
UP Politics: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 के मद्देनजर राज्य में राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने चुनावी बिसात बिछाना शुरू कर दिया है। इसी रणनीति के तहत मायावती ने गुरुवार, 5 नवंबर को लखनऊ स्थित बसपा प्रदेश कार्यालय में पार्टी के शीर्ष पदाधिकारियों और सभी 75 जिलों के जिला अध्यक्षों की एक बेहद महत्वपूर्ण और समीक्षा बैठक बुलाई है।
आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों और सांगठनिक फेरबदल के लिहाज से इस बैठक को बेहद अहम माना जा रहा है। माना जा रहा है कि इस बैठक के दौरान बसपा सुप्रीमो 2027 के चुनाव के लिए कई संभावित उम्मीदवारों के नामों पर अंतिम मुहर भी लगा सकती हैं।
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सुबह 11 बजे से होगी समीक्षा बैठक, लिया जाएगा पिछली हिदायतों का ब्योरा

बसपा सुप्रीमो मायावती की अध्यक्षता में यह बैठक 5 नवंबर को सुबह 11 बजे प्रदेश कार्यालय में शुरू होगी। इस दौरान मायावती सीधे तौर पर संगठन की जमीनी मजबूती और चुनावी तैयारियों का जायजा लेंगी। मायावती पिछली बैठकों में पदाधिकारियों को दिए गए दिशा-निर्देशों के क्रियान्वयन की गहन समीक्षा करेंगी और ग्राउंड रिपोर्ट लेंगी। विधानसभा चुनाव के लिए मजबूत और जिताऊ उम्मीदवारों के चयन पर मंथन किया जाएगा। बसपा के जनाधार को वापस पाने और सर्वसमाज (दलित, पिछड़ा, मुस्लिम व सवर्ण) को पार्टी से जोड़ने के लिए नई चुनावी रणनीति पर विस्तृत चर्चा होगी।
संगठन के छोटे-बड़े पदाधिकारी और 75 जिलों के अध्यक्ष होंगे शामिल
इस महत्वपूर्ण बैठक में प्रदेश स्तर के सभी छोटे-बड़े पदाधिकारियों के अलावा राज्य के सभी 75 जिलों के जिला अध्यक्ष विशेष रूप से मौजूद रहेंगे। बसपा सुप्रीमो संगठन को बूथ स्तर तक चुस्त-दुरुस्त करने और आगामी विधानसभा चुनाव में जीत का रोडमैप तैयार करने के लिए पदाधिकारियों को नए दिशा-निर्देश और गुरुमंत्र देंगी।
6 दिसंबर को लखनऊ में शक्ति प्रदर्शन, रैली को सफल बनाने की तैयारी

2027 के चुनाव से पहले बसपा अपना सबसे बड़ा शक्ति प्रदर्शन करने जा रही है। 6 दिसंबर को संविधान निर्माता डॉ. भीमराव आंबेडकर के परिनिर्वाण दिवस के अवसर पर लखनऊ स्थित ‘रमाबाई अंबेडकर मैदान’ में एक विशाल रैली का आयोजन किया जा रहा है।
5 नवंबर की बैठक में मायावती 6 दिसंबर की इस महारैली को ऐतिहासिक बनाने के लिए कैडर को दिशा-निर्देश जारी करेंगी। सूत्रों के मुताबिक, लखनऊ में होने वाली इस विशाल रैली को बसपा सुप्रीमो मायावती के साथ-साथ पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक आकाश आनंद भी संबोधित करेंगे। उत्तर प्रदेश के आगामी विधानसभा चुनाव से पहले बसपा का यह बड़ा कदम सूबे की राजनीति में नए समीकरण बनाने और पार्टी कार्यकर्ताओं में नया जोश भरने का काम करेगा।
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