UP Election 2027: संसद में ‘संविधान (131वां) संशोधन विधेयक 2026’, ‘परिसीमन विधेयक, 2026’ और ‘संघ राज्य विधि (संशोधन) विधेयक, 2026’ पर गहन चर्चा चल रही है। इस दौरान गृह मंत्री अमित शाह ने महिला आरक्षण को लागू करने की प्रक्रिया और भविष्य के चुनावों की रूपरेखा पर सरकार का पक्ष मजबूती से रखा। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार का उद्देश्य महिलाओं को विधायी निकायों में उचित भागीदारी देना है, लेकिन इसके साथ ही उन्होंने चुनावी प्रक्रियाओं से जुड़ी आशंकाओं पर भी विराम लगाया।
यूपी चुनाव 2027 और पुरानी निर्वाचन व्यवस्था
बताते चले कि, गृह मंत्री अमित शाह ने उत्तर प्रदेश की राजनीति और 2027 के विधानसभा चुनावों को लेकर एक बड़ा बयान दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि साल 2027 में होने वाले यूपी विधानसभा चुनाव पुरानी सीटों और पुरानी व्यवस्था के आधार पर ही लड़े जाएंगे। अमित शाह ने कहा कि 2029 तक देश में जो भी चुनाव होंगे, उनमें सीटों के ढांचे में कोई बदलाव नहीं होगा। उन्होंने चुटकी लेते हुए कहा कि समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव को फिलहाल डरने की जरूरत नहीं है, क्योंकि परिसीमन का प्रभाव इस चुनाव पर नहीं पड़ेगा।
अखिलेश यादव की ‘षड्यंत्र’ वाली आशंका और सीटों का गणित
अखिलेश यादव ने लोकसभा में सरकार की मंशा पर सवाल उठाए थे। अखिलेश यादव ने आशंका जताई थी कि महिला आरक्षण के बहाने कोई बड़ा राजनीतिक ‘षड्यंत्र’ तो नहीं रचा जा रहा है? उन्होंने तर्क दिया था कि यदि परिसीमन होता है, तो यूपी विधानसभा की सीटें 403 से बढ़कर 500 या 600 तक पहुँच सकती हैं। अखिलेश ने सरकार को आगाह करते हुए कहा था कि जैसे अयोध्या में भाजपा की हार हुई, वैसे ही अगर किसी साजिश के तहत सीटें बदली गईं, तो भाजपा फिर से यूपी हार जाएगी।
परिसीमन आयोग 2026 के बाद सीटों का संभावित ढांचा
यदि ‘परिसीमन आयोग 2026’ से संबंधित विधेयक पास होता है और जनगणना के बाद इसे लागू किया जाता है, तो उत्तर प्रदेश का राजनीतिक मानचित्र पूरी तरह बदल जाएगा। अनुमानों के मुताबिक, यूपी में विधानसभा सीटों की संख्या 403 से बढ़कर 605 हो सकती है। इसी तरह, लोकसभा सीटों की संख्या भी 80 से बढ़कर 120 होने की संभावना है। अखिलेश यादव ने इसी बदलाव को लेकर सवाल पूछा था कि आखिर वो 35 प्रतिशत आरक्षित सीटें कौन सी होंगी और इसका आधार क्या होगा?
गृह मंत्री का अखिलेश पर कटाक्ष और चुनावी भविष्य
अमित शाह ने सदन में अखिलेश यादव के डर को दूर करते हुए उन पर तंज भी कसा। शाह ने कहा, “2027 की व्यवस्था नहीं बदलेगी, इसलिए डरने की बात नहीं है। हालांकि, अखिलेश जी जीतेंगे नहीं, यह एक अलग बात है, लेकिन व्यवस्था पुरानी ही रहेगी।” गृह मंत्री के इस बयान ने यह साफ कर दिया है कि निकट भविष्य के चुनावों में सीटों के परिसीमन को लेकर फिलहाल कोई फेरबदल नहीं होने जा रहा है, जिससे विपक्षी दलों की ‘सीटों के बढ़ने’ वाली घबराहट पर फिलहाल विराम लग गया है।









