
UP Police Transfer: उत्तर प्रदेश में पुलिस प्रशासन को लेकर एक बार फिर बड़ा फेरबदल किया गया है। मंगलवार को शासन की ओर से जारी तबादला आदेश में दो वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों की नई तैनाती की गई है। इस बदलाव के तहत कानपुर नगर और गौतमबुद्धनगर (नोएडा) पुलिस कमिश्नरेट में संयुक्त पुलिस आयुक्त के पदों पर नए अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है।
इस तबादले के बाद दोनों कमिश्नरेट में पुलिस व्यवस्था की जिम्मेदारियां बदल जाएंगी। खास बात यह है कि प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच पुलिस महकमे में लगातार प्रशासनिक बदलाव देखने को मिल रहे हैं।
संकल्प शर्मा का नोएडा ट्रांसफर

शासन की ओर से जारी आदेश के मुताबिक, आईपीएस अधिकारी संकल्प शर्मा को कानपुर नगर पुलिस कमिश्नरेट से हटाकर गौतमबुद्धनगर पुलिस कमिश्नरेट भेजा गया है। अब वह नोएडा में संयुक्त पुलिस आयुक्त की जिम्मेदारी संभालेंगे।संकल्प शर्मा इससे पहले कानपुर नगर में संयुक्त पुलिस आयुक्त के पद पर तैनात थे। उनके तबादले के बाद अब गौतमबुद्धनगर पुलिस कमिश्नरेट में उन्हें नई जिम्मेदारी दी गई है। नोएडा जैसे तेजी से विकसित हो रहे शहर में कानून-व्यवस्था बनाए रखना पुलिस प्रशासन के लिए अहम जिम्मेदारी है। ऐसे में उनकी नई तैनाती को प्रशासनिक लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
संतोष कुमार मिश्रा बने कानपुर के नए संयुक्त पुलिस आयुक्त
वहीं, आईपीएस अधिकारी संतोष कुमार मिश्रा को कानपुर नगर पुलिस कमिश्नरेट में संयुक्त पुलिस आयुक्त बनाया गया है। इससे पहले वह पीटीएस जालौन में पुलिस उपमहानिरीक्षक (डीआईजी) के पद पर तैनात थे।अब उन्हें कानपुर जैसे बड़े औद्योगिक और शहरी क्षेत्र में पुलिस व्यवस्था की जिम्मेदारी दी गई है। शहर में कानून-व्यवस्था बनाए रखने, अपराध पर नियंत्रण और पुलिसिंग को बेहतर बनाने में उनकी भूमिका अहम रहेगी।
अक्टूबर में भी 20 से ज्यादा अधिकारियों के हुए थे तबादले
उत्तर प्रदेश में आईपीएस अधिकारियों के तबादलों का यह कोई पहला मामला नहीं है। इससे पहले 7 अक्टूबर को भी शासन ने 20 से ज्यादा आईपीएस अधिकारियों के तबादले किए थे। इस सूची में 11 जिलों के पुलिस कप्तान यानी एसपी और एसएसपी भी शामिल थे।इसके अलावा सितंबर में भी पुलिस विभाग में बड़े स्तर पर फेरबदल देखने को मिला था। 19 और 20 सितंबर को करीब 35 आईपीएस अधिकारियों के तबादले किए गए थे। इसके बाद 22 सितंबर को भी 18 आईपीएस अधिकारियों की जिम्मेदारियों में बदलाव हुआ था।

इन लगातार तबादलों के जरिए शासन ने पुलिस प्रशासन को और सक्रिय बनाने तथा कानून-व्यवस्था को बेहतर करने की कोशिश की थी। अब एक बार फिर दो वरिष्ठ अधिकारियों की नई तैनाती से पुलिस महकमे में हलचल बढ़ गई है।
विधानसभा चुनाव से पहले और पुलिस अधिकारियों के तबादले संभव
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या आने वाले दिनों में उत्तर प्रदेश पुलिस में और भी बड़े बदलाव देखने को मिलेंगे? प्रशासनिक सूत्रों के मुताबिक, विधानसभा चुनाव 2027 से पहले कई जिलों में पुलिस अधिकारियों की तैनाती बदली जा सकती है।
बताया जा रहा है कि पुलिस मुख्यालय ने उन अधिकारियों और कर्मचारियों की सूची मांगी है, जो एक ही जिले या स्थान पर तीन साल से ज्यादा समय से तैनात हैं। इस सूची में आईपीएस अधिकारियों से लेकर पुलिस विभाग के निचले स्तर तक के कर्मचारी शामिल हैं। इसी आधार पर प्रदेश में 2,000 से ज्यादा पुलिसकर्मियों के तबादले होने की संभावना जताई जा रही है।
Election Commission के निर्देश के बाद ट्रांसफर प्रक्रिया तेज होने के आसार
दरअसल, विधानसभा चुनाव से पहले प्रशासनिक व्यवस्था को निष्पक्ष बनाए रखने के लिए चुनाव आयोग भी लंबे समय से एक ही स्थान पर तैनात अधिकारियों को हटाने के निर्देश देता रहा है। इसी प्रक्रिया के तहत ऐसे अधिकारियों और कर्मचारियों की जानकारी जुटाई जा रही है, जिनकी तैनाती एक ही जगह पर निर्धारित अवधि से अधिक हो चुकी है।
ऐसे में माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में यूपी पुलिस में तबादलों की एक और बड़ी सूची सामने आ सकती है। फिलहाल दो आईपीएस अधिकारियों की नई तैनाती हो चुकी है, लेकिन चुनाव से पहले पुलिस प्रशासन में अभी और बदलाव देखने को मिल सकते हैं।











