UP News: उत्तर प्रदेश में खाकी वर्दी पहनने का सपना देख रहे लाखों युवाओं के लिए नए साल का आगाज बड़ी खुशखबरी के साथ हुआ है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रतियोगी छात्रों के हितों को सर्वोपरि रखते हुए पुलिस भर्ती प्रक्रिया में अधिकतम आयु सीमा में 3 वर्ष की एकमुश्त छूट देने का ऐतिहासिक निर्णय लिया है। सरकार के इस कदम से उन अभ्यर्थियों में खुशी की लहर है, जो ओवरएज होने के कारण भर्ती प्रक्रिया से बाहर होने की कगार पर थे।
Prayagraj News: IAS के घर को बनाया अय्याशी का अड्डा, कई लोग हिरासत में लिए गए, ऐसे हुआ भंडाफोड़
32,679 पदों पर सीधी भर्ती
बताते चले कि, उत्तर प्रदेश सरकार ने आरक्षी नागरिक पुलिस एवं समकक्ष पदों पर प्रस्तावित सीधी भर्ती-2025 के लिए शासनादेश जारी कर दिया है। इस भर्ती अभियान के माध्यम से कुल 32,679 रिक्त पदों को भरा जाना है। मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार, यह रियायत एक बार के लिए प्रदान की गई है। 5 जनवरी 2026 को जारी इस आधिकारिक आदेश के बाद, अब सभी वर्गों के पुरुष और महिला अभ्यर्थी इस संशोधित पात्रता का लाभ उठा सकेंगे।
विभिन्न पुलिस संवर्गों में रोजगार के अवसर और पात्रता विस्तार
आपकी जानकारी के लिए बता दे कि, यह छूट केवल नागरिक पुलिस तक सीमित नहीं है, बल्कि पुलिस विभाग के विभिन्न अंगों में होने वाली नियुक्तियों पर समान रूप से लागू होगी। इसके तहत निम्नलिखित श्रेणियों में आवेदन करने वाले युवाओं को राहत मिलेगी:
- आरक्षी नागरिक पुलिस (पुरुष/महिला)
- आरक्षी पीएसी और सशस्त्र पुलिस (पुरुष)
- आरक्षी विशेष सुरक्षा बल (SSF)
- महिला बटालियन हेतु महिला आरक्षी
- आरक्षी घुड़सवार पुलिस एवं जेल वार्डर
नियम-3 के तहत वैधानिक निर्णय और भर्ती विज्ञप्ति का विवरण
योगी सरकार ने यह महत्वपूर्ण निर्णय ‘उत्तर प्रदेश लोक सेवा (भर्ती के लिए आयु सीमा का शिथिलीकरण) नियमावली-1992’ के नियम-3 के अंतर्गत लिया है। गौरतलब है कि इस भर्ती की मूल विज्ञप्ति 31 दिसंबर 2025 को जारी की गई थी। अब 5 जनवरी 2026 को जारी नए शासनादेश के माध्यम से नियमों में संशोधन कर आयु सीमा को बढ़ाया गया है, जिससे भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और सर्वसमावेशिता सुनिश्चित की जा सके।
युवा कल्याण और रोजगार के प्रति सरकार की संवेदनशीलता
यह फैसला दर्शाता है कि राज्य सरकार युवाओं की समस्याओं के प्रति कितनी सजग है। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों को न्यायसंगत अवसर प्रदान करना योगी सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। प्रशासनिक स्तर पर लिए गए इस संवेदनशील निर्णय से न केवल युवाओं का मनोबल बढ़ेगा, बल्कि उन्हें प्रदेश की कानून व्यवस्था में योगदान देने का एक सुनहरा अवसर भी मिलेगा। जानकारों का मानना है कि इस छूट से करीब 10 से 15 लाख अतिरिक्त अभ्यर्थी परीक्षा में सम्मिलित हो सकेंगे।










