UP New Minimum Wage: नोएडा से गाजीपुर तक श्रमिकों की मौज, अब हर महीने मिलेंगे इतने हजार रुपये

योगी सरकार ने उत्तर प्रदेश के श्रमिकों के लिए न्यूनतम मजदूरी की नई दरें लागू कर दी हैं, जिन्हें राज्यपाल की मंजूरी के बाद आधिकारिक रूप से अधिसूचित कर दिया गया है।

Wrriten By :

Nivedita Kasaudhan

Published On :

अप्रैल 18, 2026

UP New Minimum Wage: उत्तर प्रदेश के करोड़ों श्रमिकों के लिए एक बड़ी खुशखबरी सामने आई है। लंबे समय से वेतन वृद्धि की मांग और नोएडा में हुए विरोध प्रदर्शनों के बाद, योगी सरकार ने राज्य में न्यूनतम मजदूरी (Minimum Wage) की नई दरों को आधिकारिक मंजूरी दे दी है। राज्यपाल की अनुमति मिलते ही इसका नोटिफिकेशन जारी कर दिया गया है, जिससे अब प्रदेश के मजदूरों को बढ़ा हुआ वेतन मिलना सुनिश्चित हो गया है।

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1 अप्रैल 2026 से नई दरें प्रभावी

राज्य सरकार ने श्रमिकों के आर्थिक उत्थान के लिए यह ऐतिहासिक कदम उठाया है। नई मजदूरी दरें 1 अप्रैल 2026 से पूरे उत्तर प्रदेश में लागू मानी जाएंगी। इस नीति की सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि इसमें परिवर्तनीय महंगाई भत्ता (VDA) को भी जोड़ा गया है। इसका अर्थ है कि अब महंगाई बढ़ने के साथ ही श्रमिकों के वेतन में भी स्वतः ही वृद्धि होगी, जो उनके जीवन स्तर को सुधारने में मील का पत्थर साबित होगा।

तीन हिस्सों में बंटा उत्तर प्रदेश

सरकार ने जीवन-यापन की लागत और शहरों के खर्च (Cost of Living) को देखते हुए प्रदेश के सभी जिलों को तीन अलग-अलग श्रेणियों में विभाजित किया है:

1. प्रथम श्रेणी: नोएडा और गाजियाबाद (सर्वाधिक वेतन)

उच्च जीवन लागत सूचकांक के कारण गौतमबुद्धनगर (नोएडा) और गाजियाबाद को पहली श्रेणी में रखा गया है। यहाँ की दरें प्रदेश में सबसे अधिक हैं:

अकुशल (Unskilled): ₹13,690 प्रति माह

अर्द्धकुशल (Semi-skilled): ₹15,059 प्रति माह

कुशल (Skilled): ₹16,868 प्रति माह

2. द्वितीय श्रेणी: प्रमुख नगर निगम वाले जिले

इस श्रेणी में लखनऊ, कानपुर, वाराणसी, आगरा और अन्य नगर निगम वाले जिलों को शामिल किया गया है। यहाँ का रेट कार्ड इस प्रकार है:

अकुशल: ₹13,006 प्रति माह

अर्द्धकुशल: ₹14,306 प्रति माह

कुशल: ₹16,025 प्रति माह

3. तृतीय श्रेणी: शेष जिले

प्रदेश के अन्य सभी छोटे और ग्रामीण जिलों को तीसरी श्रेणी में रखा गया है, जहाँ दरें निम्नवत हैं:

अकुशल: ₹12,356 प्रति माह

अर्द्धकुशल: ₹13,590 प्रति माह

कुशल: ₹15,224 प्रति माह

आर्थिक सुधार और शोषण पर लगाम

यह नई न्यूनतम मजदूरी नीति उद्योगों और श्रमिकों के बीच एक बेहतर संतुलन बनाएगी। महंगाई भत्ता (VDA) जुड़ने से अब हर साल कमाई बढ़ने का रास्ता साफ हो गया है। यह निर्णय न केवल मजदूरों के शोषण को रोकेगा, बल्कि उत्तर प्रदेश को एक मजबूत और खुशहाल कार्यबल प्रदान करने में भी सहायक होगा।

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