UP SIR Draft Voter List: यूपी में ‘वोटर लिस्ट’ का बड़ा क्लीनअप, 2.89 करोड़ नाम कटे; आज जारी होगी ड्राफ्ट सूची

उत्तर प्रदेश में आज एसआईआर प्रक्रिया के बाद ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी की जाएगी। इस सूची में लगभग 12.55 करोड़ मतदाताओं के नाम शामिल होंगे।

UP SIR Draft Voter List

Wrriten By :

Nivedita Kasaudhan

Published On :

जनवरी 6, 2026

UP SIR Draft Voter List: उत्तर प्रदेश की राजनीति और चुनावी तैयारियों के लिहाज से एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। मंगलवार, 6 जनवरी 2026 को राज्य की ड्राफ्ट निर्वाचक नामावलियां (वोटर लिस्ट) जारी की जा रही हैं। यह सूची चुनाव आयोग द्वारा चलाए गए विशेष सघन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) अभियान के तहत प्रकाशित की जा रही है। शुरुआती आंकड़ों के अनुसार इस ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से लगभग 2.89 करोड़ मतदाताओं के नाम हटाए जा सकते हैं। यह संख्या अक्टूबर 2025 में प्रकाशित अंतिम मतदाता सूची के कुल मतदाताओं का लगभग 18.70 प्रतिशत है। उस समय राज्य में कुल 15.44 करोड़ पंजीकृत मतदाता थे।

UP SIR Voter List 2025: उत्तर प्रदेश SIR प्रक्रिया में 2.89 करोड़ नाम हटे, 31 दिसंबर को जारी होगा अंतिम ड्राफ्ट

शहरी क्षेत्रों में सबसे ज्यादा कटौती

UP SIR Draft Voter List
यूपी में ‘वोटर लिस्ट’ का बड़ा क्लीनअप

चुनाव आयोग के आंतरिक आंकड़ों के अनुसार, शहरी क्षेत्रों में सबसे अधिक नाम कटने की संभावना है।

गाजियाबाद: 36.67%

लखनऊ: 30.88%

कानपुर नगर: 25.62%

प्रयागराज: 25.31%

मेरठ: 25.21%

आगरा: 23.57%

विशेषज्ञों का मानना है कि शहरी इलाकों में जनसंख्या का पलायन, किराए के मकानों में रहना, बार-बार पता बदलना और दस्तावेजों का अद्यतन न होना इस कटौती के प्रमुख कारण हैं।

विशेष सघन पुनरीक्षण अभियान

उत्तर प्रदेश में SIR अभियान की प्रक्रिया 4 नवंबर 2025 से शुरू हुई थी। यह कई चरणों में चला और चुनौतियों के कारण इसे बार-बार बढ़ाया गया। पहले और दूसरे चरण के बाद 11 दिसंबर तक 2.96 करोड़ मतदाता ‘अनकलेक्टेबल’ यानी जिनसे संपर्क नहीं हो सका, की श्रेणी में पाए गए। तीसरे चरण के बाद 26 दिसंबर तक यह संख्या घटकर 2.89 करोड़ रह गई।

नाम हटने के प्रमुख कारण

चुनाव आयोग के अनुसार संभावित 2.89 करोड़ हटाए जाने वाले मतदाताओं में:

1.29 करोड़ (8.40%) स्थायी रूप से स्थानांतरित हो चुके हैं।

46 लाख (2.99%) मृतक पाए गए।

25.4 लाख (1.65%) डुप्लीकेट हैं।

79.5 लाख (5.15%) दिए गए पते पर ट्रेस नहीं हो सके।

7.74 लाख (0.50%) ने BLO द्वारा दिए गए फॉर्म वापस नहीं किए।

इन सभी श्रेणियों के नाम ड्राफ्ट सूची से हटाए जा सकते हैं। हालांकि अंतिम निर्णय दावों और आपत्तियों की प्रक्रिया के बाद होगा।

दावे और आपत्तियों की प्रक्रिया

ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी होने के बाद 6 जनवरी से 6 फरवरी 2026 तक दावे और आपत्तियां दर्ज की जा सकेंगी। जिन मतदाताओं के नाम सूची में नहीं होंगे, वे जरूरी दस्तावेजों के साथ दावा कर सकते हैं। इसी तरह गलत प्रविष्टियों पर आपत्ति भी दर्ज की जा सकेगी। अंतिम मतदाता सूची 6 मार्च 2026 को प्रकाशित होगी।

मतदान केंद्रों की संख्या बढ़ी

चुनाव आयोग ने मतदान प्रक्रिया को सुगम बनाने के लिए राज्य में मतदान केंद्रों की संख्या 1,62,486 से बढ़ाकर 1,77,516 कर दी है। यानी 15,030 नए मतदान केंद्र बनाए जाएंगे। इससे मतदान के दिन भीड़ कम होगी और मतदाताओं को सुविधा मिलेगी।

राजनीतिक हलचल

वोटर लिस्ट से बड़ी संख्या में नाम हटने की संभावना ने राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने चिंता जताते हुए कहा कि हटाए जा रहे मतदाता किसी एक वर्ग या दल के नहीं हैं, बल्कि इनमें से 85-90 प्रतिशत उनके समर्थक भी हो सकते हैं। वहीं समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कार्यकर्ताओं को सतर्क रहने और बूथ स्तर पर निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं।

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