UP Crime: उत्तर प्रदेश में लगातार हो रही आपराधिक घटनाओं और हादसों को लेकर बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने गहरी चिंता व्यक्त की है। गाजियाबाद के खोड़ा इलाके में हुए सूर्या चौहान हत्याकांड के बाद मायावती ने सूबे की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं और सरकार को कानून का राज स्थापित करने की नसीहत दी है।
उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए इस घटना को अति दुखद और चिंताजनक बताया। मायावती ने शासन और प्रशासन से मांग की है कि वह प्रदेश में बढ़ रहे अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए तुरंत कड़े और प्रभावी कदम उठाए, ताकि आम जनता में असुरक्षा की भावना पैदा न हो।
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गाजियाबाद के सूर्या चौहान हत्याकांड पर उठाए गंभीर सवाल
बसपा प्रमुख मायावती ने गाजियाबाद के खोड़ा निवासी नौजवान युवक सूर्या चौहान की निर्मम हत्या पर गहरा शोक व्यक्त किया। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि इस प्रकार की हिंसक घटनाएं समाज में डर का माहौल पैदा करती हैं। उन्होंने प्रशासन को सख्त लहजे में चेतावनी देते हुए कहा कि इस हत्याकांड में शामिल सभी अपराधियों की जल्द से जल्द पहचान की जाए और उन्हें कानून के दायरे में लाकर कड़ी से कड़ी सजा दिलवाई जाए।
मायावती ने अपने बयान में आगे एक महत्वपूर्ण राजनीतिक और सामाजिक चेतावनी भी दी। उन्होंने कहा कि जैसे-जैसे आगामी चुनाव का समय नजदीक आता जाएगा, इस तरह की आपराधिक घटनाओं के समाज पर और भी ज्यादा व्यापक और घातक दुष्परिणाम देखने को मिल सकते हैं। इसलिए सरकार और खुफिया तंत्र को पूरी तरह सतर्क और मुस्तैद रहने की जरूरत है, ताकि कोई भी तत्व माहौल न बिगाड़ सके।
ग्रेटर नोएडा के जेवर में किशोर गोपाल शर्मा की हत्या पर जताई थी नाराजगी
यह कोई पहली घटना नहीं है जिस पर बसपा सुप्रीमो ने नाराजगी जाहिर की हो। इससे ठीक एक दिन पहले, शुक्रवार को मायावती ने ग्रेटर नोएडा के जेवर इलाके में हुए एक और जघन्य अपराध पर सरकार को घेरा था। जेवर में मात्र 15 वर्षीय किशोर गोपाल शर्मा की बेरहमी से हत्या कर दी गई थी।
इस घटना को अति हृदयविदारक बताते हुए मायावती ने मांग की थी कि सरकार इस पूरे मामले की किसी उच्च-स्तरीय एजेंसी से निष्पक्ष जांच कराए। उन्होंने पीड़ित परिवार के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि इस मासूम की जान लेने वाले सभी अभियुक्तों को कानून के तहत ऐसी सजा मिले जो मिसाल बने।
हमीरपुर पुल हादसे और सहारनपुर जातीय हिंसा पर भी रहीं हमलावर
मायावती लगातार उत्तर प्रदेश की हर छोटी-बड़ी घटना पर नजर बनाए हुए हैं और लगातार जनहित के मुद्दों को उठा रही हैं। हमीरपुर जिले में एक निर्माणाधीन सरकारी पुल के अचानक गिर जाने के कारण कई गरीब मजदूरों की दर्दनाक मौत हो गई थी। इस हादसे पर दुख जताते हुए मायावती ने सरकार से मांग की कि वह इस लापरवाही को गंभीरता से ले। उन्होंने बसपा की ओर से मांग रखी कि मृतकों के आश्रितों को तुरंत उचित आर्थिक मुआवजा दिया जाए और मलबे में घायल हुए मजदूरों के मुफ्त और विशेष इलाज की व्यवस्था की जाए।
इससे पहले 11 मई को सहारनपुर के लालवाला गांव में दो पक्षों के बीच हुए हिंसक संघर्ष पर भी मायावती ने गहरी चिंता व्यक्त की थी। इस संघर्ष में दलित वर्ग के कई लोग गंभीर रूप से घायल हो गए थे, जिससे पूरे इलाके में जातीय तनाव फैल गया था। तब मायावती ने पुलिस-प्रशासन से बिना किसी भेदभाव के निष्पक्ष कार्रवाई करने और स्थिति को तुरंत नियंत्रण में लेने की मांग की थी। साथ ही उन्होंने समाज के दोनों पक्षों से शांति, सौहार्द और कानूनी दायरे में रहकर विवाद को सुलझाने की भावुक अपील भी की थी।
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