Sugar Crisis: यूपी में चीनी संकट की चर्चा के बीच CM योगी का बड़ा दावा, 28 लाख टन स्टॉक मौजूद

उत्तर प्रदेश में चीनी संकट की चर्चाओं के बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रदेश में 28 लाख टन चीनी का स्टॉक मौजूद है, जो करीब सात महीने की खपत के लिए पर्याप्त है। उन्होंने बताया कि 15 अक्टूबर से चीनी मिलें फिर शुरू होंगी और आगामी सत्र में करीब 90 लाख टन उत्पादन का लक्ष्य है।

Sugar Crisis

Wrriten By :

Aanchal Singh

Published On :

अगस्त 25, 2026

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Sugar Crisis: उत्तर प्रदेश में चीनी की उपलब्धता को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को बड़ा दावा किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में फिलहाल 28 लाख टन चीनी का स्टॉक मौजूद है, जो करीब सात महीने की खपत के लिए पर्याप्त है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यूपी में चीनी की कोई कमी नहीं है और प्रदेश अपनी जरूरतों को पूरा करने में पूरी तरह सक्षम है।

यूपी में चीनी का पर्याप्त स्टॉक, 7 महीने की खपत का दावा

बताते चले कि, नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रदेश में चीनी की उपलब्धता को लेकर लोगों को चिंता करने की जरूरत नहीं है। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश में हर महीने करीब चार लाख टन चीनी की खपत होती है, जबकि वर्तमान में राज्य के पास 28 लाख टन चीनी उपलब्ध है।

चीनी संकट की चर्चाओं पर CM योगी ने साफ की स्थिति

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि चीनी संकट को लेकर अलग-अलग तरह की चर्चाएं चल रही हैं, लेकिन उत्तर प्रदेश में ऐसा कोई संकट नहीं है। मौजूदा स्टॉक को देखते हुए राज्य के पास करीब सात महीने की जरूरत पूरी करने के लिए पर्याप्त चीनी मौजूद है। मुख्यमंत्री ने लोगों से भ्रामक सूचनाओं पर भरोसा नहीं करने का संदेश दिया।

15 अक्टूबर से शुरू होंगी यूपी की चीनी मिलें

मुख्यमंत्री ने बताया कि उत्तर प्रदेश में चीनी मिलों का अगला पेराई सत्र 15 अक्टूबर से शुरू होगा। उन्होंने कहा कि मिलों के दोबारा संचालन के बाद प्रदेश में बड़े पैमाने पर चीनी का उत्पादन किया जाएगा।

90 लाख टन चीनी उत्पादन का लक्ष्य

योगी आदित्यनाथ के मुताबिक, आगामी पेराई सत्र में प्रदेश की चीनी मिलों के माध्यम से करीब 90 लाख टन चीनी का उत्पादन होने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश के पास इतनी बड़ी उत्पादन क्षमता है कि वह न केवल अपनी आबादी की जरूरतें पूरी कर सकता है, बल्कि देश की जरूरतों में भी महत्वपूर्ण योगदान दे सकता है।

मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश की उत्पादन क्षमता का जिक्र करते हुए कहा कि प्रदेश में करीब 25 करोड़ लोगों की जरूरतों को पूरा करने की क्षमता है। इसके साथ ही राज्य देश की करीब 140 करोड़ आबादी की जरूरतों में भी योगदान देने की क्षमता रखता है।

जमाखोरी और कालाबाजारी पर सरकार की नजर

चीनी की उपलब्धता को लेकर योगी सरकार पहले ही अधिकारियों को जमाखोरी और कालाबाजारी पर नजर रखने के निर्देश दे चुकी है। सरकार की ओर से आपूर्ति व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने और चीनी को लेकर किसी भी तरह की भ्रामक सूचना से बचने के लिए निगरानी बढ़ाने पर जोर दिया गया है।

कृषि को मजबूत करने पर CM योगी का जोर

मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम के दौरान कृषि क्षेत्र को मजबूत करने के लिए ‘लैब टू लैंड’ दृष्टिकोण अपनाने की जरूरत बताई। उन्होंने कहा कि कृषि से जुड़े अधिकारियों और तकनीकी कर्मचारियों को किसानों के बीच जाकर उनकी वास्तविक समस्याओं को समझना होगा।

‘खेती की चर्चा खेत में होगी’: योगी

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि यदि कृषि की वास्तविक स्थिति को समझना है तो किसानों के खेत तक पहुंचना जरूरी है। उनके मुताबिक खेती से जुड़े मुद्दों पर चर्चा केवल कार्यालयों या सेमिनार हॉल तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि इसका केंद्र किसान और उसका खेत होना चाहिए।

कृषि प्राविधिक सहायकों और मंडी सचिवों को दी जिम्मेदारी

मुख्यमंत्री ने नवनियुक्त कृषि प्राविधिक सहायकों और मंडी सचिवों से कहा कि वे अपनी जिम्मेदारियों का ईमानदारी और पारदर्शिता के साथ निर्वहन करें। उन्होंने कहा कि पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया के जरिए युवाओं को मिले इस अवसर का लाभ प्रदेश और देश की सेवा में लगाया जाना चाहिए।

नवनियुक्त कर्मचारियों को CM योगी ने दी बधाई

योगी आदित्यनाथ ने सभी नवनियुक्त कर्मचारियों को बधाई देते हुए कहा कि कृषि व्यवस्था को मजबूत बनाने में तकनीकी सहायकों और कृषि विज्ञान केंद्रों से जुड़े कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका हो सकती है। उन्होंने उम्मीद जताई कि नई जिम्मेदारी संभालने वाले कर्मचारी किसानों तक आधुनिक तकनीक और बेहतर कृषि संबंधी जानकारी पहुंचाने में प्रभावी भूमिका निभाएंगे।

मुख्यमंत्री के बयान के बाद चीनी की उपलब्धता और आगामी उत्पादन को लेकर सरकार का रुख साफ है। एक ओर सरकार मौजूदा स्टॉक को पर्याप्त बता रही है, वहीं दूसरी ओर 15 अक्टूबर से शुरू होने वाले पेराई सत्र में बड़े पैमाने पर उत्पादन की तैयारी की जा रही है।

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