UP TET Exam: उत्तर प्रदेश में शिक्षक बनने का सपना संजोए लाखों युवाओं के लिए आज, 2 जुलाई से एक बड़ी परीक्षा का दौर शुरू हो गया है। उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UP TET) का आयोजन आज से 4 जुलाई तक किया जा रहा है। इस परीक्षा में प्रदेश के 60 जिलों से लगभग 16 लाख अभ्यर्थी शामिल हो रहे हैं, जिनके लिए कुल 955 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। कुल पंजीकरण के आंकड़ों पर नजर डालें तो इस बार करीब 19.94 लाख अभ्यर्थी परीक्षा में भाग ले रहे हैं।
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परीक्षा का स्वरूप और समय-सारणी
यह परीक्षा तीन दिनों तक कुल 5 पालियों में संपन्न होगी। परीक्षा के कार्यक्रम के अनुसार:
2 जुलाई: उच्च प्राथमिक स्तर की परीक्षा।
3 जुलाई: प्रथम पाली में उच्च प्राथमिक और द्वितीय पाली में प्राथमिक स्तर की परीक्षा।
4 जुलाई: प्रथम पाली में प्राथमिक स्तर की परीक्षा आयोजित की जाएगी।
परीक्षा में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों में 17.67 लाख उत्तर प्रदेश के निवासी हैं, जबकि 2.27 लाख अभ्यर्थी अन्य राज्यों से हैं। आवेदकों में 1.85 लाख सेवारत शिक्षक हैं, जबकि 18.08 लाख नए अभ्यर्थी अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। सर्वाधिक केंद्रों और परीक्षार्थियों वाले जिलों में वाराणसी, प्रयागराज, लखनऊ, गोरखपुर, कानपुर, मेरठ, मऊ, मुरादाबाद, आगरा और जौनपुर प्रमुख हैं। विशेष रूप से जौनपुर जिले से सबसे अधिक 67,597 अभ्यर्थियों ने पंजीकरण कराया है।
कड़ी सुरक्षा और पारदर्शिता का संकल्प
महाराष्ट्र में टीईटी प्रश्नपत्र लीक होने की हालिया घटनाओं को देखते हुए, उत्तर प्रदेश सरकार और शिक्षा सेवा चयन आयोग बेहद सतर्क है। वर्ष 2021 की टीईटी परीक्षा में प्रश्नपत्र लीक होने के कड़वे अनुभवों को ध्यान में रखते हुए इस बार सुरक्षा के चाक-चौबंद इंतजाम किए गए हैं। उप्र शिक्षा सेवा चयन आयोग के अध्यक्ष प्रशांत कुमार ने पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ परीक्षा संपन्न कराने का संकल्प दोहराया है। एसटीएफ (STF) और विभिन्न खुफिया एजेंसियां सक्रिय हैं और संदिग्धों पर कड़ी नजर रखी जा रही है। साथ ही, कोचिंग संचालकों की गतिविधियों की भी मॉनिटरिंग की जा रही है।
बाहरी राज्यों के अभ्यर्थियों के लिए विशेष प्रबंध
मुख्यमंत्री ने अन्य राज्यों और प्रदेश के सुदूर इलाकों से आने वाले अभ्यर्थियों की सुविधा के लिए सख्त निर्देश जारी किए हैं। परिवहन विभाग और रेलवे को समन्वय स्थापित कर अतिरिक्त बसें और ट्रेनें चलाने को कहा गया है। प्रमुख बस अड्डों और रेलवे स्टेशनों पर अभ्यर्थियों की सहायता के लिए विशेष हेल्प डेस्क और सहायता केंद्र स्थापित किए गए हैं।
इसके अलावा, यातायात प्रबंधन पर विशेष जोर दिया गया है ताकि परीक्षा केंद्रों तक पहुँचने में किसी को देरी न हो। मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया है कि परीक्षा के दौरान खाद्य पदार्थों और पेय जल की कीमतों में किसी भी प्रकार की अनुचित बढ़ोतरी न हो, इसके लिए भी निगरानी तंत्र को सक्रिय किया गया है।
यह महापरीक्षा न केवल लाखों युवाओं के भविष्य का द्वार खोलेगी, बल्कि प्रशासन के लिए भी परीक्षा की निष्पक्षता बनाए रखने की एक कड़ी चुनौती है। सरकार का मुख्य लक्ष्य बिना किसी बाधा के इस बड़ी परीक्षा को सफलतापूर्वक संपन्न कराना है।
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