UP Encounter: उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद जिले के शिकोहाबाद थाना क्षेत्र में शुक्रवार को एक अत्यंत साहसी और महत्वपूर्ण पुलिस मुठभेड़ हुई। नीम खेड़िया गांव के पास हुई इस मुठभेड़ में इटावा पुलिस और बदमाशों के बीच जबरदस्त गोलीबारी हुई, जिसमें दो कुख्यात अपराधियों को मार गिराया गया है। यह मुठभेड़ उस समय शुरू हुई जब इटावा एसओजी की टीम एक लूट की घटना के आरोपियों का पीछा कर रही थी। बदमाशों ने स्वयं को पुलिस से घिरता देख उन पर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में दोनों अपराधी ढेर हो गए। इस घटना ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है और मौके पर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।
दो पुलिसकर्मी घायल, सर्च ऑपरेशन जारी
मुठभेड़ के दौरान हुई गोलीबारी में इटावा एसओजी के दो बहादुर पुलिसकर्मी, पुष्पेंद्र और डेविड, गोली लगने से घायल हो गए हैं। घायल जवानों को तत्काल इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया है। घटना के बाद फिरोजाबाद के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) आदित्य लांगहे सहित जिले के आला अधिकारी घटनास्थल पर पहुंच गए। पुलिस ने पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी है और खेतों में सघन सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि कहीं कोई अन्य साथी तो नहीं छिपा है। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यह केवल पुलिस और अपराधियों के बीच की मुठभेड़ है और इससे जुड़ी बंधक बनाने जैसी कोई भी अन्य अफवाह पूरी तरह निराधार है।
एक दर्जन मुकदमों का आरोपी और कुख्यात इतिहास
पुलिस सूत्रों के अनुसार, मारे गए दोनों बदमाश इटावा में हाल ही में हुई एक डॉक्टर के साथ लूटपाट की घटना में मुख्य आरोपी थे। उनके आपराधिक इतिहास की बात करें तो दोनों के खिलाफ अलग-अलग थानों में करीब एक दर्जन संगीन आपराधिक मामले दर्ज थे। ये अपराधी लंबे समय से पुलिस की वांछित सूची में थे और पुलिस को इनकी सरगर्मी से तलाश थी। पुलिस ने बताया कि अपराधी ट्रेन के जरिए भागने की फिराक में थे, लेकिन मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने जाल बिछाया और उन्हें शिकोहाबाद के पास घेर लिया। इन अपराधियों का अंत होना क्षेत्र में कानून-व्यवस्था की दृष्टि से एक बड़ी सफलता माना जा रहा है।
उत्तर प्रदेश में बढ़ता एनकाउंटर अभियान और सुरक्षा का संदेश
उत्तर प्रदेश में अपराधी तत्वों के खिलाफ पुलिस की यह कार्रवाई निरंतर जारी है। हालिया आंकड़ों पर नजर डालें तो पिछले नौ वर्षों में राज्य में 17,000 से अधिक पुलिस मुठभेड़ें हुई हैं, जिनमें लगभग 300 खतरनाक अपराधियों को मार गिराया गया है। यह आंकड़ा स्पष्ट करता है कि प्रदेश सरकार और पुलिस प्रशासन ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति पर काम कर रहे हैं। फिरोजाबाद की इस मुठभेड़ ने एक बार फिर अपराधियों को संदेश दिया है कि कानून का हाथ बहुत लंबा है और राज्य की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। फिलहाल पुलिस घटनास्थल से साक्ष्य जुटा रही है और पूरे मामले की बारीकी से जांच की जा रही है।










