UP STF Ambedkarnagar Encounter: उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था को मजबूत करने और अपराधियों के सफाए के अभियान में यूपी एसटीएफ (UP STF) को एक और बड़ी सफलता हाथ लगी है। एसटीएफ की नोएडा यूनिट ने अंबेडकरनगर जिले के बेवाना थाना क्षेत्र अंतर्गत जगदीशपुर गांव के पास एक लाख रुपये के इनामी और खूंखार बदमाश आसिफ उर्फ विक्की को एक मुठभेड़ में मार गिराया है। इस आमने-सामने की भीषण गोलीबारी में यूपी एसटीएफ का एक जांबाज सिपाही भी गोली लगने से घायल हुआ है, जिसे इलाज के लिए तुरंत नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मूल रूप से कानपुर के बिल्लौर थाना क्षेत्र के मकनपुर का निवासी आसिफ लंबे समय से पुलिस और एसटीएफ की रडार पर था। उस पर उत्तर प्रदेश, हरियाणा और राजस्थान समेत कई राज्यों में दो दर्जन से अधिक संगीन आपराधिक मामले दर्ज थे।
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सुबह-सुबह हुई मुठभेड़, अस्पताल ले जाते समय हुई मौत
बेवाना थानाध्यक्ष प्रभाकांत तिवारी द्वारा दी गई आधिकारिक जानकारी के अनुसार, यह मुठभेड़ सुबह के वक्त जगदीशपुर गांव के पास हुई। एसटीएफ की टीम ने जब घेराबंदी की, तो बदमाशों ने खुद को घिरा देख पुलिस टीम पर सीधे फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में एसटीएफ की ओर से की गई आत्मरक्षार्थ फायरिंग में आसिफ को गंभीर रूप से गोलियां लगीं। मुठभेड़ शांत होने के बाद खून से लथपथ बदमाश को तुरंत जिला चिकित्सालय ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने स्वास्थ्य परीक्षण के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने घटनास्थल से एक .32 बोर की पिस्टल, एक .12 बोर की पौनिया (कट्ठा), भारी मात्रा में जिंदा व खोखा कारतूस और एक मोटरसाइकिल बरामद की है।
डकैती और मर्डर का खौफनाक पैटर्न
आसिफ कोई साधारण अपराधी नहीं था, बल्कि वह एक बेहद क्रूर और पेशेवर डकैत गैंग का सरगना था। उसका और उसके गैंग का मुख्य पैटर्न यह था कि वे रात के अंधेरे में घरों में घुसकर पूरे परिवार को बंधक बना लेते थे। लूटपाट के दौरान यदि परिवार का कोई भी सदस्य जरा सा भी विरोध करता, तो वे धारदार हथियारों से उन पर जानलेवा हमला कर देते थे। आसिफ के खिलाफ दर्ज 21 से अधिक मामलों में से अधिकांश डकैती, जबरन उगाही और डकैती के दौरान की गई नृशंस हत्याओं से जुड़े हैं।
आसिफ के काले कारनामों का लंबा इतिहास (प्रमुख सनसनीखेज घटनाएं)
यूपी पुलिस के रिकॉर्ड के अनुसार, आसिफ कई सालों से फरार चल रहा था और उसकी तलाश में कई जिलों की पुलिस खाक छान रही थी। उसके द्वारा अंजाम दी गई कुछ सबसे खौफनाक वारदातें इस प्रकार हैं:
सुल्तानपुर डकैती व हत्या (2013): 19 अक्टूबर 2013 को आसिफ ने अपने गैंग के 10 साथियों के साथ सुल्तानपुर के कोतवाली देहात क्षेत्र में एक घर पर धावा बोला था। यहाँ डकैती डालने के साथ ही गैंग ने घर के सदस्य की निर्मम हत्या कर दी थी।
जौनपुर डबल मर्डर (2014): साल 2014 में जौनपुर के शाहगंज थाना क्षेत्र में आसिफ और उसके गुर्गों ने एक घर को बंधक बनाकर लाखों की डकैती की। इस दौरान विरोध करने पर परिवार के 5 लोगों पर धारदार हथियारों से हमला किया गया, जिसमें स्वाति और सुमन नाम की दो महिलाओं की इलाज के दौरान मौत हो गई।
कौशंबी हत्याकांड (2015): 15 अगस्त 2015 को कौशांबी के कोखराज क्षेत्र में अवनि कुमार टैगोर नामक व्यक्ति के घर में डकैती के दौरान आसिफ के गैंग ने उनके माता-पिता की बेरहमी से हत्या कर दी थी।
मुजफ्फरनगर में एक ही रात 5 डकैतियां (2015): 19 अगस्त 2015 को मुजफ्फरनगर के छपार क्षेत्र में महावीर सिंह के घर में घुसकर डकैती डाली और उनकी पुत्रवधू को मरणासन्न कर दिया। इसी खूंखार गैंग ने उसी एक रात में इलाके के पांच अन्य घरों को भी अपना निशाना बनाया था।
कानपुर देहात मर्डर (2021): 13 जनवरी 2021 को कानपुर देहात के रसूलबाद में आसिफ ने तासीम नामक व्यक्ति की हत्या कर दी थी।
एसटीएफ की इस सटीक कार्रवाई के बाद उत्तर प्रदेश के उन कई जिलों के पीड़ित परिवारों ने राहत की सांस ली है, जहाँ आसिफ और उसका गैंग सालों से खौफ का पर्याय बना हुआ था।
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