UP School Closed: उत्तर प्रदेश में शीतलहर और घने कोहरे के भीषण प्रकोप को देखते हुए राज्य सरकार ने बच्चों की सुरक्षा के लिए बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशानुसार, प्रदेश के सभी जिलों में 5 जनवरी तक स्कूलों को बंद रखने का आदेश जारी किया गया है। यह फैसला बढ़ते ठंड के ग्राफ और शून्य दृश्यता के कारण छात्रों को होने वाली समस्याओं को ध्यान में रखकर लिया गया है।
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भीषण शीतलहर और घने कोहरे के कारण जनजीवन अस्त-व्यस्त
बताते चले कि, उत्तर प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में इन दिनों ‘कोल्ड डे’ जैसी स्थिति बनी हुई है। कड़ाके की ठंड और कोहरे ने न केवल यातायात बल्कि आम जनजीवन को भी पूरी तरह प्रभावित कर दिया है। सुबह के समय दृश्यता कम होने के कारण स्कूल जाने वाले बच्चों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था। बच्चों के स्वास्थ्य पर पड़ रहे प्रतिकूल प्रभाव को देखते हुए प्रशासन ने तत्काल प्रभाव से स्कूल बंदी के निर्देश दिए हैं।
सभी बोर्डों के लिए लागू
आपको बता दे कि, मुख्यमंत्री का यह आदेश किसी एक बोर्ड तक सीमित नहीं है। प्रदेश के सभी सरकारी, सहायता प्राप्त और प्राइवेट स्कूलों के लिए इसे अनिवार्य रूप से लागू किया गया है। चाहे स्कूल CBSE, ICSE या यूपी बोर्ड से संबद्ध हो, सभी को 5 जनवरी तक बंद रखा जाएगा। अभिभावकों और छात्रों को सलाह दी गई है कि वे कड़ाके की ठंड में घर पर रहें और सुरक्षित रहें।
स्कूलों के खुलने की तिथि
अभिभावकों के मन में सबसे बड़ा सवाल है कि ‘यूपी में स्कूल कब खुलेंगे?’ वर्तमान आदेश के अनुसार, सभी शिक्षण संस्थान अब 6 जनवरी को दोबारा खुलेंगे। हालांकि, शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि यदि मौसम के मिजाज में सुधार नहीं होता है और ठिठुरन बनी रहती है, तो छुट्टियों को आगे बढ़ाने पर दोबारा विचार किया जा सकता है। किसी भी नए अपडेट के लिए शिक्षा विभाग की आधिकारिक अधिसूचना का इंतजार करना होगा।
मुख्यमंत्री का अधिकारियों को सख्त निर्देश
स्कूलों की छुट्टी के साथ-साथ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जिला प्रशासन और नगर निकायों को कड़े निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने कहा है कि हर जनपद में सार्वजनिक स्थानों पर अलाव और जरूरतमंदों के लिए कंबल की पर्याप्त व्यवस्था की जाए। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि कोई भी निराश्रित व्यक्ति खुले आसमान के नीचे सोने को मजबूर न हो और रैन बसेरों में सभी आवश्यक सुविधाएं चाक-चौबंद रखी जाएं।
अभिभावकों और बच्चों के लिए स्वास्थ्य संबंधी सावधानी
डॉक्टरों ने भी इस मौसम में बच्चों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। अत्यधिक ठंड से बच्चों के हाथ-पैर सुन्न होने और सर्दी-जुकाम की समस्या बढ़ रही है। सरकार के इस फैसले का अभिभावक संघों ने स्वागत किया है, क्योंकि कोहरे के कारण सुबह के समय सड़क हादसों का खतरा भी बना रहता है। फिलहाल, पूरा प्रदेश भीषण ठंड की चपेट में है और राहत मिलने के आसार कम ही दिख रहे हैं।










