UP News: संसद के विशेष सत्र में महिला आरक्षण (131वां संशोधन) बिल के गिरने के बाद उत्तर प्रदेश की राजनीति में उबाल आ गया है। इस घटनाक्रम से आक्रोशित उत्तर प्रदेश महिला आयोग की उपाध्यक्ष और भाजपा नेता अपर्णा यादव ने लखनऊ में सड़क पर उतरकर कड़ा विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने विपक्षी दलों, विशेषकर समाजवादी पार्टी और कांग्रेस पर तीखा प्रहार करते हुए उनके झंडे जलाए और इस दिन को भारतीय नारी शक्ति के लिए एक ‘काली रात’ करार दिया।
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“दुर्योधन-दुशासन” से की विपक्ष की तुलना
लखनऊ विधानसभा के बाहर हुए इस प्रदर्शन के दौरान अपर्णा यादव का रौद्र रूप देखने को मिला। उन्होंने विपक्ष की मानसिकता पर हमला बोलते हुए उनकी तुलना महाभारत के नकारात्मक पात्रों से की। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर अपनी भावनाओं को व्यक्त करते हुए उन्होंने लिखा:
“आज इस अंधेरी रात में मैं इन दुर्योधन और दुश्शासन रूपी राजनैतिक पार्टियों का झंडा जला कर सम्पूर्ण भारतीय नारी शक्ति की अस्मिता की ज्योति जलाने आई हूँ।” उन्होंने आगे चेतावनी देते हुए कहा कि भारतीय नारी के अधिकारों का विरोध करने वाली ताकतों को इसका खामियाजा अपने ‘संपूर्ण नाश’ से चुकाना होगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि एक महिला होने के नाते वह इस मुद्दे पर चुप नहीं रह सकती थीं, क्योंकि उनकी अंतरात्मा उन्हें इसकी अनुमति नहीं देती।
विपक्ष पर परिवारवाद और महिला विरोधी होने का आरोप
अपर्णा यादव ने केवल वर्तमान घटनाक्रम पर ही नहीं, बल्कि महिला आरक्षण के इतिहास पर भी बात की। उन्होंने याद दिलाया कि यह पहली बार नहीं है जब महिलाओं के हक को रोका गया है। उन्होंने 1996, 1998 और 2003 के असफल प्रयासों का जिक्र करते हुए कहा कि 2026 में भी विपक्ष ने वही पुरानी मानसिकता दोहराई है।
विरोध के मुख्य बिंदु
साधारण महिलाओं का विरोध: उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष नहीं चाहता कि साधारण परिवारों की महिलाएं राजनीति में आगे बढ़ें और नेतृत्व करें।
परिवारवाद का मुद्दा: अपर्णा के अनुसार, विपक्षी दल केवल अपने परिवार के सदस्यों को ही सत्ता में देखना चाहते हैं और आम महिलाओं के लिए दरवाजे बंद रखना चाहते हैं।
अस्मिता पर चोट: उन्होंने बिल के गिरने को महिलाओं के सम्मान और अधिकारों के खिलाफ एक बड़ा षड्यंत्र बताया।
“देश माफ नहीं करेगा”
प्रदर्शन के दौरान अपर्णा यादव ने राष्ट्रवाद और नारी शक्ति को जोड़ते हुए कहा कि जिस देश के सैनिक कारगिल की चोटियों पर ‘माता दुर्गा’ का जयघोष करते हुए प्राणों की आहुति दे देते हैं, वह देश महिलाओं का अपमान करने वाली ताकतों को कभी बर्दाश्त नहीं करेगा। उन्होंने कहा कि देश की मातृशक्ति इन ‘कलयुगी दुशासनों’ को सबक सिखाकर रहेगी।









