UP News: “ऑन-ड्यूटी रील बनाई तो…” नियुक्ति पत्र बांटते ही नए पुलिसकर्मियों को सीएम योगी की सख्त चेतावनी

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को लोकभवन में उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड द्वारा चयनित 930 कंप्यूटर ऑपरेटरों को नियुक्ति पत्र सौंपे। इस दौरान सीएम योगी ने पुलिसकर्मियों द्वारा ड्यूटी पर रील बनाने और सोशल मीडिया के इस्तेमाल पर सख्त नाराजगी जताई और उन्हें कड़े अनुशासन में रहने की हिदायत दी।

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Wrriten By :

Aanchal Singh

Published On :

जून 17, 2026

UP News: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को लखनऊ के लोकभवन सभागार में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम के दौरान उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड द्वारा निष्पक्ष रूप से चयनित 930 कंप्यूटर ऑपरेटर (ग्रेड-ए) अभ्यर्थियों को उनके नियुक्ति पत्र वितरित किए। इस गरिमामयी समारोह में नवनियुक्त पुलिस कर्मियों के साथ-साथ शासन और पुलिस प्रशासन के आला अधिकारी भी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने सभी नवनियुक्त युवाओं को उनके करियर की नई शुरुआत पर बधाई दी और उन्हें भविष्य में पूरी ईमानदारी, कड़े अनुशासन और जन-समर्पण की भावना के साथ देश सेवा करने का मूलमंत्र दिया।

देश में कानून-व्यवस्था की नई मिसाल

समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश पुलिस विभाग में आए व्यापक सकारात्मक सुधारों को रेखांकित किया। उन्होंने दावा किया कि पिछले नौ वर्षों के कार्यकाल में राज्य पुलिस ने सुशासन के लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए अभूतपूर्व और तेज गति से काम किया है, जिसके परिणामस्वरूप आज यूपी पुलिस पूरे देश में ‘मॉडल पुलिसिंग’ और बेहतरीन कानून-व्यवस्था का एक उत्कृष्ट उदाहरण बनकर उभरी है।

साल 2017 से पहले के समय को याद करते हुए सीएम ने कहा कि पूर्ववर्ती सरकारों में प्रदेश की आंतरिक सुरक्षा और कानून-व्यवस्था अत्यंत चुनौतीपूर्ण स्थिति में थी। दंगाइयों के हौसले बुलंद थे और किसी भी बड़े त्योहार या सार्वजनिक आयोजन से पहले सांप्रदायिक तनाव तथा उपद्रव होना एक आम बात बन चुकी थी। परंतु, वर्तमान सरकार के सत्ता संभालते ही अपराध, अपराधियों और अराजकता फैलाने वाले तत्वों के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत जो कठोर दंडात्मक कार्रवाई की गई, उसी का नतीजा है कि आज समूचे प्रदेश में हर नागरिक खुद को सुरक्षित महसूस कर रहा है।

कड़ा अनुशासन और विभागीय गरिमा

अपने संबोधन के मुख्य अंश में मुख्यमंत्री ने सरकारी कर्मचारियों, विशेष रूप से नवनियुक्त तकनीकी कर्मियों और पुलिस विभाग के जवानों को कड़े अनुशासन का पाठ पढ़ाया। वर्दी की मर्यादा का जिक्र करते हुए उन्होंने साफ लहजे में कहा कि ऑन-ड्यूटी रहने के दौरान मोबाइल पर रील बनाना या सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर अनावश्यक व गैर-जिम्मेदाराना गतिविधियों में लिप्त रहना गंभीर अनुशासनहीनता की श्रेणी में आता है। उन्होंने मंच से चयनित अभ्यर्थियों से पुरजोर अपील की कि वे अपने दैनिक आचरण, कर्तव्यनिष्ठा और कार्यशैली से उत्तर प्रदेश पुलिस विभाग की गरिमा को और अधिक ऊंचा उठाएं। उन्होंने सख्त हिदायत दी कि कोई भी नया सिपाही या ऑपरेटर ऐसा कोई बचकाना काम न करे, जिससे इस प्रतिष्ठित संस्था की सार्वजनिक छवि धूमिल हो या समाज के असामाजिक तत्वों को खाकी वर्दी पर उंगली उठाने का जरा सा भी अवसर मिल सके।

बुनियादी ढांचे और ट्रेनिंग कैपेसिटी का कायाकल्प

उत्तर प्रदेश पुलिस बल की कार्यक्षमता और संसाधनों को आधुनिक बनाने की दिशा में बात करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सरकारी प्रयासों का ब्यौरा दिया। उन्होंने बताया कि पहले के समय में पूरे प्रदेश के भीतर केवल 30 हजार पुलिसकर्मियों को ही एक बार में बुनियादी प्रशिक्षण देने की सीमित व्यवस्था उपलब्ध थी, जिसे हमारी सरकार ने बुनियादी ढांचे में सुधार करके अब सीधे दोगुना यानी 60 हजार कर दिया है।

इसके अतिरिक्त, पुलिसकर्मियों के रहन-सहन के स्तर को बेहतर बनाने के लिए आधुनिक बैरकों और सभी आवश्यक सुविधाओं से लैस नए आवासों का निर्माण युद्धस्तर पर कराया गया है। सीएम ने दुख जताते हुए कहा कि पहले पुलिस के जांबाज जवान जर्जर और असुरक्षित भवनों में रहने को विवश थे, लेकिन अब सरकार उन्हें हाई-टेक और सुविधायुक्त सरकारी आवास उपलब्ध करा रही है। बल को तकनीकी रूप से सक्षम बनाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।

अत्याधुनिक अपराध जांच और तकनीकी सुरक्षा

स्मार्ट पुलिसिंग और आधुनिक दौर के तकनीकी अपराधों पर अंकुश लगाने की रणनीति साझा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले पूरे उत्तर प्रदेश में नाममात्र के लिए केवल चार जिलों में ही साइंटिफिक फोरेंसिक लैब (FSL) की सुविधा क्रियाशील थी, लेकिन वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर जांच को तेज करने के लिए अब इसकी संख्या बढ़ाकर 12 जिलों तक पहुंचा दी गई है।

यही नहीं, त्वरित आपराधिक जांच के लिए प्रदेश के हर जनपद में अत्याधुनिक फोरेंसिक वैन की तैनाती की गई है, जिसके तहत बड़े जिलों को तीन और छोटे जिलों को दो-दो हाई-टेक वैन आवंटित की गई हैं। इसके साथ ही, तेजी से बढ़ते डिजिटल फ्रॉड और ऑनलाइन अपराधों से सख्ती से निपटने के लिए यूपी के सभी जिलों में समर्पित साइबर पुलिस थानों की स्थापना का कार्य सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है, जिससे अब पुलिस की तफ्तीश प्रणाली और अधिक प्रभावी, वैज्ञानिक एवं तकनीकी रूप से पूरी तरह सक्षम हो चुकी है।

‘बीमारू’ छवि से मुक्ति और आर्थिक प्रगति

अपने भाषण के अंतिम चरण में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के समग्र विकास, रोजगार सृजन और आर्थिक उन्नति की प्रगति रिपोर्ट देश के सामने रखी। उन्होंने गर्व से घोषणा की कि बीते वर्षों में वर्तमान सरकार ने पूरी पारदर्शिता के साथ युवाओं को 9 लाख से अधिक सरकारी नौकरियां प्रदान की हैं, जिसमें भाई-भतीजावाद या भ्रष्टाचार की कोई गुंजाइश नहीं रही।

औद्योगिक विकास का तुलनात्मक आंकड़ा देते हुए उन्होंने बताया कि पहले यूपी में केवल 14 हजार के करीब बड़े उद्योग धंधे संचालित थे, जिनकी संख्या अब निवेश अनुकूल माहौल के कारण बढ़कर 32 हजार के पार जा चुकी है। उन्होंने पुरजोर शब्दों में कहा कि उत्तर प्रदेश अब पिछड़ेपन और “बीमारू राज्य” के पुराने दंश व नकारात्मक छवि से पूरी तरह बाहर निकल चुका है। आज यूपी देश की अग्रणी और शीर्ष मजबूत अर्थव्यवस्थाओं वाले राज्यों की कतार में सबसे आगे खड़ा है और केंद्र सरकार की जनहितैषी योजनाओं को धरातल पर लागू करने में लगातार नंबर वन की भूमिका निभा रहा है।