
UP News: उत्तर प्रदेश में योगी सरकार ने श्रमिकों की न्यूनतम मजदूरी बढ़ाने का फैसला किया है। नई दरों के लागू होने से मजदूरों को हर महीने 174.25 रुपये से लेकर 238.39 रुपये तक का अतिरिक्त फायदा मिलेगा। संशोधित मजदूरी दरें 1 अक्टूबर 2026 से लागू होंगी और 31 मार्च 2027 तक प्रभावी रहेंगी। इससे औद्योगिक इकाइयों और प्रतिष्ठानों में काम करने वाले अकुशल, अर्द्धकुशल और कुशल श्रमिकों को राहत मिलेगी।
यूपी में न्यूनतम मजदूरी बढ़ी
उत्तर प्रदेश में काम करने वाले मजदूरों के लिए राहत भरी खबर है। योगी सरकार ने श्रमिकों के परिवर्तनीय महंगाई भत्ते यानी वीडीए की संशोधित दरें तय कर दी हैं। इससे न्यूनतम मजदूरी में बढ़ोतरी होगी और मजदूरों को हर महीने पहले के मुकाबले ज्यादा पैसा मिलेगा।
सरकार के इस फैसले का फायदा अलग-अलग औद्योगिक इकाइयों, प्रतिष्ठानों और संबंधित अनुसूचित नियोजनों में काम करने वाले श्रमिकों को मिलेगा। खास बात यह है कि मजदूरी की बढ़ी हुई दरें 1 अक्टूबर से प्रभावी मानी जाएंगी। यानी पात्र श्रमिकों को नई दरों के हिसाब से भुगतान मिलना चाहिए। हालांकि, वास्तविक भुगतान संबंधित श्रेणी और लागू न्यूनतम मजदूरी दर पर निर्भर करेगा।
महंगाई सूचकांक के आधार पर तय हुई नई मजदूरी दरें
श्रमिकों की न्यूनतम मजदूरी में यह बदलाव जनवरी से जून 2026 के दौरान अखिल भारतीय उपभोक्ता मूल्य सूचकांक के औसत 431 अंकों के आधार पर किया गया है। इसी आधार पर परिवर्तनीय महंगाई भत्ते की नई दरें निर्धारित की गई हैं।श्रम विभाग ने नियोजकों, औद्योगिक इकाइयों और प्रतिष्ठानों को निर्देश दिए हैं कि वे श्रमिकों को संशोधित दरों के अनुसार न्यूनतम मजदूरी का भुगतान सुनिश्चित करें। भुगतान करते समय यह ध्यान रखना होगा कि कर्मचारी अकुशल, अर्द्धकुशल या कुशल श्रेणी में आता है और उसका कार्यस्थल किस क्षेत्र में है।
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि अगर किसी कर्मचारी को पहले से तय न्यूनतम दर से अधिक मजदूरी मिल रही है, तो उसकी मौजूदा अधिक दर को जारी रखा जाएगा।
गौतम बुद्ध नगर और गाजियाबाद में कितनी बढ़ी मजदूरी?
गौतम बुद्ध नगर और गाजियाबाद में काम करने वाले श्रमिकों के लिए नई दरें तय कर दी गई हैं। इन दोनों जिलों में मजदूरी की बढ़ोतरी अन्य जिलों के मुकाबले ज्यादा है।
- अकुशल श्रमिक: पहले 13,690 रुपये मिलते थे, अब 13,883.59 रुपये मिलेंगे। यानी हर महीने 193.59 रुपये की बढ़ोतरी।
- अर्द्धकुशल श्रमिक: मजदूरी 15,059 रुपये से बढ़ाकर 15,271.41 रुपये कर दी गई है। इससे हर महीने 212.41 रुपये ज्यादा मिलेंगे।
- कुशल श्रमिक: पहले 16,868 रुपये मिलते थे, अब 17,106.39 रुपये मिलेंगे। यानी 238.39 रुपये का अतिरिक्त फायदा।
इस तरह इन दोनों जिलों में कुशल श्रमिकों को सबसे ज्यादा मासिक बढ़ोतरी मिलेगी।

नगर निगम वाले जिलों में नई न्यूनतम मजदूरी कितनी होगी?
गौतम बुद्ध नगर और गाजियाबाद को छोड़कर नगर निगम वाले अन्य जिलों में भी न्यूनतम मजदूरी बढ़ाई गई है। यहां अकुशल श्रमिकों की मासिक मजदूरी 13,006 रुपये से बढ़ाकर 13,189.68 रुपये कर दी गई है। इससे हर महीने 183.68 रुपये ज्यादा मिलेंगे।
वहीं, अर्द्धकुशल श्रमिकों की मजदूरी 14,306 रुपये से बढ़ाकर 14,507.46 रुपये तय की गई है। यानी उन्हें 201.46 रुपये का अतिरिक्त लाभ मिलेगा। कुशल श्रमिकों की मजदूरी 16,025 रुपये से बढ़ाकर 16,250.86 रुपये कर दी गई है। इससे हर महीने 225.86 रुपये ज्यादा मिलेंगे।
यूपी के दूसरे जिलों में मजदूरों को कितना फायदा?
प्रदेश के बाकी जिलों में भी अकुशल, अर्द्धकुशल और कुशल श्रमिकों की मजदूरी बढ़ाई गई है। नई दरों के मुताबिक, अकुशल श्रमिकों को अब हर महीने 12,530.25 रुपये मिलेंगे, जबकि पहले उन्हें 12,356 रुपये मिलते थे। इस तरह 174.25 रुपये की बढ़ोतरी हुई है।
अर्द्धकुशल श्रमिकों की मजदूरी 13,590 रुपये से बढ़ाकर 13,782.30 रुपये कर दी गई है। इससे हर महीने 192.30 रुपये का अतिरिक्त फायदा मिलेगा। वहीं, कुशल श्रमिकों की मजदूरी 15,224 रुपये से बढ़ाकर 15,438.42 रुपये तय की गई है। यानी उन्हें 214.42 रुपये ज्यादा मिलेंगे।
31 मार्च 2027 तक लागू रहेंगी नई मजदूरी दरें
योगी सरकार की ओर से तय की गई संशोधित मजदूरी दरें 1 अक्टूबर 2026 से 31 मार्च 2027 तक लागू रहेंगी। श्रम विभाग ने संबंधित प्रतिष्ठानों को नई दरों के हिसाब से भुगतान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
इस फैसले से प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों में काम करने वाले श्रमिकों की मासिक आय में कुछ बढ़ोतरी होगी। हालांकि, हर मजदूर को मिलने वाला अतिरिक्त पैसा उसकी श्रेणी और कार्यस्थल पर लागू दर के अनुसार अलग-अलग होगा। श्रमिकों को अपनी नई मजदूरी की जानकारी संबंधित नियोक्ता या श्रम विभाग से प्राप्त करनी चाहिए।











