पीड़ितों तक पहुंचने का प्रयास जारी है।

‘हॉस्टल डेज’ के नाम से पहचानी जाती थी इमारत

पुलिस को दोपहर करीब 1:34 बजे साउथ कैंपस थाने में नानकपुरा गुरुद्वारे के पास इमारत गिरने की सूचना मिली थी। स्थानीय स्तर पर इस भवन को ‘हॉस्टल डेज’ के नाम से जाना जाता था। अधिकारियों के मुताबिक, मलबे में दबे लोगों की संख्या तत्काल स्पष्ट नहीं हो सकी। पुलिस ने इमारत के मालिक की पहचान कर ली है और उसकी गिरफ्तारी के लिए कई टीमों को लगाया गया है।

15 कमरों में रहते थे छात्र

स्थानीय निवासी राजेन छेत्री के मुताबिक, इमारत में करीब 15 कमरे थे और प्रत्येक कमरे में दो से तीन छात्र रहते थे। बताया गया कि इनमें कई छात्र केरल, हरियाणा और उत्तर प्रदेश से थे। ये छात्र मोतीलाल नेहरू कॉलेज, आत्माराम सनातन धर्म कॉलेज और श्री वेंकटेश्वर कॉलेज में पढ़ते थे। स्थानीय जानकारी के अनुसार, प्रति बेड लगभग 12 हजार रुपये किराया लिया जाता था।

पुरानी इमारतों को लेकर उठे सवाल

दिल्ली में शुक्रवार से बारिश होने के बीच इस हादसे ने पुरानी इमारतों की सुरक्षा पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय निवासियों ने दावा किया कि इलाके में कई पुराने मकानों को PG में बदला गया है। कुछ लोगों ने नियमित रखरखाव की कमी और खुले नालों जैसी समस्याओं का भी जिक्र किया। हालांकि, हादसे की वास्तविक वजह जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।

मकान मालिकों के खिलाफ FIR दर्ज

पुलिस ने घटनास्थल के आसपास लोगों की आवाजाही नियंत्रित करते हुए उन्हें बचाव क्षेत्र से दूर रहने की अपील की। राहत वाहनों की आवाजाही सुचारू रखने के लिए सुरक्षा बढ़ाई गई। पुलिस ने मकान मालिक आनंद बंसल और हरिओम बंसल के खिलाफ गैर इरादतन हत्या के तहत FIR दर्ज की है। निर्माण कार्य और भवन की सुरक्षा से जुड़े पहलुओं की जांच की जा रही है।

अमित शाह ने गोवा दौरा किया रद्द

हादसे की जानकारी मिलने के बाद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने अपना गोवा दौरा रद्द कर दिया। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता सहित कई नेता घटनास्थल पर पहुंचे और बचाव अभियान का जायजा लिया। भाजपा विधायक अनिल शर्मा ने भी मौके पर पहुंचकर अधिकारियों से जानकारी ली। उन्होंने बताया कि बचाव दल मलबे में फंसे संभावित लोगों से संपर्क स्थापित करने की कोशिश कर रहे हैं।

पीएम मोदी ने जताया गहरा दुख

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हादसे पर दुख जताते हुए मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की। उन्होंने घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की और कहा कि प्रशासनिक टीमें राहत एवं बचाव कार्य में जुटी हैं। प्रधानमंत्री ने प्रभावित लोगों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने की बात कही।

ABVP ने MCD के खिलाफ किया प्रदर्शन

हादसे के बाद अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं ने सिविक सेंटर स्थित MCD कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने भवनों की सुरक्षा और कथित अवैध निर्माण को लेकर नगर निगम पर सवाल उठाए। ABVP ने MCD आयुक्त के इस्तीफे और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने AIIMS ट्रॉमा सेंटर पहुंचकर घायलों का हाल जाना और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई का भरोसा दिया।

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