UP Politics : बिजनौर में ओवैसी का बड़ा बयान, बीजेपी रोकने के लिए कांग्रेस-सपा को दिया गठबंधन ऑफर

UP Politics: बिजनौर में एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने बीजेपी को रोकने के लिए कांग्रेस और समाजवादी पार्टी को गठबंधन का प्रस्ताव देने की बात कही। इस बयान के बाद उत्तर प्रदेश की राजनीति में नई चर्चाएं शुरू हो गई हैं। आखिर इस प्रस्ताव का क्या असर होगा और विपक्ष की रणनीति क्या होगी, जानिए पूरी रिपोर्ट।

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Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

जून 30, 2026

UP Politics : उत्तर प्रदेश की चुनावी हलचल के बीच एआईएमआईएम (AIMIM) प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने बिजनौर के नजीमाबाद में एक बड़ी जनसभा को संबोधित करते हुए राज्य की राजनीति का पारा बढ़ा दिया है। ओवैसी ने स्पष्ट किया है कि वे उत्तर प्रदेश में भाजपा की सरकार को दोबारा सत्ता में आने से रोकने के लिए किसी भी गठबंधन के लिए ‘आधे रास्ते’ तक आने को तैयार हैं। हालांकि, उन्होंने अपनी शर्तों को दोहराते हुए कहा कि यह गठबंधन ‘इज्जत और सम्मान’ की नींव पर होना चाहिए। ओवैसी ने दो टूक शब्दों में कहा कि अब मुसलमानों के लिए ‘दरी बिछाने’ की राजनीति का युग समाप्त हो चुका है; अब समय हक और सम्मान की लड़ाई लड़ने का है।

मस्जिदों और वक्फ के मुद्दे पर योगी सरकार पर हमला

जनसभा के दौरान ओवैसी ने वक्फ बोर्ड और मस्जिदों के विध्वंस को लेकर प्रदेश सरकार को घेरे में लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि सैकड़ों साल पुरानी मस्जिदों को तोड़ने के नोटिस दिए जा रहे हैं, जबकि हकीकत यह है कि कई पुलिस स्टेशन और रेलवे स्टेशन तो इन मस्जिदों के निर्माण के बहुत बाद में अस्तित्व में आए हैं। वक्फ कानून को उन्होंने मुसलमानों की संपत्ति हड़पने की एक सुनियोजित साजिश बताया। उन्होंने न्यायपालिका और प्रशासन पर दोहरा रवैया अपनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि गंगा में रोजा इफ्तार करने वाले मुसलमानों को जेल भेजा जा रहा है, जबकि अन्य मामलों में दूसरे समुदाय के लोगों को तुरंत जमानत मिल जाती है।

अखिलेश यादव और सपा की ‘वोट बैंक’ वाली नीति पर तंज

समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए ओवैसी ने आरोप लगाया कि सपा मुसलमानों को केवल एक ‘वोट बैंक’ के रूप में इस्तेमाल करती है। उन्होंने कहा कि अखिलेश के कार्यकाल के दौरान 50 हजार मुसलमानों को बेघर किया गया था, जो सपा की कथनी और करनी का अंतर दर्शाता है। ओवैसी ने सवाल किया कि सपा द्वारा दिए जाने वाले टिकट का उद्देश्य समुदाय को सशक्त करना नहीं, बल्कि उन्हें ‘गुलाम’ बनाए रखना होता है। उन्होंने सपा के ‘पीडीए’ (PDA) फॉर्मूले पर भी कटाक्ष किया और कहा कि इसका असली चेहरा अब सामने आ गया है—जहाँ यादव समाज का कोई व्यक्ति भाजपा के साथ हो तो उसे मदद मिलती है, लेकिन मुसलमान के साथ अन्याय होने पर सपा चुप्पी साध लेती है।

आरएसएस और भाजपा के खिलाफ तीखी बयानबाजी

अपनी जनसभा में ओवैसी ने भाजपा और आरएसएस की विचारधारा को भी निशाने पर लिया। उन्होंने कहा कि अगर राज्य में एनकाउंटर संस्कृति को खत्म करना है, मस्जिदों की हिफाजत करनी है और अपने सम्मान की रक्षा करनी है, तो इसकी जिम्मेदारी समुदाय को खुद लेनी होगी। ओवैसी ने ममता बनर्जी सहित अन्य विपक्षी नेताओं पर भी निशाना साधा और कहा कि ये दल भी मुसलमानों के हितों को लेकर गंभीर नहीं हैं। ओवैसी का यह आक्रामक अंदाज स्पष्ट करता है कि वे आने वाले चुनावों में एक बड़ी राजनीतिक चुनौती पेश करने की तैयारी में हैं, जहाँ मुख्य केंद्र बिंदु मुस्लिम सम्मान और अधिकार ही रहेगा।

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