लखनऊ
चार अगस्त को पेश किए जाने वाला वित्तीय वर्ष 2026-27 का पहला अनुपूरक बजट लोक लुभावन होने के आसार हैं। बजट का आकार जो भी हो लेकिन सरकार इससे बड़े लक्ष्यों को साधने की कोशिश करेगी। रविवार तक बजट में शामिल की जाने वाली प्रमुख योजनाओं के साथ ही बजट आकार को अंतिम रूप देने की तैयारी है।
इस अनुपूरक में सरकार सड़क परियोजनाओं खासकर नई लिंक एक्सप्रेसवे और एक्सप्रेसवे परियोजनाओं को आगे बढ़ाने के लिए बजट दे सकती है। गंगा और अन्य एक्सप्रेसवे के दोनों तरफ हरियाली के लिए बड़े पैमाने पर पौधारोपण कराने का बजट भी इसमें दिख सकता है। वकीलों को कैशलेस इलाज की सुविधा भी इस अनुपूरक के माध्यम से दी जा सकती है।
मुख्यमंत्री कृषक छात्रवृत्ति योजना में दो हजार रुपए बढ़ाने के लिए अतिरिक्त धनराशि का आवंटन होने की उम्मीद भी है।
अगले साल होने वाले विधान सभा चुनाव को देखते हुए अनुपूरक बजट को अहम माना जा रहा है। बजट में जिन योजनाओं और परियोजनाओं के लिए धन का आवंटन किया जाएगा, वे सभी योजनाएं व परियोजनाएं दिसंबर से पहले धरातल पर नजर आएंगी। इस समय आगरा-लखनऊ-पूर्वांचल लिंक एक्सप्रेसवे, झांसी लिंक एक्सप्रेसवे, जेवर लिंक एक्सप्रेसवे और फर्रूखाबाद लिंक एक्सप्रेसवे के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया अंतिम दौर में है।
इसके साथ ही मेरठ-हरिद्वार एक्सप्रेसवे, विंध्य एक्सप्रेसवे और विंध्य पूर्वांचल एक्सप्रेसवे परियोजना के लिए अधिग्रहित की जाने वाली भूमि का सत्यापन किए जाने के निर्देश संबंधित डीएम को दिए गए हैं। इन परियोजनाओं को और आगे बढ़ाने के लिए बजट का प्रविधान किया जा सकता है।
प्रदेश में राज्य मार्गों (स्टेट हाईवे) के लिए भी 1000 करोड़ रुपये मिलने का अनुमान है। वकीलों को कैशलेस इलाज की सुविधा देने के लिए भी बजट प्रविधान नजर आ सकता है। एक्सप्रेसवे के किनारे पौधारोपण के लिए भी बड़ी धनराशि मिलने की उम्मीद है।
विधान मंडल के दोनों सदनों में सरकार द्वारा पेश किए जाने वाले अनुपूरक बजट को तैयार करने के लिए अपर मुख्य सचिव वित्त दीपक कुमार प्रस्तावों पर विभागीय अधिकारियों के साथ लगातार बैठकें कर रहे हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से चर्चा के बाद ही बजट आकार तय करने के साथ ही नई योजनाओं को बजट का हिस्सा बनाया जाएगा।
गौरतलब है कि सरकार ने 11 फरवरी को वर्ष 2026-27 का मूल बजट लगभग 9.12 लाख करोड़ रुपये का पेश किया था। मूल बजट के बाद पहला अनुपूरक बजट चार अगस्त को पेश विधान मंडल के दोनों सदनों में पेश किया जाना है। पिछले वित्तीय वर्ष 2025-26 का मूल बजट 8.08 लाख करोड़ रुपये था, बाद में सरकार ने 24,496 करोड़ रुपये का अनुपूरक बजट पेश किया था।










