UP Weather: उत्तर प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में मंगलवार सुबह से ही मानसूनी बादलों ने डेरा डाल दिया है और झमाझम बारिश का दौर शुरू हो गया है। बीते कई हफ्तों से रिकॉर्डतोड़ और भीषण गर्मी की मार झेल रहे आम जनमानस को इस मानसूनी फुहार से जबरदस्त राहत मिली है। जहाँ हाईटेक सिटी नोएडा और दिल्ली-एनसीआर के इलाकों में सुहावनी रिमझिम फुहारें पड़ रही हैं, वहीं संभल और सोनभद्र जिलों में हुई मूसलाधार बारिश ने नगर निकायों की पोल खोल दी है। इन क्षेत्रों के कई रिहायशी इलाकों और मुख्य मार्गों पर भारी जलजमाव (Waterlogging) की स्थिति पैदा हो गई है। इसी तरह, बुलंदशहर में मानसून की पहली ही तेज बारिश ने खुर्जा नगर पालिका के जल निकासी के तमाम दावों को ध्वस्त कर दिया, जिससे कॉलेज रोड सहित कई प्रमुख इलाकों में पानी भरने से स्थानीय नागरिकों और राहगीरों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
मौसम विभाग का पूर्वानुमान और देशव्यापी मौसमी सिस्टम
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के वैज्ञानिकों के अनुसार, उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी (Bay of Bengal) के ऊपर एक मजबूत लो प्रेशर सिस्टम यानी कम दबाव का क्षेत्र सक्रिय हो गया है। इस शक्तिशाली मौसमी प्रणाली के प्रभाव से आने वाले कुछ दिनों तक देश के कई राज्यों में मूसलाधार वर्षा होने के आसार जताए गए हैं। मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि इस चक्रवाती सिस्टम के चलते उत्तर प्रदेश के तमाम अंचलों में अच्छी और व्यापक बारिश दर्ज की जाएगी। इसके अतिरिक्त, आगामी तीन दिनों के भीतर दक्षिण-पश्चिम मानसून के उत्तर अरब सागर के बचे हुए हिस्सों सहित गुजरात, हरियाणा, पंजाब और राजस्थान के शेष भागों में तेजी से आगे बढ़ने के लिए वायुमंडलीय परिस्थितियां पूरी तरह से अनुकूल बनी हुई हैं।
यूपी के 60 से अधिक जनपदों में आंधी-तूफान का ‘येलो अलर्ट’
मौसम विभाग ने उत्तर प्रदेश की प्रशासनिक सीमाओं के भीतर आने वाले करीब 60 से अधिक जिलों के लिए आकाशीय बिजली (Lightning Strike), तेज आंधी-तूफान और भारी बारिश की दोहरी चेतावनी जारी करते हुए ‘येलो अलर्ट’ (Yellow Alert) घोषित किया है। इस चेतावनी के दायरे में आने वाले प्रमुख जिलों में राजधानी लखनऊ, कानपुर देहात, प्रयागराज, वाराणसी, गोरखपुर, आगरा, मेरठ, गाजियाबाद, गौतमबुद्धनगर (नोएडा), बुलंदशहर, अलीगढ़, मथुरा, झांसी, बरेली, मुरादाबाद, अयोध्या, बाराबंकी, सुल्तानपुर, सीतापुर, हरदोई, पीलीभीत और लखीमपुर खीरी शामिल हैं। इन सभी क्षेत्रों के जिला प्रशासनों को मुस्तैद रहने को कहा गया है क्योंकि यहाँ छिटपुट से लेकर अति भारी वर्षा और वज्रपात की प्रबल आशंका है।
औसत वर्षा के आंकड़ों में भारी गिरावट
मौसम विभाग द्वारा जारी आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, इस चालू मानसून सीजन में पूरे उत्तर प्रदेश के भीतर अब तक औसतन मात्र 73.4 मिलीमीटर (मिमी) वर्षा रिकॉर्ड की गई है, जो कि सामान्य औसत 134.5 मिमी के मुकाबले लगभग 45 प्रतिशत कम है। अगर क्षेत्रीय स्तर पर देखें तो पूर्वी उत्तर प्रदेश में 1 जून से लेकर अब तक औसतन 69.1 मिमी वर्षा हुई है, जो इसके सामान्य स्तर 150.6 मिमी से पूरे 54 फीसदी कम है। वहीं, पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिलों में औसतन 79.5 मिमी वर्षा दर्ज की गई है, जो सामान्य 111.9 मिमी के पैमाने से 29 प्रतिशत कम आंकी गई है। हालांकि, मौसम वैज्ञानिकों को पूरी उम्मीद है कि वर्तमान में सक्रिय हुए बारिश के इस नए दौर (Monsoon Spell) से सूबे में पानी की इस भारी कमी को काफी हद तक पाट लिया जाएगा।










