CM Yogi Adityanath : यूपी में महावृक्षारोपण अभियान शुरू, मुख्यमंत्री योगी ने गोरखपुर में लगाया पौधा

उत्तर प्रदेश में महावृक्षारोपण अभियान की भव्य शुरुआत हो गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर में पौधा लगाकर अभियान का शुभारंभ किया। इस बार सरकार ने करोड़ों पौधे लगाने का लक्ष्य रखा है। आखिर इस अभियान की खासियत क्या है और इससे पर्यावरण को कितना लाभ मिलेगा, जानिए पूरी रिपोर्ट।

CM Yogi Adityanath

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

जुलाई 12, 2026

CM Yogi Adityanath :  उत्तर प्रदेश में पर्यावरण संरक्षण की दिशा में आज एक बेहद बड़ा और ऐतिहासिक कदम उठाया गया है। राज्य में ‘महावृक्षारोपण अभियान 2026’ की भव्य शुरुआत हो चुकी है। इस विशाल अभियान का मुख्य लक्ष्य पूरे उत्तर प्रदेश में रिकॉर्ड 35 करोड़ पौधे लगाने का रखा गया है। इस बार के अभियान की सबसे खास बात इसकी थीम है, जिसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के राष्ट्रव्यापी आह्वान पर ‘एक पेड़ मां के नाम’ रखा गया है। इसी क्रम में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने खुद गोरखपुर में इस अभियान के तहत पहला पौधारोपण कर पूरे प्रदेश को पर्यावरण चेतना का संदेश दिया।

वृक्षारोपण को सीएम योगी ने बताया ईश्वरीय कार्य और मानवता की सेवा

अभियान की शुरुआत के अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक अत्यंत प्रेरणादायक संदेश साझा किया। उन्होंने लिखा कि वृक्षारोपण केवल एक सरकारी कार्यक्रम नहीं है, बल्कि यह एक ईश्वरीय कार्य है। सीएम योगी के अनुसार, पेड़ लगाना पूरी सृष्टि की सच्ची सेवा है, मानवता की सच्ची उपासना है और हमारे सुरक्षित भविष्य का एक मजबूत संकल्प है। उन्होंने कहा कि इसी पवित्र और सेवा भाव के साथ आज शिवावतारी महायोगी गुरु श्री गोरखनाथ जी की पावन तपोभूमि गोरखपुर से इस महावृक्षारोपण यज्ञ का विधिवत शुभारंभ किया जा रहा है।

26 विभागों का समन्वय और किसानों को कार्बन क्रेडिट का अनोखा उपहार

इस विशाल महाअभियान को धरातल पर सफल बनाने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार के 26 अलग-अलग सरकारी विभागों को एक साथ बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई है। सीएम योगी ने बताया कि इन सभी विभागों के आपसी तालमेल और समन्वित प्रयासों के जरिए महज एक ही दिन में पूरे प्रदेश के भीतर 35 करोड़ पौधों का रोपण सुनिश्चित किया जा रहा है। इस अभियान के तहत कई महत्वपूर्ण आयोजन किए जा रहे हैं, जिनमें पवित्र ‘त्रिवेणी’ का रोपण, विशेष ‘विकास वाटिका’ की स्थापना और औषधीय गुणों से भरपूर ‘मौलश्री’ के पौधों का रोपण शामिल है। इसके अलावा, पर्यावरण अनुकूल खेती को बढ़ावा देने वाले किसानों को प्रोत्साहित करने के लिए ‘कार्बन क्रेडिट प्रमाण-पत्र’ का वितरण भी किया जा रहा है, जिससे यह अभियान जनभागीदारी का एक विराट उत्सव बन गया है।

भारतीय संस्कृति में प्रकृति संरक्षण केवल जिम्मेदारी नहीं बल्कि कृतज्ञता का भाव

मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में भारतीय संस्कृति और प्रकृति के अटूट संबंधों पर भी विशेष प्रकाश डाला। उन्होंने देशवासियों को समझाया कि भारत की महान संस्कृति में प्रकृति की रक्षा करना केवल कोई कानूनी या पर्यावरणीय जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि यह प्रकृति के प्रति हमारे दिल से निकले सम्मान और कृतज्ञता की भावना को दर्शाता है। हम आदिकाल से ही इस पृथ्वी को अपनी माता मानते आए हैं, नदियों को जीवन देने वाली जीवनदायिनी और वृक्षों को हमारे जीवन का मुख्य आधार यानी प्राणवायु का स्रोत स्वीकार करते हैं। यही वजह है कि हमारे लिए यह वृक्षारोपण एक औपचारिक कार्यक्रम न होकर, प्रकृति के प्रति आभार जताने का एक महापर्व है, जिसने हमें जीवन, अन्न, जल और ऊर्जा प्रदान की है।

सीएम योगी की प्रदेशवासियों से भावुक अपील: पौधे लगाने के साथ करें संरक्षण

इससे पहले 11 जुलाई को भी सीएम योगी आदित्यनाथ ने इस महायज्ञ की पूर्व संध्या पर तैयारी को लेकर प्रदेशवासियों से सीधे जुड़ने की अपील की थी। उन्होंने कहा था कि यह हरित अभियान केवल सरकार का नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के प्रति हमारी जिम्मेदारी और एक ‘विकसित उत्तर प्रदेश’ के सपने को सच करने का सबसे बड़ा जनउत्सव है। उन्होंने पीएम मोदी के विजन को याद दिलाते हुए जनता से कहा कि हर नागरिक को अपनी मां के सम्मान में कम से कम एक पौधा जरूर लगाना चाहिए। सीएम योगी ने एक बेहद गहरी बात कही कि पौधा लगाना तो केवल एक ‘सृजन’ है, लेकिन उस पौधे को जिंदा रखना और उसका ‘संरक्षण’ करना ही हमारी असली संस्कृति है। उन्होंने सभी से इस अभियान को एक जनआंदोलन बनाने की अपील की।

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